नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे 11 किसानों को जेल भेजा, 78 से ज्यादा हिरासत में

Highlights
- किसान अस्तित्व बचाओ आंदोलन के बैनर तले किसानों ने प्राधिकरण कार्यालय पर प्रदर्शन किया
- गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस भी उतरी किसानों के समर्थन में
- कांग्रेस ने डीसीपी नोएडा से की किसानों को तुरंत रिहा करने की मांग

नोएडा. किसान अस्तित्व बचाओ आंदोलन के बैनर तले किसानों ने अपनी चार मांगों को लेकर सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों को पुलिस ने प्राधिकरण के मुख्य गेट के सामने रोक दिया। इसके बाद किसान वहीं धरने पर बैठ गए और घोषणा कर दी कि जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाएंगी तब तक इसी तरह रोजाना प्राधिकरण कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। मंगलवार को जब किसान दोबारा प्रदर्शन के लिए नोएडा प्राधिकरण से कार्यालय पहुंचे तो पहले से तैनात पुलिस ने 11 किसानों को नामदर्ज कर गिरफ्तार कर लिया, जबकि प्रदर्शन कर रहे 78 से ज्यादा किसानों को हिरासत में लिया।

यह भी पढ़ें- Video: दिल्‍ली में बनी केजरीवाल की सरकार तो 'आप' नेता ने मनोज तिवारी को दी यह सलाह

किसानों की गिरफ्तारी के मामले में कांग्रेस भी मैदान में उतर आई। कांग्रेस ने किसानों की गिरफ्तारी को गलत बताते हुए कहा कि किसान नोएडा प्राधिकरण पर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। नोएडा के किसान पिछले 35 वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। नोएडा पुलिस ने दमनकारी नीतियों को अपनाते हुए किसानों को गिरफ्तार किया है, जो संविधान के खिलाफ है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए इन किसानों को रिहा किया जाए, अन्यथा कांग्रेस पार्टी किसानों के हित के लिए बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस ने डीसीपी नोएडा को किसानों की गिरफ़्तारी के मामले में ज्ञापन सौंपा और किसानों को तुरंत रिहा करने की मांग की।

पुलिस ने किसान नेता सुखवीर सिंह समेत प्रेम सिंह, सुधीर कुमार चौहान, हरिकिशन शर्मा, सत्यवीर सिंह, सुबोध यादव, उदल यादव, पिंटू, राजू, सोनू और राजेंद्र यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इन सभी किसानों पर धारा 147, 148, 332, 353, 342, 181, 506 और 7 सीएलए के तहत कार्रवाई की गई है। जबकि 78 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

यह भी पढ़ें- BJP विधायक का बड़ा बयान, बोले- इस तरह बेईमानी कर जीती AAP, देखें Video

Congress
Show More
lokesh verma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned