
कोटा. डेंगू व मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्राइवेट अस्पतालों से सहयोग के लिए रविवार को बैठक आयोजित की।
इसमें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएन यादव ने सभी निजी अस्पतालों को निर्देश दिए कि डेंगू जांच के लिए 500 रुपए से ज्यादा शुल्क नहीं वसूला जाए।
सीएमएचओ डॉ. यादव ने बताया कि इस साल डेंगू से 43 मरीज सामने आएं हैं। इनमें से एक की भी मृत्यु नहीं हुई। साथ ही निजी चिकित्सालयों में आने वाले डेंगू, मलेरिया व स्वाइन फ्लू से संबंधित कैसेज व मृतक का पूरा नाम-पता व मोबाइल नम्बर की सूचना सीएमएचओ नियंत्रण कक्ष में देने के लिए पाबंद किया।
सीएमएचओ डॉ. यादव ने आमजन से अपील की है कि जिले में डेंगू जांच के 500 रुपए से ज्यादा वसूलने की शिकायत 07442329259 पर कर सकते हैं।
बैठक में भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के अटके क्लेम व उनसे जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। योजना से जुड़े निजी अस्पतालों के प्रतिनिधि, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. गिरधर गुप्ता, डॉ. रामजी लाल वर्मा, आरसीएचओ डॉ. आरके लवानिया उपस्थित रहे।
कोचिंग संस्थान क्षेत्रों में एंटी लार्वा एक्टिविटी
स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव के निर्देश पर कोचिंग व हॉस्टल क्षेत्रों में रविवार को एंटीलार्वा एक्टिविटी हुई। इसमें खाली भूखण्डों में भरे पानी में दवा डाली गई। साथ ही क्षेत्र के हॉस्टलों में पाइरेथ्रम स्पे्र व कूलरों को भी खाली कराया गया।
गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने 3 सितंबर को डेंगू की जांच में फिर मनमानी शीषर्क से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें शहर की लैब व निजी अस्पतालों में डेंगू जांच के 1800 रुपए तक की वसूली का खुलासा किया था।
Published on:
4 Sep 2016, 11:05 PM IST
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