अखिलेश ने नोएडा के हरेंद्र को दी असीमित खुशियां

अखिलेश ने नोएडा के हरेंद्र को दी असीमित खुशियां
harendra singh

sandeep tomar | Publish: Dec, 29 2016 07:27:00 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

फुटपाथ पर काम के साथ पढ़ाई करने वाले बच्चे हरेंद्र का अब डॉक्टर बनने का सपना पूरा हो सकेगा

सौरभ शर्मा, नोएडा: नोएडा में फुटपाथ पर काम के साथ पढ़ाई करने वाले बच्चे हरेंद्र का अब डॉक्टर बनने का सपना पूरा हो सकेगा। सीएम अखिलेश यादव की ओर से उसे पांच लाख रुपए की मदद दी जा रही है। जिसकी वजह से अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई कर पाएगा। आज इसकी जानकारी यूपी गवर्नमेंट की ओर से अपने ट्वीटर हैडल पर दी। असीमित खुशियां नाम से चल रहे अखिलेश के इस कैंपेन के तहत हरेंद्र को अब पढ़ाई करने और डॉक्टर बनने का मौका मिलेगा। आपको बता दें के सीएम अखिलेश करीब डेड़ साल पहले हरेंद्र को एक लाख रुपए की मदद कर चुके हैं।




अब मिलेंगे पांच लाख रुपए

सीएम अखिलेश को दरियादिल यूं ही नहीं कहा जाता है। सीएम अखिलेश ने कई ऐसे हुनरमंद लोगों को संवारने का काम किया है जिससे उनकी जिंदगी संवर गई। अब नाम हरेंद्र की जिंदगी को संवारने के लिए अखिलेश यादव ने बीड़ा उठाया है। अखिलेश की ओर से हरेंद्र को उसकी पढ़ाई के लिए पांच लाख रुपए देने का एलान किया है। इन पांच लाख रुपयों से हरेंद्र मेडिकल की पढ़ाई कर सकेगा। हरेंद्र का सपना है कि वो डॉक्टर बने। इस सपने को अखिलेश यादव पूरा करेंगे। सीएम अखिलेश ऐसे ही हुनरमंद और जरुरतमंद लोगों की मदद करने में लगे हुए हैं। पूरे प्रदेश में ऐसे 75 युवाओं की मदद करने में लगे हैं।

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पिछले साल मिली थी हरेंद्र की जानकारी

वर्ष 2015 में हरेंद्र नाम के लडक़े बारे में अखिलेश को जानकारी मिली थी कि वो सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन के बाहर तौलने की मशीन रखकर पढ़ाई करता है। सीएम के बुलाने पर हरेंद्र को जिला प्रशासन ने लखनऊ भेजा था। हरेंद्र के इस जज्बे को देखते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उसे बुलाकर सम्मानित किया और एक लाख रुपये का चेक दिया। अखिलेश की पत्नी और सांसद डिंपल यादव ने सोशल मीडिया पर हरेंद्र की तस्वीर देखी थी और सीएम को बताया, और फिर डीएम से जानकारी लेकर हरेंद्र को अखिलेश ने बुला लिया। आपको बता दें कि उस वक्त नौवीं क्लास में पढ़ रहे हरेंद्र के पापा की नौकरी जून 2015 में चली गई थी और पढ़ाई के लिए पैसे जुटाने के लिए हरेंद्र दो महीने से मेट्रो स्टेशन के बाहर बैठ रहा था।
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