आरएसएस का ये कदम चुनाव में दे सकता है सभी को झटका

आरएसएस का ये कदम चुनाव में दे सकता है सभी को झटका
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sandeep tomar | Publish: Dec, 22 2016 08:49:00 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

बुरहान कांड के बाद कश्मीरी छात्रों को एकत्र करने में जुटा आरएसएस, ये है वजह

नोएडा: जहां एक ओर बीजेपी की ओर से यूपी में चुनाव प्रचार में तेजी देखने को मिल रही है। वहीं दूसरी ओर आरएसएस विंग भी अपनी ओर से चुनाव में बीजेपी को जीत दिलाने में जुटी हुई है। खासकर मुस्लिम वोटों को साधने के लिए आरएसएस की मुस्लिम विंग की ओर से इस पर काम भी शुरू कर दिया है। इसके लिए विंग ने नया तरीका निकालने की कोशिश की है। जिससे एक ही तीर से दो शिकार हो सके। अगर ये दोनों शिकार हो जाते हैं तो यूनी चुनावों में बसपा, सपा और कांग्रेस को बड़ा झटका दे सकता है। आखिर आरएसएस की की मुस्लिम विंग क्या करने जा रही है। आइये आपको भी बताते हैं।

कश्मीरी युवाओं को साधने की कोशिश

बुरहान वानी के एनकाउंटर के बाद से अशांत चल रहे कश्मीरी युवाओं को मनाने के लिए राष्ट्रीय स्वय सेवक संघ ने पहल की है। कश्मीरी यूथ के फ्यूचर के लिए डेवलपमेंट का खाका तैयार करने के लिए संघ के मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने 7 जनवरी को दिल्ली में कश्मीरी छात्र सम्मेलन बुलाया है। यूथ के सहयोग से कश्मीर के हालात कैसे बेहतर हो इस पर गंभीर मंथन होगा। एंटी टेरर यूथ फॉर्म अभियान चलाकर युवाओं को राष्ट्रविरोधी ताकतों के बहकावे में आने से रोकने की कोशिश होगी। इस सम्मेलन में वेस्ट यूपी में एजुकेशन ले रहे कश्मीरी छात्रों समेत दिल्ली एनसीआर से भी कश्मीरी यूथ को बुलाया गया है।

आरएसएस की सोच है कि यहां के यूथ को मुख्यधारा से जोड़ा जाए। कश्मीरी छात्रों को फ्यूचर के सपने दिखाए जाएं। केंद्र सरकार की तरफ से उनके भले के लिए किए जाने वाले कामों और योजनाओं की जानकारी देकर फायदा पहुंचाया जाए। रोजगार की दिशा में उनको आगे लाया जाए। आरएसएस के मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की तरफ से यह सम्मेलन मावलांकर हॉल में होगा। इस कार्यक्रम में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, कश्मीर के डिप्टी सीएम, कई मुस्लिम वुद्धिजीवी, पूर्व वाइस चांसलर व अन्य हस्तियां जुटेंगी।

एक तीर से दो शिकार की कोशिश

वेस्ट यूपी के कश्मीरी युवाओं को जोड़ने की ये कोशिश एक दूसरे तबके को भी जोड़ने की ओर इशारा कर रही है। वो हैं मुस्लिम समुदाय। वेस्ट यूपी में कश्मीरी युवा मुस्लिम समुदाय से जुड़े हैं। वेस्ट यूपी के मुस्लिम समुदाय को ये बात इशारे में समझाने की कोशिश की जा रही है कि आरएसएस और बीजेपी मुस्लिम विरोध पार्टी नहीं है। जितना ध्यान उनका बाकी लोगों की ओर है उतना ही ध्यान मुस्लिम समुदाय की ओर भी है। अगर आरएसएस का ये पैंतरा फिट बैठ गया तो आने वाले समय में सपा, बसपा और कांग्रेस को गहरा झटका लग सकता है। जब इस बारे में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच युवा इकाई के राष्ट्रीय संयोजक खुर्शीद रजाका से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कश्मीर देश का खास हिस्सा है। वहां के युवा भी हमारे भाई हैं। उनको भी देश के अन्य हिस्सों में बेखौफ रहने का हक है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की कोशिश उनको मुख्यधारा से जोड़ने, केंद्रीय योजनाओं का लाभ दिलाने, देश निर्माण में सहयोग करने के लिए साथ लाने की जरूरत है। सात जनवरी का रखा गया यह सम्मेलन कश्मीरी छात्रों की सोच को बदलने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
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