Tractor Rally में हिंसा के बाद किसान संगठन 'भानू' ने खत्म किया धरना, फिर से खोला गया दिल्ली बॉर्डर

Highlights:

-58 दिनों से जारी चिल्ला बॉर्डर का धरना खत्म करने की घोषणा

-पुलिस ने बैरिकेडिंग हटाई और ट्रैफिक फिर से शुरू कराया

-भाकियू लोकशक्ति जारी रखेगा अपना प्रदर्शन

By: Rahul Chauhan

Published: 28 Jan 2021, 10:28 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

नोएडा। नये कृषि कानूनों को लेकर करीब दो माह से चिल्ला बॉर्डर पर धरना दे रहे भारतीय किसान यूनियन (भानू) ने ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसक घटना व राष्ट्र ध्वज के अपमान से आहत होकर भानु गुट ने अपना धरना वापस लिया है। भारतीय किसान यूनियन (भानू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने चिल्ला बॉर्डर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये घोषणा की। धरना खत्म करते ही चिल्ला बॉर्डर से किसानों के तंबू उखड़ने लगे। इस धरने की वजह से नोएडा से दिल्ली जाने वाला रास्ता करीब 58 दिनों से बंद था। जिसके खुलने से नोएडा और दिल्ली के लोगों को यातायात जाम से राहत मिलेगी।

दरअसल, भाकियू (भानू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि ट्रैक्टर परेड के दौरान जिस तरह से दिल्ली में पुलिस के जवानों के ऊपर हिंसक हमला हुआ तथा कानून व्यवस्था की जमकर धज्जियाँ उड़ाई गई, इससे वे काफी आहत हैं। जिस तरह से लालकिले पर एक धर्म विशेष का झंडा फहराया गया, उससे भी वह दुखी हैं। भारत का झंडा तिरंगा है तथा वह तिरंगे का सम्मान करते हैं। इस घटनाक्रम से वह काफी आहत हैं। 58 दिनों से जारी चिल्ला बॉर्डर का धरना वह खत्म कर रहे हैं।

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अपर डीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि चिल्ला बॉर्डर से किसानों के तंबू उखड़े गए हैं। पुलिस ने क्रेन की मदद से रखे हुए सीमेंट के बैरेकेटिग को हटा लिया है। किसानों ने स्वतः धरना खत्म करने का निर्णय लिया है। किसान धरना स्थल को छोड़ने के बाद यहां पर लगे टेंट आदि को हटाकर यातायात को पुनः सुचारु रुप से चालू कर दिया गया है।

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भाकियू लोक शक्ति जारी रखेगा प्रदर्शन

वहीं भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज सिंह ने कहा कि वह ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं। कुछ असामाजिक तत्वों ने पूरे किसान आंदोलन को बदनाम करने की साजिश रची है। हमने घटनाओं के संबंध में एक बैठक की और निर्णय लिया है कि हम अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।

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