अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की ओर से मिली संजीवनी

अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की ओर से मिली संजीवनी
Chief Minister Akhilesh Yadav

sandeep tomar | Publish: Dec, 27 2016 08:30:00 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

नोएडा-ग्रनो मेट्रो को जल्द से शुरू करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है

नोएडा: नोएडा-ग्रनो मेट्रो को जल्द से शुरू करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। जहां एक ओर एनएमआरसी तेजी से काम कराने में जुटा हुआ है। वहीं दूसरी ओर रुपयों की वजह से काम में कोई रुकावट पैदा ना हो इसके लिए एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की ओर से प्रयास शुरू हो गए हैं। जिसके तहत बोर्ड के माध्यम से एनएमआरसी को 400 करोड़ रुपए का बजट दिया गया है। ये पूरी रकम की पहली किस्त है। इसकी बाकी किश्ते बाद में दी जाएगी।

प्लानिंग बोर्ड से मिला बजट

अब नोएडा और ग्रेटर मेट्रो रेल को पूूरा करने में रुपयों की वजह से रुकावट का सामना नहीं करना होगा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की ओर से नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो रेल परियोजना के लिए 406 करोड़ रुपए का ऋण जारी कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बोर्ड ने यह ऋण नोएडा- ग्रेटर नोएडा मेट्रो रेल परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए दिया है। यह ऋण की पहली किस्त है। बोर्ड ने इस परियोजना के लिए 1587 करोड़ रुपए का ऋण मंजूर किया है। बाकी का रुपया जल्द से जल्द जारी कर दिया जाएगा।

मिलेगी इस तरह की छूट

एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की ओर से जो मेट्रो रेल परियोजना को यह ऋण दिया गया है वो सात फीसदी प्रतिवर्ष की ब्याज दर से 20 वर्ष की अवधि के लिए होगा। साथ ही इसमें पांच वर्ष की छूट होगी। अगर समय पर ऋण की अदायगी की जाएगी तो परियोजना को ब्याज दर में 0.25 फीसदी की छूट मिलेगी। इसका मतलब साफ है कि एनएमअरसी इस कर्ज में काफी फायदे में रहेगी। जानकारों के अनुसार एनएमआरसी कर्ज का सारा रुपया तय समय में देने में सफल होगी। इस रूट पर काफी लोग हैं जो मैट्रो का सफर करेंगे। ये एनएमआरसी के लिए काफी फायदेमंद रूट साबित होगा।

तय समय से पहले प्रोजेक्ट शुरू होने की योजना समय


यह परियोजना तय समय से 3 माह तेजी से चल रही है। एनएमआरसी के अधिकारियों के अनुसार मेट्रो का निर्माण अगले साल जुलाई में पूरा हो जाएगा। सितंबर में ट्रायल रन के बाद दिसंबर से मेट्रो पब्लिक के लिए शुरू हो जाएगी। आपको बता दें कि यह मेट्रो रेल परियोजना 29.70 किलोमीटर लंबी होगी। इसकी अनुमानित लागत 5,533 करोड़ रुपए होगी। इस रूट पर चार कोच की ट्रेन चलाई जाएगी। शुरूआत में 11 ट्रेनें चलाई जाएगी। वैसे इस परियोजना को अप्रैल 2018 तक पूरा किया जाना है।
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