DND को टोल फ्री कराने के लिए दूसरा दिन भी जारी रहा अनिश्चित कालीन प्रदर्शन

 DND को टोल फ्री कराने के लिए दूसरा दिन भी जारी रहा अनिश्चित कालीन प्रदर्शन
DND tax free

प्रदर्शनकारियों ने किया ऐलान जब तक टोल को फ्री नहीं किया जाएगा तब तक धरना और प्रदर्शन जारी रहेगा

नोएडा। नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड (एनटीबीसीएल) कंपनी के खिलाफ डीएनडी (दिल्ली नोएडा डायरेक्ट) को टोल फ्री कराने के लिए अनिश्चित कालीन धरना सोमवार को भी जारी रहा। धरने में नोएडा व ग्रेटर नोएडा के दो दर्जन से भी अधिक सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं के अलावा आम जनता भी शामिल है। टोल पर हंगामा न हो लिहाजा रविवार से ही यहां भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। धरना रविवार दोपहर बाद शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया है कि जब तक टोल को फ्री नहीं किया जाएगा तब तक धरना और प्रदर्शन जारी रहेगा।



डीएम से नहीं मिलना चाहते प्रदर्शनकारी

इस बीच इन संगठनों ने मिलकर टोल को जबरन फ्री करवा दिया है। यानि पिछले 24 घंटे से हजारों गाड़िया यहां से फ्री में गुजर चुकी है। बता दें कि इस बीच डीएम एनपी सिंह ने टोल फ्री कराने के मामले पर प्रदर्शनकारियों से मिलने का प्रस्ताव रखा लेकिन प्रदर्शनकारियों ने मिलने से इंकार कर दिया और ऐलान किया है कि जब तक टोल को फ्री नहीं किया जाएगा। तब तक धरना जारी रहेगा।

कई संगठनों का मिला साथ

डीएनडी को टोल को कराने के लिए नोएडा डीएनडी टोल पर अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन शुरू हो गया। इस प्रदर्शन की अगुवाई जनहित मोर्चा संगठन के संरक्षक नवाब सिंह नागर कर रहे हैं। प्रदर्शन में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के 2 दर्जन संगठन एक बैनर तले इकठ्ठा होकर धरने पर बैठ गए है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक डीएनडी टोल को फ्री कराने की मांग को लेकर केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार सहित नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से कई बार मुलाकात की जा चुकी है। बावजूद उसके कोई समाधान नहीं हुआ है जिसके बाद अब जनहित मोर्चा, क्राइम फ्री इंडिया, एनईए, नोएडा ऑटो यूनियन और फोनरवा के लोग इस आंदोलन में शामिल हुए हैं।



कराया टोल फ्री


प्रदर्शन में शामिल लोगों ने डीएनडी को टोल मुक्त कर दिया। जिससे सैकड़ों की संख्या में वाहनों ने नोएडा से दिल्ली व दिल्ली से नोएडा में प्रवेश किया। शांतीपूर्ण प्रदर्शन के बीच संगठन के लोगों ने वार्तालाप का मार्ग अपनी तरफ से बंद कर रखा है। साथ ही डीएनडी पर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए हैं।
 
ये है मामला

नोएडा प्राधिकरण व एनटीबीसीएल कंपनी के बीच हुए करार के तहत टोल को बनाने में 408 करोड़ की लागत आई थी। सालों से यहां टोल वसूला जा रहा है। जिस तरह से रोजाना टोल से हजारों गाड़ियां गुजरती है। उससे टोल कम्पनी की लागत काफी समय पहले पूरी हो चुकी है। मगर इस टोल को अभी भी बंद नहीं किया गया है। आरोप हैं इस टोल कम्पनी को 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से 450 एकड़ जमीन दी गयी थी। जबकि टोल महज 100 एकड़ जमीन पर ही बनाया गया है। जबकि बाकि जमीन को गलत तरीके से टोल कम्पनी अपने काम में लिया हुआ है। यही नहीं प्रतिसाल कंपनी प्राधिकरण को टोल में घाटा दिखाकर टोल दरों में बढ़ोतरी कर रही है।
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