UP में बड़े उलटफेर की तैयारी में ओवैसी, अब वेस्ट यूपी के इन मुस्लिम बहुल जिलों का करेंगे दौरा

Highlights

- पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी तक अचानक सक्रिय हुए असदुद्दीन ओवैसी

- 26 जनवरी के बाद मुस्लिम बहुल जिले अमरोहा, मुरादाबाद और संभल का दौरा करेंगे ओवैसी

- फरवरी में मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के दौरे की योजना

By: lokesh verma

Published: 15 Jan 2021, 02:08 PM IST

नोएडा. 2022 के विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Election 2022) से पहले ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लमीन (AIMIM) उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में नींव मजबूत करने में पूरी ताकत के साथ जुट गई है। इसके लिए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) लगातार उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के दौरे कर रहे हैं, ताकि आगामी चुनाव में अच्छी संख्या में सीटें हासिल कर सकें। पूर्वांचल में राजनीतिक माहौल को गर्माने के बाद अब ओवैसी पश्चिम यूपी में सियासी जमीन तलाशने पहुंचेंगे। बताया जा रहा है कि असदुद्दीनओवैसी 26 जनवरी के बाद मुस्लिम बहुल जिले अमरोहा, मुरादाबाद और संभल का दौरा करेंगे।

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एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली का कहना है कि ओवैसी यूपी के दौरे कर यहां के राजनीतिक समीकरण को समझने के साथ पार्टी की स्थिति से वाकिफ होना चाहते हैं। उनके पूर्वांचल भ्रमण से पार्टी के कार्यकर्ता जोश से भर गए हैं। अब वह 26 जनवरी के बाद वेस्ट यूपी के कुछ जिलों का दौरा करेंगे। वह ट्रेन के जरिए दिल्ली से सीधे मुरादाबाद पहुंचेंगे और उसके बाद संभल और अमरोहा का दौरा करेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि वेस्ट यूपी में ओवैसी मुस्लिम नेताओं के साथ मुरादाबाद के मदरसों का भी दौरा कर सकते हैं। फिलहाल मुरादाबाद, अमरोहा और संभल में ओवैसी के स्वागत की तैयारियों को लेकर रणनीति बनाई गई है। इसके बाद फरवरी के प्रथम सप्ताह में ओवैसी के मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर दौरा करेंगे।

उत्तर प्रदेश में राजनीतिक समीकरण

बता दें कि यूपी में लगभग 20 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं। वहीं, प्रदेश की करीब तीन दर्जन विधानसभा सीट ऐसी हैं, जहां मुस्लिम प्रत्याशी जीत सकते हैं। इसके अलावा 122 विधानसभा सीट पर अल्पसंख्यक मतदाता चुनाव परिणामों को प्रभावित करते हैं। वहीं, अगर वेस्ट यूपी की बात करें तो यहां 30 से 45 फीसदी मुस्लिम मतदाता है, जिन्हें ओवैसी अपने पक्ष में करने के लिए जी जान से जुटे हुए हैं। यही वजह है कि ओवैसी अभी केवल प्रदेश के विभिन्न जिलों के दौरे कर लोगों का मूड भापने का प्रयास कर रहे हैं। इसके बाद ही वह आगे की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।

ओवैसी बने गठबंधन का सबसे बड़ा चेहरा

बिहार में कई सीटें जीतने के बाद असदुद्दीन ओवैसी उत्तर प्रदेश में भी छोटे दलों के साथ 'अधिकार संकल्प मोर्चा' का गठन कर दिया है। मोर्चे की अगुवाई सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर कर रहे हैं। लेकिन, मोर्चे का सबसे बड़ा चेहरा असदुद्दीन ओवैसी हैं। इसमें पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा की जन अधिकार पार्टी, अनिल सिंह चौहान की जनता क्रांति पार्टी, बाबू राम पाल की राष्ट्रीय उदय पार्टी और प्रेमचन्द प्रजापति की राष्ट्रीय उपेक्षित समाज पार्टी भी शामिल है।

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