बिल्डर ने पुराने नोट में दी सैलरी, फिर नौकरी से निकाला

बिल्डर ने पुराने नोट में दी सैलरी, फिर नौकरी से निकाला
Delays in salary: get a dull Diwali staff

sandeep tomar | Publish: Dec, 28 2016 08:01:00 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

थाने पहुंचने पर कंपनी मालिक ने कर्मचारियों को पहचान ने से किया इंकार

नोएडा। नोटबंदी में 500 अौर 1000 के नोट न लेने पर एक बिल्डर कंपनी ने करीब 30 कर्मचारियों को निकाल दिया। नौकरी से निकलने का पता लगते ही सभी कर्मचारियों ने बिल्डर आॅफिस पर धरना दे दिया। इसके साथ ही पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची फेज तीन पुलिस ने पीड़ित कर्मचारियों की तहरीर ले ली है। वहीं बिल्डर ने अपने ही कर्मचारियों को पहचानने से इंकार कर दिया। फेज तीन पुलिस कर्मचारियों की शिकायत पर मामले की जांच में जुटी है।

जानकारी के अनुसार अंकित शर्मा अपने परिवार के साथ दिल्ली के रोहिणी में रहते हैं। वह सेक्टर-64 के ए ब्लाक स्थित होम्स काटेक्ट डेवलपर्स बिल्डर कंपनी में जीएम हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अक्टूबर माह में होम्स काटेक्ट डेवलपर्स कंपनी में जीएम के पद पर ज्वाइन किया था। नौकरी ज्वाइन करने के अगले महीने ही नोटबंदी हो गर्इ। एेसे में नवंबर माह में कंपनी ने हमें पुराने नोटों में सैलरी दी। अचानक हुर्इ नोटबंदी के चलते सभी कर्मचारियों ने सैलरी स्वीकार कर ली। साथ ही अगली बार पुराने नोटों में सैलरी न लेने की चेतावनी भी दी थी।

पुराने नोटों में दी सैलरी, लेने से मना करने पर मेल कर नौकरी से निकाला

कंपनी जीएम अंकित ने बताया कि दोबारा से कंपनी मालिक रिषभ ने शनिवार को सभी कर्मचारियों को पुराने ५०० आैर १००० के नोटो में सैलरी दी। नोट न चलने की वजह से सभी कर्मचारियों ने यह पुराने नोटो में सैलरी लेने से इंकार कर दिया। आरोप है कि इस पर कंपनी मालिक ने सभी कर्मचारियों को सोमवार को कंपनी बुलाया। आॅफिस पहुंचने से पहले ही देखा तो सभी को मेल कर कंपनी से निकाले जाने का आॅर्डर था। कंपनी पहुंचने पर मालिक द्वारा गेट पर तैनात किये गये। बाउंसरों ने बदतमीजी की। इस पर पुलिस काे काॅल किया गया।

मालिक ने पहचानने से किया इंकार

सूचना मिलते ही कंपनी पहुंची पुलिस ने बिल्डर और कर्मचारियों की बातचीत करार्इ। इसमें करीब 20 कर्मचारियों के 15 लाख रुपये से अधिक का वेतन कंपनी पर बकाया निकला। पुलिस के सामने कंपनी मालिक ने अपने जीएम से लेकर अन्य कर्इ कर्मचारियों से पहचान ने से ही इंकार कर दिया। फेज तीन पुलिस मामले की जांच में जुट गर्इ है।
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned