शस्त्र रखने का शौक पड़ेगा महंगा, जेब में रखनी होगी इतनी भारी भरकम रकम

शस्त्र रखने का शौक पड़ेगा महंगा, जेब में रखनी होगी इतनी भारी भरकम रकम

Rahul Chauhan | Publish: Nov, 18 2018 01:21:50 PM (IST) Noida, Gautam Budh Nagar, Uttar Pradesh, India

नई शस्त्र लाइसेंस योजना जारी होने के बाद जहां एक तरफ हथियार रखने का शौक करने वालों को बड़ी राहत मिली है।

नोएडा। प्रदेश में नई शस्त्र लाइसेंस योजना जारी होने के बाद जहां एक तरफ हथियार रखने का शौक करने वालों को बड़ी राहत मिली है। वहीं दूसरी तरफ अब लोगों को पिस्टल-रिवॉल्वर रखने का शौक महंगा पड़ेगा। दरअसल, नई योजना के तहत नोएडा समेत प्रदेश भर में शस्त्र के लिए बड़े स्तर पर आवेदन आ रहे हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि किन-किन को शस्त्र लाइसेंस जारी होंगे। लेकिन हथियार के शौकीनों को अब यह शौक महंगा पड़ेगा।

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कारण, पिस्टल-रिवॉल्वर रखने के इच्छुक लोगों नया हथियार लेने के लिए एनएससी खरीद, रायफल क्लब, स्टांप फीस, जिला क्रीड़ा समिति शुल्क व रेडक्रॉस शुल्क के रूप में डेढ़ लाख से अधिक रकम सरकारी खजाने में जमा करानी होगी। इसके साथ ही डबल बैरल बंदूक और सिंगल बैरल बंदूक के लिए मोटी रकम तमाम फीस के रूप में सरकारी खजाने में देनी होगी।

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बताया जा रहा है कि शस्त्र रखने के लिए भारी डिमांड के मद्देनजर शासन द्वारा अलग-अलग मदों में शुल्क बढ़ाने का उपाया निकाला है। वहीं जानकारों का कहना है कि इसके चलते कई आवेदकों को झटका लगा है क्योंकि अब शस्त्र रखने के लिए उन्हें मोटी रकम खर्च करनी होगी। गौतमबुद्धनगर के असलाह बाबू अरविंद कुमार का कहना है कि फीस शासन द्वारा तय की गई है। नई पॉलिसी लागू होने के बाद बड़ी मात्रा में आवेदन आ रहे हैं।

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फायरिंग रेंज में टेस्ट की अनिवार्यता नहीं

बता दें कि नई शस्त्र पॉलिसी के तहत आवेदकों को अब फायरिंग रेंज जाकर टेस्ट देने की अनिवार्यता नहीं झेलनी पड़ेगी। शस्त्र लाइसेंस जारी किए जाने के बाद संबंधित को बस खाली शस्त्र से इसे चलाने, कारतूस लोड करने व लॉक व अनलॉक करने का प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाणपत्र हासिल करना होगा।

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इन्हें मिलेगी प्राथमिकता

व्यापारी, संस्थागत, वित्तीय संस्थाएं, उद्यमी, बैंक अपराध पीड़ित, विरासत, सैनिक, अर्धसैनिक, पुलिसकर्मी, सैनिक, अर्धसैनिक, विधायक, सांसद, प्रवर्तन कार्य में लगे कर्मी, राज्य स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज को शस्त्र लाइसेंस की प्राथमिकता पर रखा जाएगा।

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जानें किस हथियार की कितनी फीस

रिवॉल्वर व पिस्टल

बाजार कीमत 90 हजार से 1 लाख रुपये

एनएससी 50 हजार रुपये

रायफल क्लब फीस 5 हजार रुपये

स्टांप फीस 2 हजार रुपये

शुल्क रसीद 1 हजार रुपये

जिला क्रीड़ा समिति फीस 500 रुपये

रेड क्रॉस समिति फीस 500 रुपये

कुल खर्च = 1,59,000

डबल बैरल बंदूक

बाजार कीमत 30 से 40 हजार रुपये

एनएससी फीस 20 हजार रुपये

रायफल क्लब फीस 3500 रुपये

स्टांप फीस 1000 रुपये

रसीद शुल्क 1000 रुपये

जिला क्रीड़ा समिति फीस 250 रुपये

रेड क्रॉस सोसायटी फीस 250

कुल- 86000 रुपये

सिंगल बैरल बंदूक की फीस

बाजार कीमत 25 हजार रुपये

एनएससी 10 हजार रुपये

स्टांप फीस 1000 रुपये

रसीद शुल्क 1000 रुपये

जिला क्रीड़ा समिति फीस 250 रुपये

रेड क्रॉस सोसायटी फीस 250 रुपये

कुल 41 हजार रुपये

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