मेट्रो के जरिए आपस में जुड़ेंगे देश के दो बड़े एयरपोर्ट, 8 हजार करोड़ से अधिक होंगे खर्च!

Highlights:

-राइट्स ने दिल्ली एयरपोर्ट को जेवर में प्रस्तावित एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 3 प्रस्ताव जमा किए थे

-इनमें से मेट्रो रेल कॉरिडोर के जरिये जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल सकती है

-इससे दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों का बोझ कम होगा और लोगों को सुविधा मिल सकेगी

By: Rahul Chauhan

Published: 23 Oct 2020, 02:03 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

नोएडा। जेवर में बनने जा रहा देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट मेट्रो के जरिये दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से कनेक्ट होगा। जिसके चलते लाखों लोगों को इसका लाभ मिलेगा। दरअसल, राइट्स ने गत वर्ष ही दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को जेवर में प्रस्तावित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 3 अलग-अलग प्रस्ताव जमा किए थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इनमें से मेट्रो रेल कॉरिडोर के जरिये जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने के प्रस्ताव को सरकार जल्द ही हरी झंडी दिखा सकती है।

अधिकारियों के अनुसार जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों का बोझ कम होगा। कारण, वेस्ट यूपी के अधिकांश जिलों के लोग हवाई सफर के लिए जेवर में बनने वाले एयरपोर्ट पर ही जाना पसंद करेंगे। वहीं यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट और इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के बीच मेट्रो चलने से न केवल नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों को लाभ मिलेगा, बल्कि इससे दक्षिण दिल्ली के भी लोग लाभान्वित होंगे।

दिल्ली और नोएडा के बीच अलग-अलग रूट पर मेट्रो चलाने का प्रस्ताव

रिपोर्ट के मुताबिक राइट्स ने जेवर एयरपोर्ट और दक्षिणी दिल्ली को मेट्रो रेल के जरिये जोड़ने का सुझाव दिया है। दोनों के बीच यह रूट 81.56 किलोमीटर का होगा। इसमें 66.6 किलोमीटर एलिवेटेड और 14 किलोमीटर अंडरग्राउंड मेट्रो ट्रैक होगा। इसके तहत एयरो सिटी और तुगलकाबाद के बीच 20 किलोमीटर मेट्रो लाइन का निर्माण का प्रस्ताव भी है। वहीं दूसरे प्रस्ताव के तहत तुगलकाबाद से नोएडा सेक्टर-142 तक 15 किलोमीटर मेट्रो लाइन का निर्माण भी शामिल है। यह नोएडा-ग्रेटर नोएडा की एक्वा ब्लू लाइन मेट्रो से जुड़ेगा। जबकि तीसरे प्रस्ताव के तहत ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क से लेकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक 35.6 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन का निर्माण होना था। इसके तहत यात्रियों को 82 किलोमीटर के लंबे सफर में दो जगहों पर ही (नोएडा-142 और नॉलेज पार्क) मेट्रो बदलनी पड़ती।

रैपिड रेल चलाने का भी प्रस्ताव

जानकारी के लिए बता दें कि जेवर एयरपोर्ट को रैपिड रेल से भी जोड़ने का प्रस्ताव है। सरकार को भेजे गए प्रस्ताव में इसके लिए दो रूट सुझाए दिए गए हैं। पहले रूट की लंबाई 88 किलोमीटर होगी। इसमें 62 किलोमीटर एलिवेटेड और 26 किलोमीटर अंडरग्राउंड होगा। इसमें से केवल अंडरग्राउंड बनाना होगा। इसमें 8680 करोड़ रुपये खर्च होंगे। फिलहाल सरकार द्वारा इन प्रस्तावों पर अंतिम फैसला लेना है। जिसके बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार से हरी झंडी मिलते ही तेजी से इस पर कार्य शुरू हो जाएगा।

Rahul Chauhan
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