बिग बाजार में पत्रकार और महिला साथी को बनाया बंधक, पढ़ें चौंकाने वाली वारदात

बिग बाजार में पत्रकार और महिला साथी को बनाया बंधक, पढ़ें चौंकाने वाली वारदात
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sandeep tomar | Publish: Dec, 23 2016 05:24:00 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

कपड़े खरीदने गए पत्रकार और उसकी महिला साथी के साथ बेहद आपत्तिजनक व्यवहार किया गया

नोएडा: बिग बाजार पर देश के प्रधानंमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भरोसा जताया और नोटबंदी के बाद अपनी कैशलेस योजना के लिए चुना उसी कंपनी के एक स्टोर में एक पत्रकार और उनकी महिला साथी ग्राहक के साथ बदसलूकी ही नहीं हुई बल्कि उन्हें बंधक भी बनाया गया। ताज्जुब की बात तो ये है कि जीआईपी मॉल के पास बनी चौकी में कोई नहीं था। इसके अलावा थाना-39 में पहुंचकर वहां लिखे एसओ का फोन मिलाया गया तो उसका ट्रांसफर हो चुका था। पत्रकार ने पूरी कहानी अपने ब्लॉग के माध्यम से सोशल मीडिया पर शेयर की बात खुलकर सामने आई।

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मंगलवार शाम की घटना

पत्रकार ललित फुलारा ने बताया कि मंगलवार शाम जीआईपी मॉल (नोएडा सेक्टर-18) के 'बिग बाजार' स्टोर में, मैं और मेरी दोस्त बिग बाजार में मौजूद थे। वहां एक कपड़ा पसंद आया। काउंटर पर 'प्राइस टैग' से ज्यादा पैसे मांगे गए। इस पर मैंने आपत्ति की कि प्राइस टैग से ज्यादा पैसे कैसे मांगे जा सकते हैं। मेरी कोई बात नहीं सुनी गई और मुझ पर ही टैग बदलने का आरोप लगा दिया गया। इसके बाद मैनेजर हमें दूसरे रूम में ले गया।

बनाया बंधक और की बदसलूकी

हद तो तब हो गई जब दूसरे कमरे में ले जाकर हम दोनों को बंधक बना लिया गया और बदसूलकी की गई। ललित ने बताया कि दूसरे कमरे में और भी 10-12 लोग आ गए। उन सभी ने हम दोनों के साथ बदतमीजी से बात करनी शुरू कर दी। महिला मित्र साथ होने के बावजूद वो अश्लील फब्तियां कसते रहे। अपमानित किया और धमकाया। लगातार दबाव बनाते रहे कि हम यह कबूल कर लें कि 'प्राइस टैग' हमने बदला है।

फुटेज दिखाने से किया इनकार

ललित ने बताया कि उन सभी का व्यवहार गुंडों जैसा था। हमारी छवि की धज्जियां उड़ा रहे थे। वो हंसे जा रहे थे। एक के बाद एक आता और हमें चोर ठहराते हुए-फब्तियां कसता। उंगली दिखाता और घर नहीं जाने देने की धमकी देता। हमने वीडियो फुटेज देखने की मांग की तो हमें गाली दी गई और बोला गया- 'तेरा बाप देखेगा पांच घटें बैठकर वीडियो फुटेज।' वो लोग इतने अंसवेदनशील थे कि मेरी महिला मित्र का भी लिहाज नहीं किया। यह वाकया जीआईपी के बिग बाजार स्टोर में हुआ। बता दें कि बिग बाजार को सरकार ने करेंसी पेमेंट जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना है।

पुलिस में की कंप्लेन


बामुश्किल वहां से निकलने के बाद ललित सेक्टर-18 की चौकी पर पहुंचे तो वहां कोई नहीं मिला। उसके बाद वो थाना-20 आए, लेकिन वहां से पता चला कि घटना थाना-39 की है। थाना-39 पहुंचे तो भी कोई अधिकारी नहीं मिला। थाना इंचार्ज का नंबर मिलाया तो पता चला कि उनका ट्रांसफर पहले ही हो चुका है, काफी देर बाद शिकायत दर्ज कराई गई। ललित की ओर से पुलिस में कंप्लेन की जा चुकी है। बिग बाजार के कंयूनिकेशन हेड राकेश राणा से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमें इस बात का खेद है कि इस तरह की घटना हुई है। हम सीसीटीवी फुटेज देखकर पूरे मामले की जांच करेंगे।
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