भारत की पहली विश्व स्तरीय Robotic मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उद्घाटन, जानिए कहां और कैसे करेगी काम

Highlights:

-सेक्टर-156 में एडवर्ब टेक्नोलॉजी ने शुरू की मैन्यूफ़ैक्चरिंग यूनिट

-रोबोट का उत्पादन किया जाएगा और रिसर्च और डवलपमेंट का भी काम किया जाएगा

-सैकड़ों इंजीनियरों को मिलेगा रोजगार

By: Rahul Chauhan

Published: 04 Mar 2021, 09:28 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

नोएडा। सेक्टर-156 में एडवर्ब टेक्नोलॉजी ने भारत की पहली विश्व स्तरीय रोबोटिक मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।‘वोट वैली’ नाम की रोबोटिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का उदघाटन नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, एडवर्ब कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर जलाज दानी और नोएडा प्राधिकरण कि सीईओ ऋतु माहेश्वरी ने दीप प्रज्वलित करके किया। इस अवसर पर अमिताभ कांत ने कहा कि यह इंडिया की सबसे बड़ी रोबोटिक फ़ैक्टरी है जो विश्व के मानकों को पूरा करती है यहां पर रोबोट का उत्पादन किया जाएगा इसके अलावा रिसर्च और डवलपमेंट का भी काम किया जाएगा जो कि प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया के सपनों को साकार करती है।

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दरअसल, पहियों पर तेजी से दौड़ने वाले खूबसूरत रोबोट अपना काम बिना किसी बाधा के कर रहे हैं। यह रोबोट वह काम करने के लिए बने हैं जो इंसान नहीं कर सकते हैं। जैसे इंसान 50 किलो 60 किलो भार उठाने के लिए नहीं बने हैं। लेकिन यह रोबोट यह भार बड़ी आसानी से उठा लेते हैं और वहां पर रख कर आ सकते हैं। जहां पर सामान को रखना है। यह रोबट ए-कामर्स कंपनी वेयर हाउस, अस्पताल और एयरपोर्ट पर उपयोगी सिद्ध होगे है। आज उदघाटन के बाद इनका इस्तेमाल किया जा सकेगा। नोएडा के ‘वोट वैली’ जो सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं वह विश्व स्तर की हैं और यहां पर रोबोट के सभी प्रकार के उपकरण बनाए जा रहे हैं। यह रोबोट मेक इन इंडिया मेक फार वर्ड के रूप में कार्य करेगा।

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सोफ्टवेर के जरिए करते हैं काम

इन रोबोटों में सबसे इंपोर्टेंट सॉफ्टवेयर नेवीगेशन होता है। जैसे एक इंसान अपनी इंद्रियों और दिमाग का इस्तेमाल कर कोई काम कर सकता है उसी प्रकार यह रोबोट इनमें लगे सेंसर से चीजों का आकलन करते हैं और जो टास्क दिया जाता है उसे वह पूरा करते हैं। दूसरा जो सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया जा रहा है वह थिंक मैनेजमेंट। यह सॉफ्टवेयर एक साथ काम कर रहे बहुत सारे रोबोट आपस में मैनेज करता है इससे यह रोबोट बिना किसी से टकराए हुए अपना कार्य करते हैं। कोविड-19 जैसी महामारी के दौरान इन रोबोट का इस्तेमाल सैनिटाइजेशन के लिए भी किया जा सकता है।

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इंजीनियरों को मिलेगा रोज़गार

रोबोट के निर्माण के विश्व बाजार पर कई देशों मे विशेष कर चाइना ने इस पर कब्जा किया हुआ है। नोएडा में रोबोटिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की जो फ़ैक्टरी यहां पर लगाई गई है, वह अत्याधुनिक है नोएडा के हाईटेक एरिया के अनुरूप यह फ़ैक्टरी लगाने का सबसे उचित स्थान है। यहां पर 400 से 500 इंजीनियर को रोज़गार मिलेगा। अस्पताल वेयर हाउस एयरपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर के डवलपमेंट में इन रोबोट की आने वाले दिनों में अहम भूमिका होने वाली है।

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