45 वर्षों में नोएडा की बदली तस्वीर, कभी दूर-दूर तक फैले थे खेत तो आज चारों तरफ हरियाली और सड़कों का जाल

17 अप्रैल 1976 में नोएडा प्राधिकरण की स्थापना हुई थी। हर वर्ष 17 अप्रैल को नोेएडा स्थापना दिवस मनाया जाता है। नोएडा प्राधिकरण ने कोरोना काल में भी तमाम आयाम स्थापित किए। शहर को विकास की नई ऊंचाईयों पर ले जाने को काम कर रहा है नोएडा प्राधिकरण।

By: Rahul Chauhan

Updated: 16 Apr 2021, 02:17 PM IST

राहुल चौहान@Patrika.com

नोएडा। सपनों का शहर कहे जाने वाले नोएडा को बसे हुए पूरे 45 वर्ष हो चुके हैं। 17 अप्रैल को नोएडा का 46वां स्थापना दिवस है। देश ही नहीं दुनिया के हाइटेक शहरों में शुमार नोएडा ने देश के बड़े आईटी हब, मीडिया हब और रियल एस्टेट हब के रूप में अपनी पहचान कायम की है। यही कारण है कि नोएडा में सैमसंग और माइक्रोसॉफ्ट समेत तमाम बड़ी कंपनियां अपना बड़ा प्लांट लगा चुकी हैं या लगाने जा रही हैं। लेकिन आज के युवा शायद ही जानते होंगे कि एक समय ऐसा था जब इस हाइटके शहर के गांवों में कच्चे रास्ते, गलियारों में फैला नालियों का पानी, दूर तक फैले खेत और दिल्ली बॉर्डर से रिश्तेदारों को बुग्गी पर बैठकर लाने की मजबूरी थी। फिर 17 अप्रैल 1976 में नोएडा प्राधिकरण की स्थापना हुई और इसके बाद से शहर की तस्वीर ही नहीं बदली, बल्कि तकदीर भी बदल गई। आज इस शहर में जमीन की कीमत को आंकना आम लोगों के बस की बात नहीं रह गई है।

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संजय गांधी और एनडी तिवारी की रही अहम भूमिका

बता दें कि नोएडा की नींव विवादस्पद रहे आपातकाल में डाली गई थी। इतना ही नहीं, बताया जाता है कि नोएडा बनने में सबसे बड़ा योगदान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी और यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का है। जानकारों का कहना है कि संजय गांधी के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली से आदेश आया। जिस पर तत्काल उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास अधिनियम-1976 यूपी कैबिनेट ने बतौर आर्डिनेंस पास किया। इसके बाद ही नोएडा बसाने की कवायद शुरू हुई और आपातकाल हटने के बाद इस विधेयक को विधानसभा से पास करवाया गया। नोएडा को बसाने की पीछे मकसद दिल्ली में तेजी से बस रहे कारखानों को एक नई जगह देना था।

कोविड काल में तमाम आयाम स्थापित किए

पिछले करीब एक वर्ष से अधिक समय से चल रहे कोविड काल में भी नोएडा प्राधिकरण ने तमाम चुनौतियों का सामने करते हुए तमाम आयाम स्थापित किए। प्राधिकरण ने लॉकडाउन में मजबूर लोगों तक मदद पहुंचाने का काम किया। इस दौरान प्राधिकरण ने पांच सामुदायिक किचन स्थापित करते हुए करीब 60 लाख फूड पैकेट लोगों तक पहुंचाए। इस दौरान पूरे शहर में सैनिटाइजेशन का कार्य भी तमाम मशीनों की सहायता से किया गया। लोगों को डॉक्टर ऑन कॉल की भी सुविधा समेत तमाम मदद पहुंचाई गईं।

6 नए सेक्टर हो रहे हैं विकसित

प्राधिकरण शहर में 6 नए सेक्टर विकसित कर रहा है। इनमें सेक्टर-161, 162, 163, 164, 165 और 166 शामिल हैं। प्राधिकरण द्वारा इसके तहत कुल 218.12 हेक्टेयर भूमि विकसित की गई है। इन सेक्टरों को विकसित करने के लिए मोहियापुर गांव में 71.45 हेक्टयर, झट्टा गांव में 0.247 हेक्टेयर, दोस्तपुर मंगरौली में 6.6520 हेक्टेयर, नलगढ़ा में 44.1422 हेक्टेयर, शहदरा के 0.6773 हेक्टेयर भूमि लेकर लैंड बैंक के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा वर्ष 2017 से अब तक प्राधिकरण द्वारा तमाम प्रकार के भूखण्डों के आवंटन से शहर को 8,019 करोड़ रुपए का निवेश हासिल हुआ है। जिससे शहर का और भी विकास हो सकेगा।

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कई प्रोजेक्टों पर चल रहा है काम

सेक्टर-78 में 12 एकड़ क्षेत्रफल में 3,000 करोड़ रुपये की लागत से वेदवन पार्क विकसित किया जा रहा है। वहीं सेक्टर-54 में वेटलैंड विकसित करने का काम भी शुरू हो चुका है। सेक्टर-91 में वेटलैंड विकसित करने के लिए जल्द ही सौन्दर्यीकरण शुरू होने वाला है। इसके अलावा 65 किलोमीटर सड़कों को डस्ट फ्री जोन बनाने का कार्य चल रहा है। दावा है कि अगले एक वर्ष में 100 किलोमीटर सड़कों को डस्ट फ्री जोन बनाने का लक्ष्य है। वहीं वर्ष 2021-22 में 3,63,378 पौधे शहर में लगाए जाएंगे। 14 सेक्टरों और 5 ग्रामीण क्षेत्रों में 19 ओपेन जिम लगाने की भी प्राधिकरण की प्लानिंग है।

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