
ग्रेटर नोएडा।यमुना एक्सप्रेस-वे पर आए दिन होने वाले सड़क हादसों को ध्यान में रखते हुए यमुना प्राधिकरण द्वारा बड़ा कदम उठाया गया है। दरअसल, हादसों में घायल होने वाले लोगों को तुरंत इलाज देने के लिए प्राधिकरण ने एक्सप्रेस-वे पर पड़ने वाले तीनों टोल प्लाजा पर ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए जेपी इन्फ्राटेक को निर्देश दिए हैं। वर्तमान में हादसों में घायल होने वालों को ग्रेटर नोएडा या आगरा के अस्पतालों में ले जाया जाता है। जिसके चलते अब जेपी इंफ्राटेक को ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए कहा गया है जिनमें 24 घंटे डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और दवा की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
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बता दें कि कुछ दिन पहले ही यमुना एक्सप्रेस-वे पर एक साथ दो बड़े हादसे हुए थे। इनमें एक बस एक्सप्रेस-वे से नीचे गिर गई थी। जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। वहीं दूसरे हादसे में एम्स के तीन डॉक्टरों की जान चली गई थी। अब इसे देखते हुए यमुना प्राधिकरण ने जेपी इंफ्राटेक के अधिकारियों के साथ एक बैठक कर एक्सप्रेस-वे पर ट्रॉमा सेंटर बनाने और उसमें डॉक्टर व दवाओं का पूरा इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। जिसपर जेपी अपनी सहमति दे दी है।
यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसों की रोकथाम के लिए प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने निर्देश दिया है कि बहुत तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों का डेटा, चालान की राशि और उसे जमा करने की जगह को टोल पर्ची पर ही छापा जाए। इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे पर इस तरह की व्यवस्था की जाए, जिससे ओवर स्पीड से वाहन चलाने वालों को आवाज के जरिए अलर्ट किया जा सके। वहीं दो पहिया वाहनों के लिए भी अब एक्सप्रेस-वे पर अलग लेन तैयार की जाएगी।
Updated on:
24 Mar 2018 06:56 pm
Published on:
24 Mar 2018 06:44 pm
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