अखिलेश यादव पार्टी की मजबूरी हैं, जानिये क्यों

अखिलेश यादव पार्टी की मजबूरी हैं, जानिये क्यों
Akhilesh Yadav

पार्टी और उसके भविष्य के लिए अखिलेश मजबूरी और जरूरत दोनों बन गए हैं

नोएडा। मुलायम सिंह द्वारा रामगोपाल यादव और अखिलेश का पार्टी से निष्कासन रद्द करने के बाद एक बात तो साबित हो गई है पार्टी और उसके भविष्य के लिए अखिलेश मजबूरी और जरूरत दोनों हैं। ये बात हम नहीं बल्कि प्रदेश में पार्टी के 200 विधायकों के अलावा प्रदेश के सभी पार्टी समर्थक इस बात को कह रहे हैं। पिछले दो दिनों से चल रहे इस पारीवारिक विवाद के निपटने के बाद ये बात तो साबित हो गई है आने वाला समय अखिलेश यादव का है। पार्टी से शिवपाल और मुलायम सिंह हाशिये पर आ गए हैं। आइए आपको भी बताते हैं पार्टी के लिए अखिलेश क्यों मजबूरी बन गए हैं। 

सभी वर्गों में स्वीकार्यता 

वेस्ट यूपी के वरिष्ठ नेता गोपाल अग्रवाल का कहना है कि अखिलेश यादव पार्टी में ऐसे नेता हैंं, जिनकी स्वीकार्यता हर वर्ग के लोगों में मौजूद हैं। फिर चाहे वो मुस्लिम हों या फिर हिंदू। सभी वर्गों के चहेते बनकर सामने आ गए हैं। इसके अलावा 198 विधायकों का समर्थन मिलने के बाद यह बात भी स्पष्ट हो गई है कि पार्टी के विधायकों में उनके नाम को लेकर कोई विवाद नहीं है। कोई और पार्टी का नेता होता तो इतने विधायक किसी के समर्थन में नहीं आते। इस वजह से समाजवादी पार्टी के लिए अखिलेश यादव मजबूरी बन गए हैं। अगर मैं जरूरत शब्द का इस्तेमाल करूं तो वो ज्यादा बेहतर है। आपको बता दें कि वेस्ट यूपी मुस्लिम वोटर्स की संख्या काफी ज्यादा है। जो अखिलेश को पसंद भी कर रहे हैं। 

यूथ है अखिलेश के साथ 

मेरठ में पार्टी के कार्यकर्ता रविकांत का कहना है कि प्रदेश का यूथ अखिलेश यादव के साथ में हैं। प्रदेश में करीब 20 लाख युवा ऐसे हैंं, जो अखिलेश के कामों और उनके व्यक्तिव से काफी प्रभावित हैंं। पिछले दो दिनों में इस बात को साबित भी कर दिया है कि वो अपने कामों और सिद्धांतों से बिल्कुल भी समझौता नहीं करेंगे। ऐसे में वेस्ट यूपी ही नहीं प्रदेश का यूथ अखिलेश के साथ है। उन्होंने कहा कि मेरठ में कल युवा अखिलेश के फेवर में सड़कों पर उतर आया था, लेकिन पार्टी के बाकी नेताओं के लिए कोई बाहर नहीं आया है। इससे साबित होता है अखिलेश के आगे पार्टी में कोई बड़ा नेता नहीं है। 

पार्टी की छवि को बदला 

वेस्ट यूपी के अन्य पार्टी नेताओं का कहना है कि समाजवादी पार्टी अभी तक जिस तरह की राजनीति करती आई है उसे अखिलेश ने बदलने का काम किया है। उन्होंने सिर्फ एक विशेष वर्ग के लोगों को ही फेवर नहीं किया। अखिलेश के नेतृत्व में पार्टी ने कई बार साबित किया कि वो सभी लोगों और वर्गों के साथ हैंं। आज ये बात साबित भी हो रही है। लोगों में पार्टी के प्रति छवि बदली और समर्थन भी मिल रहा है। ऐसे में अखिलेश के अलावा पार्टी के पास कोई और दूसरा विकल्प नहीं है। 

विकासवादी सोच 

जिस तरह से अखिलेश की विकासवादी सोच सामने आई है। वो कभी मुलायम और दूसरे समाजवादी नेता की नहीं रही है। वेस्ट यूपी को एक्सप्रेस वे के थ्रू लखनऊ से कनेक्ट करना। नोएडा और वेस्ट यूपी के बाकी शहरों में मेट्रो को लाने के लिए केंद्र के साथ लगातार बातचीत और फंड देना। बिजली की समस्या को दूर करना। नोएडा में नई बस देने के अलावा वेस्ट यूपी में करीब 30 किमी के फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने जैसी कई योजनाएं हैं, जिन्‍होंने अखिलेश की विकासवादी छवि को उभारने का काम किया है।
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