जानिए, स्वामी ओम ने गांधी परिवार के किस सदस्य से जोड़ा अपना नाम

जानिए, स्वामी ओम ने गांधी परिवार के किस सदस्य से जोड़ा अपना नाम
Swami Omji Maharaj

sandeep tomar | Publish: Jan, 06 2017 05:39:00 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

किसी को नहीं मालूम दिल्ली-एनसीआर में उनका ठिकाना कहां, जितने मुंह उतने किस्से

संजय श्रीवास्तव, नोएडा। विवादों के बीच बेशक स्वामी ओम बिग बॉस के घर से बाहर निकल चुके हैं। उन्हें जानने वाले उनके करतबों को लेकर कतई हैरान नहीं हैं। कुछ समय पहले उन्होंने उग्र हिन्दू का चोला धारण कर हिन्दू महासभा से जुड़ने की कोशिश की थी। वैसे वह कभी खुद को धीरेंद्र ब्रह्मचारी का कजिन बताते हैं तो कभी खुद को संजय गांधी का विश्वस्त सहयोगी।

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स्वामी ओम उत्पाती हैं

हिन्दू महासभा की प्रोटेम कमेटी के महामंत्री आचार्य मदन कहते हैं कि वर्ष 2011 में अचानक स्वामी हिन्दू महासभा के पदाधिकारियों के संपर्क में आए। उस समय मेट्रो खुदाई में एक मस्जिद की दीवार निकलने पर विवाद हो गया था। हिन्दू महासभा का मानना था कि वो एक प्राचीन मंदिर का हिस्सा है। अदालत में किसके नाम से याचिका दायर की जाए, इस पर असमंजस था। तब ओम ने खुद पहलकर अपने नाम से याचिका डलवाई। हालांकि इसके बाद वह अदालत में वकील से भिड़ने से भी बाज नहीं आए। उनकी हरकतें ऐसी थीं कि जल्दी ही इस संगठन ने उन्हें निकाल कर बाहर कर दिया। हालांकि लोगों का ये भी कहना है कि स्वामी उत्पाती तो थे लेकिन बिग बॉस में तो उनका कुछ अलग ही रंग निकलकर आया।

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उत्पाती है ये स्वामी

आचार्य मदन बताते हैं कि वह ऐसे शख्स हैं जो हर प्रोग्राम में येन केन प्रकारेण खुद को आगे लाने और सुर्खियां बटोरने में लगा रहता है। उन्हें नियंत्रित कर पाना बहुत मुश्किल है। अदालत में जब सुभाष पार्क में मेट्रो खुदाई के बाद मंंदिर-मस्जिद का विवाद चल रहा था। तभी उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक शोएब इकबाल ने उन पर जानलेवा हमला किया। इसके बाद उन्हें सुरक्षा मिल गई।

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किसी को नहीं मालूम उनका ठिकाना

वह दिल्ली में रहते हैं या नोएडा या गाजियाबाद या एनसीआर में कहीं-इसके बारे में किसी को नहीं मालूम। उनका न तो कोई करीबी दोस्त है और न ऐसा परिचित। बस लोगों को इतना मालूम है कि उनके पास एक पुरानी मारूति-800 कार है, जिसमें घूमते घामते वह आ धमकते हैं। उन्हें जानने वालों का मानना है कि वह चर्चित धीरेंद्र ब्रह्मचारी के रिश्ते के भाई हैं। उनका असल नाम विनोद झा है। हाल के कुछ बरसों में उन्होंने दिल्ली के हिन्दू संगठनों के बीच ये साबित करने की कोशिश की कि हिन्दूत्व के मसले पर फायरब्रांड नेता बनने की क्षमता रखते हैं।

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खुद को संंजय गांधी का भी करीबी बताया

जो लोग उन्हें जानते हैं, उनके बीच उन्होंने ये भी प्रचारित कर रखा था कि एक जमाने में वह स्वर्गीय संजय गांधी के खास थे। संजय गांधी ब्रिगेड के सक्रिय सदस्य थे। बताया जाता है कि उनके भाई की साइकिल की खानदानी दुकान लोधी गार्डन में है जहां से उन्हें इसलिए निकाल दिया गया, क्योंकि वह वहां से चोरी करते पकड़े गए थे।
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