यूपी चुनाव के लिए हथियार बनाने वाले ने किए कई अहम खुलासे

यूपी चुनाव के लिए हथियार बनाने वाले ने किए कई अहम खुलासे
Illegal arms factory

sandeep tomar | Publish: Jan, 03 2017 07:45:00 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

चुनावी सीजन शुरु हो गया है और इसी के साथ अवैध हथियार बनाने वालों का धंधा भी

बुलंदशहर। चुनावी सीजन शुरु हो गया है और इसी के साथ अवैध हथियार बनाने वालों का धंधा भी। बता दें कि चुनावों में अवैध हथियारों की डिमांड होती है इस डिमांड को पूरा करने के लिए अवैध हथियार बनाने वाले अभी से ही हथियार बनाने के काम में जुट गए हैं। इस बता का खुलासा बुलंदशहर पुलिस ने अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री को सीज करके किया। पुलिस ने हथियार बनाने वाले तीन लोगों को भी अरेस्ट किया है।

पुलिस को मिली थी सूचना

यूपी में विधानसभा चुनावों की सरगर्मी तेज होने लगी है इसी के साथ मौत का सामान बनाने वाले लोग भी सक्रिय हो गए हैं। प्रदेश में चुनावों को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न करने के लिए पुलिस ने भी अपने खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया है। एसपी सिटी की मानें तो कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव नौसाना में पुलिस को अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री की सूचना मिली थी। कोतवाली देहात पुलिस ने छापा मरकर अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इरशाद, खालिद और पवन भारती को हथियार बनाते हुए अरेस्ट किया है। पुलिस ने अधबने हथियारों का पूरा जखिरा बरामद किया है।

पुलिस की मानें तो इरशाद 1989 से अवैध हथियार बनाने का कार्य कर रहा है और कई बार जेल भी जा चुका है। पुलिस रिकॉर्ड में इरशाद बी क्लास का हिस्ट्रीशीटर भी है। एसपी सिटी मानसिंह चौहान ने बताया कि बदमाश इन अवैध हथियारों को बुलंदशहर जनपद के साथ-साथ यूपी के कई और जनपदों में भी सप्लाई करते हैं। उन्होंने बताया कि अवैध हथियारों को यूपी से बाहर भी सप्लाई किया जाता था। तीनों अभियुक्तों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

हथियार बाने का काफी अनुभव हैं

इरशाद की मानें तो उसे हथियार बनाने का काफी अनुभव है और इस काम में वह 5 से 7 बार जेल भी जा चुका है। इरशाद की मानें तो उसे हथियार बनाने उसके पिता ने 1989 में सिखाया था। तब से इरशाद हथियार बनाकर उन्हें बेचता आ रहा है।

ऊपर नीचे होते रहते हैं रेट

इरशाद ने बताया कि वक्त कि साथ हथियारों के रेट भी ऊपर नीचे होते रहते हैं। कई बार तो 5 हजार से 10 हजार रुपए तक मिल जाते हैं तो कई बार 2 से 4 हजार रुपए ही मिल पाते हैं।
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