DebateinCollege: खाने का नहीं कोई धर्म, रोटी, कपड़ा और मकान, सभी के लिए एक समान- देखें वीडियाे

मुख्य बातें

  • मुस्लिम डिलीवरी बॉय होने पर युवक ने खाना लेने से किया था इनकार
  • जोमेटों ने भी ट्वीट पर दिया यह था यह जवाब

By: Nitin Sharma

Published: 16 Aug 2019, 03:33 PM IST

नोएडा। कुछ दिन पहले ही मुस्लिम डिलीवरी बॉय से खाना लेने के लिए ग्राहक द्वारा इनकार करने पर सुर्खियों में आई फूड डिलीवरी कंपनी जोमेटों ने भी बड़ा जवाब दिया। जिसके बाद सोशल मीडिया पर यह मुद्दा कई दिनों तक चर्चा का विषय रहा। इसी पर पत्रिका ने कॉलेज में पढऩे वाले छात्रों से राय ली। जिसमें सभी ने एक सुर में कहा कि यह गलत है। खाने का कोई धर्म नहीं है। चाहे फिर वो कोई मुस्लिम दे रहा हो या फिर हिंदू। खाना अपने आप में शुद्ध और साफ है। इन्हें धर्मों के हिसाब से नहीं देखा चाहिए। इसके साथ ही कुछ छात्रों ने इस विषय में फूड डिलीवरी कंपनी द्वारा अपने ग्राहक को दिए गये जवाब की भी सराहना की।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक हिंदू शख्स ने ट्वीट किया था। इसमें युवक ने लिखा था कि मैंने जोमेंटो का एक आर्डर रद्द किया है। उन्होंने मेरा खाना गैर-हिन्दू व्यक्ति के हाथ भेजा और कहा कि वे इसे न तो बदल सकते हैं और न ही आर्डर रद्द करने पर पैसा वापस कर सकते हैं। इस पर शख्स ने जोमेंटो के कस्टमर केयर से की गई बातचीत का स्क्रीनशॉट भी ट्वीट पर साझा किया था। साथ ही जोमेंटो ने इस ट्वीट के जवाब में लिखा, खाने का कोई धर्म नहीं होता है। खाना खुद ही एक धर्म है। इसके बाद से यह चर्चा का विषय बन गया था। इतना ही नहीं लोगों ने इस पर अपने अपने विचार साझा किये।

Nitin Sharma Desk/Reporting
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