Special: प्रवासी मजदूरों को लेकर श्रमिक स्पेशल ट्रेन बिहार के लिए रवाना, मजदूरो ने नोएडा को कहा 'टाटा'

Highlights:

-शनिवार को पटरियों पर एक बार फिर रेल के पहिए दौड़ पड़े हैं

-दादरी स्टेशन से बड़ी संख्या में लोगों को लेकर ट्रेनें उनके गंतव्य स्थान पर पहुंचाने के लिए निकल पड़ी हैं

-कई मजदूर कहते हैं कि अब वह नहीं लौटेंगे।

By: Rahul Chauhan

Updated: 16 May 2020, 08:23 PM IST

नोएडा। जिन रेल की पटरियों पर लॉकडाउन के कारण सन्नाटा पसरा था और मजदूर इनके सहारे अपनी मंजिल तय कर रहे थे। शनिवार को उन्हीं पटरियों पर एक बार फिर रेल के पहिए दौड़ पड़े हैं। ग्रेटर नोएडा की दादरी स्टेशन से बड़ी संख्या में लोगों को लेकर ट्रेनें उनके गंतव्य स्थान पर पहुंचाने के लिए निकल पड़ी हैं। मजदूरों के लिए यह सुख के साथ साथ एक दुखद घड़ी भी थी कि जिस शहर को उन्होंने अपने हाथों से बनाया, उसी शहर ने मुसीबत के वक्त उन्हें बेगाना कर दिया। कई मजदूर कहते हैं कि अब वह नहीं लौटेंगे।

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दादरी स्टेशन पर आला अधिकारियों की मौजूदगी में पहली श्रमिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई और लोग हाथ हिलाते हुए गंतव्य स्थान को रवाना हो गए। बिहार के रहने वाले मजदूरों को उनके घर भेजने के शनिवार को दादरी रेलवे स्टेशन से पहली ट्रेन दोपहर करीब एक बजे रवाना हुई। इस ट्रेन में 968 यात्री दादरी से बिहार के औरंगाबाद के लिए रवाना हुए। इस ट्रेन में 1500 प्रवासी मजदूरों को बिहार जाना था, लेकिन कुछ मजदूर पहले ही विभिन्न साधनों से बिहार के लिए निकल गए। इस वजह से 522 मजदूरों की सीटें ट्रेन में खाली रही। बता दें कि इस ट्रेन में 22 बोगियां हैं।

वहीं दनकौर रेलवे स्टेशन से बिहार के बक्सर के लिए दूसरी ट्रेन रवाना हो रही है। इस ट्रेन में भी 1500 के बजाय एक हजार के करीब श्रमिक सवार हैं। जिला प्रशासन ने इस ट्रेन में भी 1500 श्रमिकों को जाने के लिए अनुमति दी थी लेकिन कुछ श्रमिक पहले ही विभिन्न साधनों से या तो बिहार के लिए निकल गए या अब वे वापस जाना नहीं चाह रहे हैं। कई मजदूरो का कहना था कि अब वे शायद ही वापस लौटेगे।

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गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार की पहल पर प्रवासी मजदूरों को सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाने के लिए शनिवार से चार श्रमिक विशेष ट्रेनें चलायी गयी हैं। जन सुनवाई पोर्टल पर पूर्व में पंजीकरण कराने वाले श्रमिकों को ही इन विशेष ट्रेनों से बिहार भेजा जा रहा है। जेवर के तहसीलदार दुर्गेश सिंह ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से गौतम बुद्ध नगर में फंसे श्रमिकों को ट्रेन से उनके गृह राज्य भेजने के लिए जिला प्रशासन ने 12 केंद्र बनाए थे। एक केंद्र पर 10 बसों का इंतजाम किया गया। प्रत्येक बस में 25 से 28 मजदूरों को बैठाकर रेलवे स्टेशन भेजा गया।

रेलवे स्टेशन पहुंचने पर सभी श्रमिकों की जांच की गई। इसके लिए स्टेशन पर दो डॉक्टरों सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे। प्रवासी श्रमिकों को सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए प्रत्येक बोगी में एक सुपरवाइजर की नियुक्ति की गई है। ट्रेन के रवाना होने से पहले प्रवासी श्रमिकों को प्रशासन ने खाने-पीने का सामान उपलब्ध कराया। ट्रेनों के रवाना होने से पहले नोएडा प्राधिकरण के जन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ट्रेनों को सैनिटाइज किया।

Rahul Chauhan
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