राजनीतिक दलों को नहीं पता, समान नागरिक संहिता देश के लिए जरूरी है या नहीं

राजनीतिक दलों को नहीं पता, समान नागरिक संहिता देश के लिए जरूरी है या नहीं
Three Talaq issue,public opinion,bhopal,bhopal latest news,teen talaq,muslim personal law board

sandeep tomar | Publish: Dec, 29 2016 08:35:00 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

सामान नागरिक आचार संहिता पर देश के राजनीतिक दलों ने विधि आयोग को बताया कम उलझाया ज्यादा

नई दिल्ली/नोएडा. सामान नागरिक आचार संहिता पर देश के राजनीतिक दलों ने विधि आयोग को बताया कम उलझाया ज्यादा है. एक-दो छोटे दलों को छोड़ दें तो किसी भी दल ने आयोग से स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया है कि सामान नागरिक आचार संहिता पर उनकी राय क्या है, और क्या वे इसे देश के लिए आवश्यक मानते हैं, लेकिन उन्होंने ये बताने में कोई कंजूसी नहीं बरती कि यह पूरी तरह एक राजनीतिक फैसला है जिसे भाजपा ने उत्तर प्रदेश चुनाव के पहले लाया है.

राजनेता दे रहे गोलमोल जवाब

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विधि आयोग को सामान नागरिक आचार संहिता के मुद्दे पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए ज्यादातर राजनीतिक दलों ने इस पर गोलमोल जवाब दिया है. उन्होंने अपनी स्थिति इस मुद्दे पर जाहिर करने की बजाय इसे राजनीति का मुद्दा बताया है. राजनीतिक दलों ने कहा है कि भाजपा सरकार ने यह फैसला आगामी पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र लिया है जिससे वोटों का ध्रुवीकरण कराया जा सके.

आप भी दे सकते हैं राय

बता दें कि तीन तलाक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक गलियारों से होते हुए सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने एक आयोग गठित कर इस मुद्दे पर पूरे देश की राय जानने की कोशिश की है. विधि आयोग ने सोलह सवालों की एक लिस्ट जारी कर अपनी वेब साइट http://lawcommissionofindia.nic.in/ पर लगा दिया है जिस पर कोई भी व्यक्ति, संगठन अपनी राय जाहिर कर सकता है. सवाल इस बात से सम्बन्धित हैं कि क्या सामान नागरिक आचार संहिता देश के लिए सही है, क्या भारत में सामान नागरिक संहिता लागू कर दिया जाना चाहिए. तीन तलाक को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है.

देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

बता दें कि अनेक मुस्लिम संगठनों ने इसे मुस्लिमों के धार्मिक अधिकारों में सरकार का हस्तक्षेप बताया है और इसके लागू करने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है. इस मसले को लेकर आयोग ने राजनीतिक दलों से भी उनकी राय जानने की कोशिश की है. आयोग ने सभी दलों से इस मुद्दे पर अपनी राय जाहिर करने को कहा था.
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned