'हलाला है वेश्यावृत्ति के जैसा, खुद मुस्लिम आगे आकर खत्म करें'

'हलाला है वेश्यावृत्ति के जैसा, खुद मुस्लिम आगे आकर खत्म करें'
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sandeep tomar | Publish: Dec, 10 2016 07:29:00 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

'तीन तलाक के बाद कुछ परिस्थितियों में किया जाने वाला हलाला वेश्यावृत्ति के जैसे ही'

नई दिल्ली/नोएडा। तीन तलाक के मसले पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले से शुरु हुई बहस लगातार तेज हो रही है. इस मसले पर विश्व हिन्दू परिषद का कहना है कि तीन तलाक आधी आबादी के हितों पर कुठाराघात है और इसे तत्काल बन्द किया जाना चाहिए. विहिप का कहना है कि तीन तलाक के बाद कुछ परिस्थितियों में किया जाने वाला हलाला वेश्यावृत्ति के जैसे ही किसी भी सभ्य समाज के लिए एक कलंक की तरह है और इस मसले पर विवाद की बजाय खुद मुस्लिम समाज को ही आगे आकर यह कुप्रथा खत्म करनी चाहिए.

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शिया खत्म कर चुके हैं कुप्रथा

विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त सचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं को पीड़ा देने वाला है और इसे तत्काल बन्द किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मसले पर मुस्लिम समाज के अनेक वर्ग भी आगे आये हैं और वे खुलकर इसका विरोध कर रहे हैं. शिया समाज तो पहले से ही इस कुप्रथा को खत्म कर चुका है. सुन्नियों में भी एक वर्ग इसे लेकर अपना विरोध जाता चुका है. ऐसे में सरकार को कुछ लोगों की सनक पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि इसको लेकर कानून लागू कर देना चाहिए.

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क्या हिन्दू कानूनों में बदलाव के पहले भी ली जाती है राय


विहिप नेता ने कहा कि जिस तरह मुस्लिमों के सन्दर्भ में कोई कदम उठाने से पहले इतने विवाद और चर्चा हो रही है, कभी हिन्दू कानूनों में बदलाव के पहले भी कभी कोई बातचीत की गयी? उन्होंने कहा कि सतीप्रथा जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने के पहले कभी कोई सर्वसम्मति की बात अंग्रेजी सरकर के दौरान भी नहीं हुई. सबसे ताजा उदाहरण हिन्दू बेटियों को उनके पिता की सम्पत्ति में अधिकार देने का था. क्या बेटियों को अधिकार देने के पहले कोई जनमत संग्रह किया गया या किसी हिन्दू धर्माचार्य से कोई अनुमति ली गयी? उन्होंने कहा कि अपनी प्रचलित अवधारणा में बदलाव के बावजूद हिन्दू समाज ने इन बदलावों का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि उसी प्रकार मुस्लिम समाज को भी आगे बढ़कर इस फैसले को स्वीकार करना चाहिए.
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