
पोकरण क्षेत्र के रामदेवरा गांव में स्थित लोकदेवता बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनों के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के अंदाज निराले है। जिसके चलते यहां आने वाले कई श्रद्धालु आकर्षण का केन्द्र बन जाते है। ऐसे ही कुछ पदयात्री गुरुवार को सुबह पोकरण पहुंचे, जो छह अलग-अलग घोड़ों पर सवार थे। गौरतलब है कि भगवान श्रीकृष्ण के कलयुगी अवतार माने जाने वाले लोकदेवता बाबा रामदेव की समाधि क्षेत्र के रामदेवरा गांव में स्थित है। यहां प्रतिवर्ष 30 से 40 लाख श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचते है। इनमें कोई वाहनों, बसों, रेलों, कोई पदयात्रा, कोई कनक दण्डवत, कोई पेट के बल लुढक़ते तो कोई नाक रगड़ते हुए यहां पहुंचते है। श्रद्धा व आस्था के चलते श्रद्धालु अपने साथ कपड़े का घोड़ा लाकर चढ़ाते है और कोई तो सोने व चांदी से निर्मित घोड़े भी लाते है। यही नहीं समाधि पर कई लोग जीवित घोड़े भी चढ़ाते है। गुरुवार को गुजरात से पदयात्रियों का एक दल पोकरण पहुंचा, इसमें छह घोड़े भी शामिल थे, जो दिन भर कस्बे में आकर्षण का केन्द्र बने रहे।
गुजरात के पाटन में बाबा रामदेव का मंदिर स्थित है। मंदिर में सेवा करने वाले कांति बाबा ने बताया कि उनकी ओर से कोई मन्नत मांगी गई थी, जो बाबा के आशीर्वाद से पूरी हो चुकी है। इसी के चलते उनकी ओर से घोड़ों के साथ पदयात्रा निकाली गई। संघ में छह घोड़े और 15 पदयात्री शामिल है, जो गत 28 अक्टूबर को पाटन से रवाना हुए थे। करीब 500 किलोमीटर का सफर 18 दिनों में पूरा कर पदयात्री पोकरण पहुंचे। कस्बे में फलसूंड रोड पर स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय संख्या एक में पड़ाव डाला गया है। एक साथ छह घोड़ों पर चढ़े हुए और साथ में दल-बल के साथ पदयात्रा कर रहे श्रद्धालुओं के संघ से यहां माहौल धर्ममय हो गया। गुरुवार की शाम पदयात्री घोड़ों के साथ रामदेवरा के लिए रवाना हुए और देर शाम बाबा की समाधि के दर्शन किए।
पदयात्रियों के साथ आए घोड़ों के उपचार अथवा थकने पर परिवहन के लिए एक अत्याधुनिक एम्बुलेंस साथ चल रही है। इसके अलावा चाय, नाश्ते, खाने सहित पूरा साजो-सामान भी वाहनों में साथ चल रहा है। पदयात्रियों की ओर से विद्यालय मैदान में डेरा डालने से यहां चहल पहल हो गई। इसके अलावा गुजरात से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे। साथ ही स्थानीय लोगों व युवाओं की घोड़ों को देखने के लिए भीड़ लग गई। पदयात्रियों की ओर से अपने साथ लाए गए घोड़े आकर्षण के साथ कौतूहल का विषय बन गए। कई लोग किसी फिल्म की शूटिंग चलने की बात करने लगे, लेकिन जब उन्हें बाबा के श्रद्धालुओं की जानकारी हुई तो उनका उत्साह भी कुछ कम हो गया। शाम तक भी यहां लोगों की देखने के लिए आवाजाही व रेलमपेल रही।
Published on:
14 Nov 2024 11:13 pm
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