बड़ी खबर: भाजपा की शिकायत पर चुनाव हो गया निरस्त, मायावती को लगा बड़ा झटका

बड़ी खबर: भाजपा की शिकायत पर चुनाव हो गया निरस्त, मायावती को लगा बड़ा झटका

Kaushlendra Pathak | Publish: Feb, 15 2018 12:54:36 PM (IST) | Updated: Feb, 15 2018 01:16:23 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

भाजपा की शिकायत पर चुनाव को निरस्त कर दिया गया है। चुनाव निरस्त होते ही बसपा के नेताओं ने जमकर बवाल काटा।

नोएडा। मेरठ नगर निगम में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मेयर का चुनाव बसपा की सुनीत वर्मा के जीतने के बाद से ही यहां की स्थानीय राजनीति में लगातार गहमा-गहमी चल रही है। आलम यह है कि कभी राष्ट्रगीत को लेकर भाजपा पार्षद और मेयर के बीच बहस हो जाती है, तो कभी किसी और कारण को लेकर। हाल यह है कि यहां के राजनीति की बयार हमेशा गरम रहती है। इसी कड़ी में गुरुवार को नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का चुनाव निरस्त कर दिया गया है।

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आज होने थे चुनाव


जानकारी के मुताबिक, भाजपा पार्षदों की शिकायत पर नगर आ़ुयक्त ने यह आदेश जारी करके चुनाव के दौरान ही प्रक्रिया को रोक दिया। जिसका कारण चुनाव की अधिसूचना में समय ठीक से दर्ज न होना बताया जा रहा है। चुनाव रद होने की अधिसूचना मिलते ही बसपा और सपा पार्षदों ने इसके विरोध में जमकर हंगामा किया। बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह 10 बजे से टाउन हॉल के तिलक सभागार में कार्यकारिणी के 12 सदस्यों को मतदान के जरिए कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का चुनाव करना था। कार्यकारिणी सदस्य पार्षद सुबह 10 बजे तिलक हॉल में पहुंच गए, सुरक्षा के लिहाज से नगर निगम में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। अचानक 10:25 पर नगर आयुक्त का हस्ताक्षर किया हुए एक नोटिस चस्पा कर दिया गया। जिसमें बताया गया कि भाजपा पार्षदों ने शिकायत की है कि चुनाव कार्यक्रम में दर्ज समय से भ्रम की स्थिति बन रही है। साथ ही पुनरीक्षित बजट में भी अफसरों के हस्ताक्षर नहीं है।

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मेयर ने नगर आयुक्त पर लगाए गंभीर आरोप

पार्षदों की शिकायत के आधार पर नगर आयुक्त ने गुरुवार को कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का चुनाव और पुनरीक्षित बजट की बैठक की अधिसूचना को वापस ले लिया है। चुनाव निरस्त किए जाने की सूचना मिलते ही बसपा गठबंधन पार्षद गुस्सा गए। उन्होंने महापौर पति योगेश वर्मा के नेतृत्व में टाउन हॉल में जमकर हंगामा किया और नारेबाजी की। इसके बाद मेयर सुनीता वर्मा ने अपने पार्षदों के साथ बैठक की और आरोप लगाया कि यह सब कुछ भाजपा के इशारे पर नगर आयुक्त कर रहे हैं, जो कि अनुचित है। उन्होंने कहा कि इसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बारे में उन्होंने नगर आयुक्त को कई बार फोन मिलाया लेकिन वे महापौर का फोन नहीं उठा रहे हैं। फिलहाल, इस चुनाव के निरस्त होने से बसपा को बड़ा झटका लगा है।

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