Noida में 20 हजार मजदूरों के रहने की व्यवस्था करेंगे Sonu Sood, रोज़गार दिलाने में करेंगे मदद

Highlights
-लॉकडाउन में अभिनेता सोनू सूद ने हजारों लोगों की मदद की
-कोरोना काल में लाखों श्रमिक हुए बेरोज़गार

By: Rahul Chauhan

Published: 26 Aug 2020, 03:46 PM IST

नोएडा। पूरी दुनिया में फैले कोरोना वायरस के चलते ना जाने कितने ही श्रमिक ना सिर्फ अपना रोजगार बल्कि अपना घर खो चुके हैं। इस दौर में कई लोगों ने दिक्कतों का सामना किया है लेकिन बात करें देश के श्रमिकों की तो उन्होंने अपनी रोजी रोटी का एक मात्र जरिया खो दिया जो कि किसी के लिए भी आसान नहीं होता। लेकिन इस बुरे वक्त में उन मजदूरों का एक मसीहा बन कर सामने आया। जी हां हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद की।
इस लॉकडाउन के दौरान इन श्रमिकों का मसीहा बन कर सामने आए बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने इस दौरान कई श्रमिकों की मदद की है, जिसके चलते उन्हें रॉबिनहुड का नाम भी दिया गया है। बता दें कि अब जब की चीजें पहले की तरह सामान्य स्थिति में आ रही हैं और धीरे- धीरे लॉकडाउन खुल रहा है, ऐसे में सोनू सोद एक बार फिर से इन श्रमिकों के लिए दूत बनकर आए हैं।

दरअसल, सोनू सूद ने इस बार नोएडा में बीस हजार प्रवासी श्रमिकों के रहने की व्यवस्था की है। लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने में मदद करने को लेकर खबरों में आए सोनू सूद ने इस बात को खुद सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

सोनू सूद ने बताया कि उन्होंने बीस हजार श्रमिकों के रहने की व्यवस्था के साथ ही ‘प्रवासी रोजगार’ के चलते कई श्रमिकों को नोएडा के कपड़ा कारखानों में रोजगार भी दिलाया गया है, वहीं जो कामगार बाकी बचे हैं उनके लिए भी रोजगार का इंतजाम किया जा रहा है।
सोनू सोद ने इस बात को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर करते हुए लिखा कि, “मुझे खुशी है कि अब 20,000 प्रवासी श्रमिकों के रहने की व्यवस्था कर रहा हूं. इन श्रमिकों को प्रवासी रोजगार के तहत नोएडा के कपड़ा कारखानों में रोजगार भी दिलाया गया है। सोनू आगे लिखते हैं कि एनएईसी अध्यक्ष ललित ठकराल की सहायता से हम सब मिलकर चौबीस घंटे प्रवासी रोजगार के लिए काम कर रहे हैं।”

इतना ही नहीं इसी के साथ सोनू सूद ने यह भी आश्वासन दिया कि इन सभी श्रमिकों को स्वच्छ आवासीय सुविधा भी मुहैया करवाई जाएगी. बता दें कि कुछ समय पहले ही सोनू सूद ने देश के विभिन्न हिस्सों में रोजगार पाने के लिए लोगों की मदद के लिए एक ऐप भी जारी किया था।

जिसमें इन सभी प्रवासी मजदूरों को काम दिलवाने के लिए खुद सोनू सूद ने पोर्टल प्रवासी रोजगार में 4 से 5 लाख रेडीमेड गारमेंट से जुड़े कामगारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। उनकी इस पहल और रजिस्ट्रेशन के बाद ही श्रमिकों का वापस काम पर आना भी शुरु हो गया था, लेकिन श्रमिकों की वापसी के बाद बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा था कि आखिर काम करने के लिए वापस आने वाले मजदूर रहेंगे कहां? जिसके बाद इन सभी कामगारों के रहने के लिए उनके द्वारा प्राधिकरण और प्रशासन से खाली आवास की मांग की गई जिसको मंजूरी भी मिल गई।

बता दें कि इस लॉकडाउन के कारण कामगारों और श्रमिकों की कमी हो गई थी जिसके निवारण हेतु नोएडा प्राधिकरण ने उद्योगों और संबद्ध गतिविधियों के लिए श्रमिकों की आपूर्ति के लिए 'लेबर बैंक' भी स्थापित किया था। जिसमें कोई भी श्रमिक महिला और पुरूष दिए गए लिंक पर प्राधिकरण के पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते है।
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रितु माहेश्वरी ने इन सभी कार्यों के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि इस नोएडा प्राधिकरण का उद्देश्य श्रमिकों का एक डेटाबेस बनाना है. लेबर बैंक के साथ पंजीकरण के लिए, आवेदक का नाम आयु अनुभव पहचान प्रमाण के साथ प्रदान करना होगा. नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रितु माहेश्वरी ने कहा कि यह श्रम बैंक श्रमिकों को रोजगार प्रदान करेगा और प्रवासन को कम करेगा।

श्रमिकों के रहने की व्यवस्था

नोएडा सेक्टर-122 में 3000 प्राधिकरण के खाली पड़े आवासों में ही इन श्रमिकों के रहने का बंदोब्सत किया जाएगा। एनईएसी चेयरमैन ललित ठुकराल ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान अभिनेता सोनू सूद ने जिस तरह मजदूरों की मदद की, उससे नोएडा के उद्यमियों की राह भी आसान हुई।

Rahul Chauhan
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