नोटबंदी के बाद ​हड़ताल पर गए सफाई कर्मी, कूड़ेदान में बदला नोएडा

  नोटबंदी के बाद ​हड़ताल पर गए सफाई कर्मी, कूड़ेदान में बदला नोएडा
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हड़ताल पर गए कर्मचारी, जमा हुआ 5000 टन कचरा

नोएडा। यूपी के शो विडों नोएडा में नोटबंदी के बाद से चारों तरफ बदबू आैर 5000 हजार टन कचरे का ढ़ेर लग गया है। आपकों यह जानकर अजीब जरूर लग रहा होगा। लेकिन, यह सच होने के साथ ही इसके पीछे भी 4600 हजार लोगों की समस्या जुड़ी है। हम आपकों बताते है कि क्यों नोएडा सिटी में लगा है पांच हजार टन कूड़े का ढेर।

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हड़ताल पर गए 4600 कर्मचारी

नोएडा प्राधिकरण में करीब 4600 संविदा सफार्इ कर्मचारी हैं। कर्मचारियों को नोटबंदी के बाद भी अधिकारी उन्हें 500 आैर 1000 रुपये के पुराने नोट में सैलरी दे रहे थे। इस पर छह दिसंबर से ही संविदा कर्मचारियों ने पुराने नोट लेने से इंनकार कर दिया। इसके बाद पुराने नोटों में सैलरी देने के विरोध में संविदा सफार्इ कर्मचारी कामकाज छोड़कर हड़ताल पर चले गए हैं। हर रोज कर्मचारी सुबह से लेकर शाम तक प्राधिकरण के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

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हड़ताल पर जाने के बाद जमा हुआ कचरा

प्राधिकरण के सफार्इ कर्मचारियों के धरने पर जाने के बाद से शहर में कूड़े का ढेर लग गया है। यहां सेक्टरों की अंदरूनी सड़कों से लेकर मुख्य सड़कों तक हर तरफ कचरा फैला हुआ है। लोग इससे परेशान हो गए हैं। वहीं यहीं हाल रहा तो शहर कचरे के पीछे छिप जाएगा।

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10 दिन में इकट्ठा हुआ 5000 टन कचरा

हार्इटेक सिटी नोएडा में हर दिन करीब 5000 टन कचरा इकट्ठा होता है। वहीं दस दिनों से सफार्इ कर्मचारियों के काम पर न लौटने से करीब 5000 हजार टन इकट्ठा हो चुका है। यहीं कारण है कि सेक्टर से लेकर मुख्य सड़कों तक चारों तरफ कूड़ा कचरा फैला हुआ है। वहीं सविंदा कर्मचारी अभी भी हड़ताल से लौटने को तैयार नहीं हैं।
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