हिंदुत्व से पीछे नहीं हट सकती भाजपा

हिंदुत्व से पीछे नहीं हट सकती भाजपा
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sandeep tomar | Publish: Dec, 22 2016 06:21:00 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

भाजपा अपने तरकश के हर तीर चलाने की कोशिश कर रही है

नई दिल्ली/नोएडा. उत्तर प्रदेश चुनाव की अधिसूचना किसी भी वक़्त जारी हो सकती है. ऐसे समय में हर राजनीतिक दल मतदाताओं को अपने पक्ष में मोड़ने की हर सम्भव कोशिश कर रहा है. सपा अपने चिर परिचित अंदाज में अंतिम समय में जातिवादी कार्ड खेल कर बढ़त लेने की कोशिश कर रही है तो मायावती हमेशा की तरह दलितों की राजनीति को आगे रखकर चुनावी रथ हांक रही हैं. ऐसे में भाजपा भी अपने तरकश के हर तीर चलाने की कोशिश कर रही है.
भाजपा इस चुनाव में भी पीएम मोदी के अपने ट्रम्प कार्ड पर यकीन कर रही है और उन्हीं के नाम और काम के सहारे आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है.

राम नाम से पीछे हटी भाजपा

पार्टी की इसी रणनीति के तहत पीएम के काम को लोगों के बीच तरह-तरह से पहुंचाने का काम किया जा रहा है. लेकिन ऐसा भी नहीं है कि बीजेपी पीएम के नाम के बीच राम नाम का सहारा लेने से पीछे हट गयी है. उसे अपने इस कार्ड पर अब भी बहुत भरोसा है. बल्कि कहीं न कहीं यह भी माना जा सकता है कि विकास के मुद्दे के पीछे साम्प्रदायिकता की राजनीति पर भी पूरी तरह काम किया जा रहा है. योगी आदित्यनाथ, साध्वी प्राची, साक्षी महाराज के अल्पसंख्यकों के प्रति दिए गए बयान पार्टी की उसी सोच को दिखाने की कोशिश करते हैं. पश्चिमी दिल्ली के बीजेपी सांसद का बागपत में मुस्लिमों के बारे में की गयी टिप्पणी यही प्रदर्शित करती है.

मायावती ने किया प्रहार

भाजपा के राम मन्दिर निर्माण पर सोच उस समय भी साफ़ हुयी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ की रैली में जय श्री राम का उद्घोष कर पूरा राजनीतिक वातावरण राम मन्दिर के आसपास ला खड़ा कर दिया. विपक्ष ने इस मुद्दे को जमकर उठाया और भाजपा पर खूब हमला बोला. लेकिन भाजपा ने इसे एक अवसर पर कही गयी बात बताया.

भाजपा नेताओं ने प्रवेश वर्मा के बयान पर कोई भी सीधी टिप्पणी करने से मना कर दिया और इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. लेकिन इसी के साथ यह भी सच है कि उनके ऊपर पार्टी ने कोई कार्रवाई भी नहीं की. इससे यह साफ़ होता है कि आने वाले चुनाव में पार्टी इस मुद्दे पर कायम रहेगी. मायावती ने इस मुद्दे पर बीजेपी और सपा दोनों को निशाने पर लेते हुए कहा है कि भाजपा और सपा दोनों ही सांप्रदायिक राजनीति को आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं क्योंकि इससे मतदाताओं को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिश सफल होती है और इसका उन्हें लाभ होता है.

विकास की बात कर रही भाजपा

हालांकि दिनेश शर्मा जैसे भाजपा नेता इस बात से पूरी तरह इनकार करते हैं. उनका कहना है कि नरेंद्र मोदी हमेशा सबके साथ और सबके विकास की बात करते हैं, ऐसे में पार्टी पर किसी भी सम्प्रदाय की राजनीति करने का आरोप नहीं लगाया जा सकता. उनका दावा है कि मोदी की इसी सोच के कारण आज बड़ी मात्रा में अल्पसंख्यक वर्ग उनके साथ जुड़ रहा है.

इसके साथ ही सच यह भी है कि तमाम ज़मीनी मुद्दे यही बताते हैं कि भाजपा आज भी अपने हिंदुत्व के मुद्दे पर न सिर्फ काम कर रही है बल्कि उसे लगातार आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है. यूपी चुनाव में पार्टी विकास के साथ ही इस मुद्दे को भी लेकर चलेगी, इतना तय है.
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