स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेज के हिसाब से शुल्क पुनर्गठन के लिए अभिभावकों ने खोला मोर्चा

Highlights

- दी मिलेनियम स्कूल और लोटस वैली स्कूल पर अभिभावको का प्रदर्शन

- बोले- सरकारी आदेश के बावजूद बच्चों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे स्कूल

- जीपीडब्ल्यूएस के संस्थापक ने कहा, शासन-प्रशासन के आदेश नहीं मानते कुछ निजी स्कूल

By: lokesh verma

Published: 28 Feb 2021, 10:05 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
नोएडा. सेक्टर-119 स्थित दी मिलेनियम स्कूल और लोटस वैली इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल फीस को ऑनलाइन क्लासेज के हिसाब से शुल्क पुनर्गठन को लेकर मोर्चा खोल दिया है। अभिभावकों ने जीपीडब्ल्यूएस के पदाधिकारियों के साथ मिलकर दोनों स्कूलों पर प्रदर्शन करते हुए स्कूल मैनेज़मेंट से स्कूल फीस के पुनर्गठन करने की मांग की है। अभिभावकों ने स्कूल के सामने मोमबत्ती जलाकर सांकेतिक रोष भी व्यक्ति किया और स्कूल मैनेजमेंट की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की।

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दी मिलेनियम स्कूल के सामने प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों का कहना है कि सरकारी आदेशों के बावजूद बच्चों की ऑनलाइन शिक्षा फीस के नाम पर रोक रहा है। पेरेंट्स को पीटीएम में नहीं बुलाया जाता और अन्य कई तरीकों से बच्चों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। अभिभावक इसको लेकर राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग, जिला विद्यालय निरीक्षक और जिलाधिकारी को शिकायत लिख चुके हैं। स्थानीय अधिकारियो से मुलाकात भी हो चुकी है। जिलाधिकारी ऑफिस और जिला विद्यालय निरीक्षक ने लिखित आदेश जारी किए हैं, लेकिन उसके बावजूद कोई हल नही निकला। अब मजबूरी में अभिभावकों को प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

लोटस वैली इंटरनेशनल नोएडा के अभिभाविक अमित ऋषी ने बताया के उनके बच्चों की भी ऑनलाइन शिक्षा रोक दी गई थी। जिला विद्यालय निरीक्षक के लिखित आदेश के बाद क्लाससेस शुरू की गई, लेकिन फीस पुनर्गठन के नाम पर स्कूल का ढुलमुल रवैया है। जीपीडब्ल्यूएस के संस्थापक मनोज कटारिया ने बताया है कि स्कूल शासन-प्रशासन के उन्हीं आदेशों का पालन करता है, जिसमें उनको लाभ प्रतीत होता है। अभी जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी स्कूलो को बच्चों के ऑफलाइन-ऑनलाइन परीक्षा के विकल्प दिए थे, परंतु कुछ स्कूल ने अपने अभिभावकों से ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प पूरी फीस वसूलने के कारण दिया ही नहीं है। जबकि देश में कोविड का संक्रमण दोबारा से फैलने लगा है।

अभिभावको ने इसके बाद हुई मीटिंग में आगे की रणनीति पर चर्चा की। अभिभावक एक बार फिर प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के आगे स्कूलों के इस पक्षपात व अड़ियल रवैये के प्रति अपनी बात रखेंगे।

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