चुनाव से पहले भाजपा के लिए बड़ी मुसीबत, वादाखिलाफी का आरोप लगा हजारों लोग करेंगे कार्यालय का घेराव

चुनाव से पहले भाजपा के लिए बड़ी मुसीबत, वादाखिलाफी का आरोप लगा हजारों लोग करेंगे कार्यालय का घेराव

sharad asthana | Publish: Nov, 15 2017 04:07:10 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

केंद्र और उत्‍तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

नोएडा। यूपी में निकाय चुनाव से पहले भाजपा के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। दरअसल, 18 नवंबर को नोएडा और ग्रेटर नोएडा के तमाम प्रोजेक्टों के हजारों बायर्स नेफोवा के साथ मिलकर अपनी समस्याओं के जल्द से जल्द समाधान की मांग करते हुए दिल्ली के अशोका रोड स्थित भाजपा मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन करने जा रहे हैं।

ये आरोप लगाए

बायर्स का कहना है कि केंद्र सरकार हो या उत्तर प्रदेश सरकार, सब हमारी समस्याओं का हल निकालने का वादा करके फिर से चैन की नींद सो गए हैं। चुनाव के समय सभी बड़े नेताओं ने भरोसा दिलाया था कि यदि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनती है तो उनकी सरकार बिल्डरों के प्रति कड़ा रुख अख्तियार करेगी। रेरा को मजबूती से लागू करेगी, जो बिल्डर घर बनाकर देने में विलम्ब कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जायेगा, लेकिन सारे वादे धरे के धरे रह गए। ना तो रेरा को मजबूती से लागू किया गया और न ही बिल्डरों की ज्यादतियों पर कोई अंकुश लगाया जा सका। उन्‍होंने कहा क‍ि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा शहरी विकास मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना के साथ कई दफा मीटिंग हुई, जल्द से जल्द घर दिलाये जाने के वादे किये गए, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।

'सरकार दिख रही लाचार'

 

नोफोवा की महासचिव श्वेता भारती ने बताया कि लोग हर महीने उस घर के लिए इएमआई देने को विवश हैं, जिसे मिलने की अभी भी कोई उम्मीद नहीं दिख रही। सबवेंशन स्कीम में घर बुक कराए लोगों को बैंक की तरफ से लीगल नोटिस भेजे जा रहे हैं, क्योंकि बिल्डर ने महीनों से इंस्टालमेंट जमा नहीं किया है। रेरा की वेबसाइट पर बिल्डर 2022 की कम्पलीशन डेट दर्ज कर रहा है, जबकि बिल्डर बायर एग्रीमेंट में 2013-14 दर्ज है। अगस्त महीने में हुई मीटिंग के दौरान राज्य सरकार ने आम्रपाली के खरीदारों को दो साल में घर दिलाने का वादा किया था, लेकिन आम्रपाली के हर प्रोजेक्ट साइट पर आज भी काम बंद है। आखिर पिछली सरकारों की तरह वर्तमान सरकार भी बिल्डरों के आगे विवश और लाचार क्यों दिख रही है।

18 नवंबर को करेंगे प्रदर्शन

उन्होंने बताया कि सरकार बदल गई पर घर खरीदार आज भी बेहाल हैं। बैंक की ईएमआई बंद कराने हेतु नेफोवा की तरफ से वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखा गया, लेकिन हमारी मांग को अनसुना कर दिया गया। पिछली सरकारों से निराश हो चुके घर ख़रीदारों को बीजेपी सरकार से काफी उम्मीदें थी, लेकिन उम्मीदों पर पानी फिरता देख बायर्स में गहरा आक्रोश है और इसिलए 18 नवंबर को हजारों बायर्स बीजेपी सरकार से जवाब मांगने बीजेपी मुख्यालय पहुंचेंगे और उनका घेराव करेंगे।

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