
Shanidev Puja Vidhi: शनिवार के दिन भगवान शनिदेव की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन लोग उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए पूजा करते हैं और उनके दर्शन करने के लिए मंदिर जाते हैं। लेकिन वहीं महिलाओं के लिए शनिदेव की पूजा करने के लिए कुछ नियम बताए गए हैं। अगर इन नियमों का पालन किए बिना शनिदेव की पूजा करेंगी तो कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।
शनिवार का दिन चुनें: शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है। इस लिए यह दिन इनकी पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस दिन सूर्योदय के समय स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
नीलम और काले तिल का उपयोग: पूजा में नीलम रत्न और काले तिल का उपयोग करना शुभ माना जाता है।
सरसों के तेल का दीपक जलाएं: शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करना और तेल का दीपक जलाना उनकी कृपा पाने का प्रमुख उपाय है।
शनि चालीसा और मंत्र का पाठ: पूजा के दौरान शनि चालीसा और ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें।
भोजन का दान करें: जरूरतमंदों को काले वस्त्र, सरसों का तेल, और काले चने दान करने से शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।
मूर्ति के सामने आने से बचें: महिलाओं को शनिदेव की प्रतिमा की पूजा करने से बचना चाहिए। इसके अलावा उनकी नजर से नजर नहीं मिलानी चाहिए। उनकी पूजा केवल शनि यंत्र या उनकी छाया के माध्यम से करें।
मूर्ति पर तेल न चढ़ाएं: महिलाओं को शनिदेव की प्रतिमा पर सरसों का तेल नहीं चढ़ाना चाहिए। उनको एक कटोरी में तेल अर्पित करना चाहिए और दीपक जलाना चाहिए। सरसों के तेल को केवल अर्पित करें, लेकिन उसे छूने से बचें।
काले वस्त्र धारण करें: पूजा के समय काले वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।
शुद्धता का ध्यान रखें: पूजा के समय मन और तन की शुद्धता का विशेष ध्यान रखें।
घर में पूजा करें: मंदिर में जाकर पूजा करने से बेहतर है कि महिलाएं घर पर ही शनिदेव की पूजा करें।
धार्मिक मान्यता है कि शनिदेव की पूजा व्यक्ति को शत्रु बाधा, बीमारी, और जीवन के संकटों से बचाती है। उनकी कृपा से लोगों को कर्मफल का उचित लाभ मिलता है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
महिलाओं को शनिदेव की पूजा में इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जिससे पूजा का पूर्ण फल मिल सके और कोई त्रुटि न हो। सही विधि और श्रद्धा पूर्वक की गई पूजा से शनिदेव की कृपा बनी रहती है।
Published on:
11 Jan 2025 06:48 am
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