नसबंदी के 7 साल बाद महिला हुई प्रेग्नेंट, अस्पताल में डॉक्टरों ने कसी फब्तियां

Highlights

. सीएमओ के निर्देश पर भर्ती होने के बाद भी उपचार न देने का आरोप
. 7 साल पहले दादरी के सरकारी अस्पताल में हुई थी नसबंदी
. महिला ने लगाए गंभीर आरोप

 

नोएडा। नसबंदी के बाद भी एक महिला प्रेग्नेंट हो गई। महिला ने तहसील दिवस में एसडीएम को शिकायत देकर अबॉर्शन कराने की मांगी की। एसडीएम ने सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों को जांच के बाद निशुल्क गर्भपात करने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि महिला गर्भपात कराने डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल पहुंची तो तैनात महिला डॉक्टरों ने उसके साथ अभद्रता और फब्तियां कसी। पीड़िता ने मामले की शिकायत अफसरों से की है।

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मूलरूप से संतकबीर नगर निवासी बालेंद्र कुमार परिवार के साथ दादरी के चिटेहरा गांव में रहते है। पीड़ित ने बताया कि अपनी पत्नी मालती का दादरी के सरकारी अस्पताल में 2012 में नसंबदी कराई थी। आरोप है कि नसबंदी के बाद वह प्रेग्नेंट हो गई। इस मामले की शिकायत महिला ने तहसील दिवस के दौरान एसडीएम से की थी।

जांच कराने के बाद एसडीएम ने दादरी सरकारी अस्पताल के प्रभारी को अबॉर्शन कराने के निर्देश दिए थे। पीड़िता का कहना है कि खून की कमी के चलते महिला को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। ये 4 दिसंबर को नोएडा के जिला अस्पताल में पहुंची थी। आरोप है कि डॉक्टर ने पहले तो उसे भर्ती करने से इंकार कर दिया।

बाद में सीएमओ के निर्देश पर एडमिट किया तो 5 दिनों तक कोई उपचार नहीं किया गया। उसके बाद ये प्राइवेट अस्पताल का सहारा लिया, लेकिन सरकारी अस्पताल व एसडीएम के निर्देश को देखते हुए उन्हें भर्ती नहीं किया गया। हालांकि दादरी सरकारी अस्पताल में पीड़िता की हालत को देखते हुए भर्ती कर लिया गया है।

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virendra sharma Desk/Reporting
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