'शरिया अदालतों का इस देश में कोई स्थान नहीं'​

'शरिया अदालतों का इस देश में कोई स्थान नहीं'​
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sandeep tomar | Publish: Dec, 20 2016 06:53:00 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

भाजपा नेता ने कहा, किसी को भी इस देश के संविधान का उल्लंघन करने की इजाजत नहीं दी जा सकती

नई दिल्ली/नोएडा. मद्रास हाई कोर्ट के शरिया अदालतों को बन्द करने के आदेश पर जबरदस्त प्रतिक्रिया हो रही है. भाजपा ने कहा है कि एक स्वस्थ लोकतांत्रिक देश में जहां पर कानून का शासन चलता है, वहां शरिया अदालतों की कोई जगह नहीं हो सकती. 

भाजपा नेता सिद्धार्थनाथ सिंह ने इस मुद्दे पर पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि कुछ लोग अपनी सनक से इस देश को हांकना चाहते हैं, उन्हें इस तरह की अलोकतांत्रिक आदतों से बचना चाहिए. इस देश में शरिया अदालतों के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता. यह देश बाबा साहब अम्बेडकर के बनाये भारतीय संविधान से चलता है और उसी तहत चलेगा. किसी को भी इस देश के संविधान का उल्लंघन करने की इजाजत नहीं दी जा सकती.

हाई कोर्ट में यह उठा था मामला 

मद्रास हाई कोर्ट ने अपने एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण फैसले में यह कहा था कि इस देश में शरिया अदालतों को अलग से चलने की इजाजत नहीं दी जा सकती. अदालत ने इस बात को देश के संविधान के उल्ट मानते हुए कहा था कि इन शरिया अदालतों को एक महीने के अंदर बन्द कर दिया जाना चाहिए. इससे पूर्व खबर थी कि तमिलनाडु और आसपास की कुछ मस्जिदों में कुछ मुस्लिम धर्मगुरु शरिया अदालतें लगा रहे हैं. 

शरिया का संविधान से संबंध नहीं

शरिया अदालतें इस्लामिक कानूनों के आधार पर चलती हैं और उनका देश के संविधान से कुछ सम्बन्ध नहीं होता. अदालत की टिप्पणी इस अर्थ में भी महत्त्वपूर्ण हो जाती है कि इस समय सामान नागरिक आचार संहिता और तीन तलाक जैसे विषयों पर भी देश में जबरदस्त बहस चल रही है. सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक के मुद्दे पर जब केंद्र सरकार का पक्ष जानना चाहा तब केंद्र सरकार ने यह कहा था कि वह मुस्लिम महिलाओं को कानून से दिए अधिकार से वंचित नहीं रखना चाहती. 

आंदोलन की धमकी

जबकि इसी मुद्दे पर मुस्लिम धर्म संगठनों ने इसे अपने हक के साथ छेड़छाड़ बताया था. उनका कहना था कि यह कानून उनकी व्यक्तिगत धार्मिक आज़ादी की बात है और इससे किसी सरकार को छेड़छाड़ करने की इजाजत नहीं दी जायेगी. आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस विषय पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दे रखी है.
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