कभी मायवाती का करीबी था यह कद्द्वार नेता, आज है सलाखों के पीछे

बसपा अपने पुराने नेताओं की घर वापसी कराने की तैयारी में है। लेकिन, यह कद्दावर नेता सलाखों के पीछे पड़ा हुआ है।

By: Kaushlendra Pathak

Published: 10 Feb 2018, 01:29 PM IST

नोएडा। 2019 लोकसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों ने तैयारी शुरू कर दी। खासकर उत्तर प्रदेश में इसकी बिसात बिछनी शुरू हो गई। चाहे वह सपा हो, बसपा हो या फिर भाजपा, सभी ने अपने-अपने समीकरण बनाने शुरू कर दिए हैं। वहीं, बसपा ने एक बार फिर अपने पुराने नेता, जो पार्टी छोड़ चुके हैं या किसी कारण पार्टी छोड़कर गए उन नेताओं की घर वापसी शुरू हो गई है। पार्टी के रणनीतिकार जातिगत और जमीनी नेताओं को वापस लाने के लिए अंदरखाने लगे हुए हैं। लेकिन, इससे अलग कभी मायवती के करीबी रहे अमरपाल शर्मा आज सलाखों के पीछे हैं।


करीब 10 साल रहे बसपा के साथ

मूलरूप से गाजियाबाद के साहिबाबाद के रहने अमरपाल शर्मा करीब 10 साल तक बसपा के साथ रहे। साल 2009 में बसपा से अमरपाल शर्मा लोकसभा चुनाव लड़े। लेकिन, उन्हें मुंह की खानी पड़ी। वहीं, 2012 में बसपा ने उन्हें विधानसभा का चुनाव लड़या। इस चुनाव में उन्हें जीत ली। लेकिन, 2017 चुनाव से ठीक पहले बसपा ने उन्हें बाहर का रास्त दिखाया। इसके बाद अमरपाल शर्मा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस ने उन्हें विधायकी चुनाव लड़वाया, लेकिन अमरपाल शर्मा को जीत नहीं मिली।

 

mayawati ex close leader in jail

बीजेपी नेता का हत्या का आरोप

2 सितंबर 2017 को खोड़ा की इंदिरा विहार कॉलोनी में सवार दो बदमाशों ने बीजेपी नेता गजेंद्र भाटी और बीजेपी के खोड़ा-मकनपुर मंडल अध्यक्ष बलवीर चौहान पर गोलियां बरसाई थीं। इस घटना में गजेंद्र भाटी गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। गजेंद्र भाटी के भाई योगेश की शिकायत पर पुलिस ने कांग्रेस नेता अमरपाल शर्मा समेत दो अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जिसके बाद शर्मा को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया।

अब लगा रासुका

पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मामला दर्ज किया गया है। शर्मा पर गाजियाबाद के बीजेपी नेता गजेंद्र भाटी की हत्या का आरोप है और इसी आरोप में शर्मा बीते सितंबर से जेल में बंद हैं। जिला प्रशासन ने जिला पुलिस प्रमुख की रिपोर्ट के आधार पर बीते मंगलवार को शर्मा पर रासुका लगाया। ऐसे में अब अमरपाल शर्मा को एक साल तक जमानत मिलना मुश्किल हो गया है। अब देखना यह होगा कि पूर्व नेताओं की घर वापसी करा रही बसपा क्या अमरपाल शर्मा पर भी दाव खेलेगी।

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