नोएडा के उन्‍नति ग्रुप के बिल्डर की खुली पोल

निवेशकों ने बिल्डर की बोलती बंद कर दी जनसुनवाई मे

नोएडा। उन्नति ग्रुप के बायर्स के साथ हुई जनसुनवाई में निवेशकों ने एक-एक करके अपनी समस्याएं उठाईं और बिल्डर द्वारा दिए गए सभी जवाबों को झूठा साबित कर दिया। स्थिति यह हो गई कि बिल्डर और उसके प्रतिनिधि पूरी तरह निरुत्तर होकर बैठे रहे। प्राधिकरण अधिकारियों ने भी बिल्डर प्रतिनिधि को कई मामलों में फटकार लगाई।



नोएडा के सेक्टर-छह स्थित इंदिरा गाधी कला केंद्र में प्राधिकरण अधिकारियों की मौजूदगी में आरन्या उन्नति गुप के निवेशक और बिल्डरों की बैठक हुई। इसमें निवेशकों ने बिल्डर की बोलती बंद कर दी। बैठक में बिल्डर ने कहा कि प्रोजेक्ट का काम इसलिए तेज नहीं हो रहा है क्योंकि कुछ निवेशक डिफाल्टर हो गए हैं। इस पर निवेशकों ने पूछा कि जिन निवेशकों ने 90 प्रतिशत और इससे अधिक पैसा जमा कर दिया है, उन्हें फ्लैट क्यों नहीं दिए जा रहे हैं। निवेशकों ने कहा कि जनवरी में ईमेल के जरिए सभी को मार्च 2017 में फ्लैट दिए जाने की बात कही थी, लेकिन अप्रैल के अंत तक भी मात्र 40 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। निवेशकों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे प्री-पजेशन अमाउंट जमा करें] जबकि अभी 60 प्रतिशत काम बचा है। निवेशकों ने पजेशन, लेट पेनाल्टी, अवैध निर्माण से लेकर ले आउट में बदलाव की समस्या रखी।  

बिल्‍डर ने मांगे सबूत


बिल्डर ने कहा कि काम 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है तो निवेशकों ने प्राधिकरण से मांग की कि मौके पर जांच कराई जाए कि काम कब से बंद पड़ा है और अब तक कितना काम बचा हुआ है। वहीं बढ़े फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) के नाम पर जिन टावरों का निर्माण किया जा रहा है, उनके लिए अभी तक एफएआर बढ़ाए जाने की अनुमति नहीं मिली है। बिल्डर ने कई मामले में निवेशकों से ही सबूत की मांग कर डाली। प्राधिकरण अधिकारियों के सामने निवेशकों ने अपने सारे आरोपों को सबूतों के साथ सही साबित कर दिया। इस पर प्राधिकरण अधिकारियों ने बिल्डर और उसके प्रतिनिधियों को फटकार भी लगाई।

सेक्‍टर 119 में बन रहा है प्रोजेक्‍ट


आरन्या उन्नति गुप  का यह प्रोजेक्ट सेक्टर-119 में 72594 वर्गमीटर जमीन के भूखंड पर बनाया जा रहा है। इसका प्रीमियम करीब 104 करोड़ रुपये था। परियोजना को चार साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। बिल्डर का प्राधिकरण पर करीब 25.26 करोड़ रुपये अभी भी बकाया है। बिल्डर द्वारा आठ टावरों की कंप्लीशन के लिए 16 फरवरी 2017 को प्राधिकरण में आवेदन किया गया था। लेकिन एफएआर खरीदने के लिए पैसा जमा न किए जाने के कारण आवेदन खारिज कर दिया गया।
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sharad asthana
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