अगर साइकिल नहीं मिली तो ये हो सकता है अखिलेश का चुनाव चिह्न 

अगर साइकिल नहीं मिली तो ये हो सकता है अखिलेश का चुनाव चिह्न 
big boss akhilesh yadav

मुलायम सिंह के बाद मुख्‍यमंत्री अखिलेश भी पहुंचे चुनाव आयोग के आॅॅफिस   

नोएडा/नई दिल्‍ली। सपा में चल रही कलह के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर कब्‍जे को लेकर मुलायम सिंह यादव के बाद सीएम अखिलेश यादव भी मंगलवार को चुनाव आयोग के ऑफिस पहुंच गए। बताया जा रहा है कि रामगोपाल यादव, नरेश अग्रवाल और किरणमय नंदा भी उनके साथ वहां गए हैं। सूत्रों की मानें तो अगर अखिलेश को 'साइकिल' चुनाव चिह्न नहीं मिलता है तो वो मोटरसाइकिल को सिंबल के तौर पर भी अपना सकते हैं। इस बीच, मुलायम की अखिलेश से फोन पर बात हुई, जिसके बाद नेताजी लखनऊ लौट गए हैं। बता दें कि सोमवार को मुलायम सिंह यादव भी अमर सिंह, जयाप्रदा और शिवपाल यादव के साथ चुनाव आयोग के ऑफिस गए थे। 
 
वहीं, मंगलवार सुबह सूबे के कैबिनेट मंत्री आजम खान भी दिल्‍ली पहुंच गए हैं। उनको अब भी उम्‍मीद है कि अखिलेश और मुलायम के बीच सुलह हो जाएगी। उनका कहना है कि मायूसी और फिक्रमंदी है लेकिन समय है। अब भी कुछ भी हो सकता है। आजम खान का कहना है कि उन्हें इस मामले में एक बार कामयाबी मिली और अगर हालात ने साथ दिया तो फिर इसके लिए कोशिश जरूर करेंगे। अभी ये कहना जल्दबाजी होगी कि अब सुलह का कोई रास्ता नहीं बचा है। अखिलेश और रामगोपाल के निलंबन पर उन्होंने कहा कि किसने सोचा था 24 घंटे में निलंबन वापस होगा।

सुलह का फॉमूर्ला लेकर आजम पहुंचे दिल्‍ली  

पिता-पुत्र में के बीच चल रही लड़ाई अब पार्टी के नमा और सिंबल को लेकर है। इसी को लेकर सीएम अखिलेश यादव मंगलवार को करीब साढ़े 11 बजे चुनाव आयोग पहुंचे। उनके साथ मुलायम सिंह द्वारा निकाले गए नरेश अग्रवाल और किरनमय नंदा भी थे। साथ में रामगोपाल यादव भी वहां गए हैं। वहीं, दोनों गुटों के बीच सुलह का फॉर्मूला लेकर आजम खान भी दिल्ली पहुंच गए हैं। हालांकि, मुलायम सिंह  बिना आजम से मिले ही लखनऊ के लिए निकल गए। बताया जा रहा है कि वह वहां पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देंगे।  

हमारी है साइकिल: नरेश अग्रवाल  

वहीं, नरेश अग्रवाल का कहना है कि हमारी तरफ से सुलह की कोशिश नहीं होगी। अधिवेशन में जो भी प्रस्ताव पास हुए वो हम चुनाव आयोग के सामने रखेंगे। सभी कार्यकर्ता अखिलेश के साथ हैं। अखिलेश चुनाव आयोग में अपना पक्ष रखेंगे। समाजवादी पार्टी और साइकिल हमारी है और हमें मिलनी चाहिए।



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