2016: 251 रुपए में स्मार्टफोन नहीं, मिला बाबा जी का ठुल्लू

2016: 251 रुपए में स्मार्टफोन नहीं, मिला बाबा जी का ठुल्लू
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sandeep tomar | Publish: Dec, 29 2016 08:17:00 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

2016 की शुरुआत में ही कंपनी ने लोगों को सब्जबाग दिखाए

नोएडा। भारत में सबसे सस्ता २५१ रुपये में स्मार्ट मोबाइल फोन देने का वादा करने वाली कंपनी दस माह बाद भी अपना वादा पूरा नहीं कर सकी है। कंपनी अधिकारियों पर धोखाधड़ी से लेकर चेक बाउंस के केस दर्ज हो चुके हैं। धोखाधड़ी के एक मामले में नोएडा क्राइम ब्रांच कंपनी अधिकारियों से दस्तावेज लेकर जांच में जुटी है।

मोबाइल लांचिंग से लेकर अब तक विवादों में फंसी है कंपनी

नोएडा के सेक्टर-६२ में चलने वाली कंपनी रिंगिंग बेल्स के अधिकारियों ने १८ फरवरी को अचानक ही एक बड़ी प्रेस काॅन्फ्रेस कर दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्ट फोन फ्रीडम २५१ के लांच करने की घोषणा की। कंपनी अधिकारियों ने दावा किया था कि तीन दिन तक उनकी साइट से मोबाइल आॅनलाइन बुकिंग किये जा सकते है। मोबाइल बुकिंग के तीन माह बाद कंपनी इन्हें डिलीवर करेगी। लेकिन कंपनी के लांच करने के अगले ही दिन उनकी मोबाइल बुकिंग साइट क्रेश हो गर्इ। लोगों ने कंपनी के सेक्टर-६३ स्थित कार्यालय पर धावा बोला। साथ ही मोबाइल बुक करने की डिमांड की, लेकिन कंपनी ने इससे साफ इनकार कर दिया।

बिना घोषणा के बुक करें ४ लाख आॅफलाइन मोबाइल फोन, नहीं किये डिलीवर

इसके बाद सामने आया कि कंपनी बिना घोषणा के आॅफलाइन बुकिंग भी कर रही है। कंपनी अधिकारियों के अनुसार तीन दिन में आॅफलाइन चार लाख फ्रीडम 251 मोबाइल की बुकिंग की गई। आॅफलाइन बुकिंग में उपभोक्ता से 251 रुपये के साथ ही एक आईडी ली गई थी। चार लाख मोबाइल फोन की आॅफलाइन बुकिंग कर करीब १० करोड़ रुपये ले लिये गये। इसके बदले उन्हें एक पर्ची और तारीख दी गई थी। आॅफलाइन मोबाइल बुक करने वाले डिस्ट्रीब्यूटरस ने उपभोक्ता को 30 जून से पहले मोबाइल देने का आश्वासन दिया था। लेकिन ३० जून बीतने के छह माह बाद भी कंपनी ने किसी को भी मोबाइल डिलीवर नहीं किया। यही कारण है कि लोग कंपनी को धोखेबाज आैर अधिकारियों को ठग बता रहे हैं।

भाजपा के मंत्री ने कंपनी अधिकारियों पर कराया धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज

रिंगिंग बेल्स के अधिकारियों के खिलाफ भाजपा सांसद क्रिट सौमेया ने पांच अप्रैल को गौतमबुद्घनगर के एसएसपी को शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने बिना लाइसेंस और अनुमति के विज्ञापन देकर मोबाइल की बुकिंग कर करोड़ों रुपये उगाहे गये। गलत प्रचार कर पीएम के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के नाम का इस्तेमाल किया। कंपनी अधिकारियों के पास कई जरूरत मंद रजिस्टेशन तक पास नहीं है। इसके साथ ही कंपनी का कोर्इ भी प्रोडक्शन हाउस नहीं है। कंपनी कहां से मोबाइल लाएेगी। इन सभी सवालों के साथ उन्होंने कहा था कि कंपनी अधिकारी मोबाइल लांच के नाम पर धोखाधाड़ी कर रहे हैं। ऐसे ही कई आरोपों के साथ उन्होंने मोहित गोयल, उसकी पत्नी आैर अशोक चड्ढा के खिलाफ शिकायत दी थी। फेज तीन थाने में एमपी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में अब क्राइम ब्रांच कंपनी के दस्तावेज जांच रही है।

आॅफिस भी छोड़ा दस्तावेजों में चल रही कंपनी

विवादों में आने के बाद रिंगिंग बेल्स कंपनी अधिकारियों ने सेक्टर-६३ स्थित अपना आॅफिस भी खाली कर दिया। इसके बाद से कंपनी सिर्फ दस्तावेजों में चल रही है। कंपनी द्वारा मोबाइल डिलीवरी करने की तारीख भी निकल चुकी है। वहीं, किसी को कंपनी अधिकारियों से संपर्क करने के लिए कोर्इ जरिया ही नहीं है।

दो दिसंबर को फिर, चेक बाउंस का हुआ केस

कुछ समय पहले ही रिंगिंग बेल्स प्राइवेट आैर मेसर्स अार्यन इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक डील हुर्इ थी। इसमें रिंगिंग बेल्स ने मेसर्स आर्यन को दो करोड़ रुपये का चेक भी दिया। आरोप है कि कंपनी द्वारा दिया गया। यह चेक बाउंस हो गया। कंपनी अधिकारियों के वार्ता करने पर भी सही जवाब न मिलने पर मेसर्स आर्यन इंफ्राटेक प्राइवेट कंपनी ने २५१ रुपये का फोन लांच करने वाली कंपनी रिंगिंग बेल्स पर केस कर दिया। इसके साथ ही मजिस्ट्रेट ने कहा कि आरोपियों को तलब करने के लिये काफी सामग्री उपलब्ध है। इसीलिए प्रथम दृष्ट्या नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत दंड का बनता है। एेसे में कंपनी मालिकों के खिलाफ समन्न जारी किये गये है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिये 28 अप्रैल २०१७ की तारीख रखी है।
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