यूपीआइ के जरिए जून में 5.47 लाख करोड़ का लेन-देन हुआ

कोरोना काल में डिजिटल पेमेंट में हुआ इजाफा।
यूपीआइ के जरिए मई में 4.93 लाख करोड़ का लेन-देन हुआ।
यूपीआइ के जरिए मार्च में 2.73 लाख बिलियन ट्रांजेक्शन हुए।
आरटीजीएस से लेन-देन में 13.4 प्रतिशत की गिरावट देखी गई ।

By: विकास गुप्ता

Updated: 03 Jul 2021, 01:38 PM IST

नई दिल्ली। कोरोना काल के दौरान डिजिटल पेमेंट में इजाफा हुआ है। लोकप्रिय डिजिटल भुगतान मोड यूनाइटेड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआइ) ने नया रेकॉर्ड कायम किया है। इसके जरिए जून में 5,47,373 करोड़ का लेन-देन हुआ है, जो अभी तक इसका उच्चतम स्तर है।

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के अनुसार, यूपीआइ के जरिए हुए लेन-देन में मूल्य और मात्रा दोनों शर्तों में 10-11 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला है। इससे पहले यूपीआइ ने मई के लिए 2.53 बिलियन लेन-देन देखे, जो मार्च, 2021 के 2.73 बिलियन से कम थे। मूल्य के लिहाज से मई के लिए यूपीआइ का लेन-देन 4.93 लाख करोड़ रुपए रहा है।

भुगतान में इजाफा: जून के दौरान व्यावसायिक गतिविधियों के फिर से शुरू होने से इसमें तेजी से इजाफा हुआ है। भारत बिल भुगतान प्रणाली, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह, आधार-सक्षम भुगतान प्रणाली और तत्काल भुगतान सेवा सहित अन्य भुगतान के तरीकों में भी जून में वृद्धि हुई है।

जीडीपी में उछाल से सकारात्मक संकेत-
आईसीआरए के सेक्टर प्रमुख उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता ने कहा कि वित्त वर्ष 2021 के दौरान कोरोना से उत्पन्न चुनौतियों के कारण व्यावसायिक गतिविधियों में मंदी थी। इसके चलते कुल डिजिटल भुगतान में कई तिमाहियों में गिरावट देखने को मिली। हालांकि इस साल आर्थिक गतिविधियों के दोबारा पटरी पर लौटने और जीडीपी में फिर से आए उछाल से इस वित्तीय वर्ष में डिजिटल भुगतान में वृद्धि होने की संभावना है।

विकास गुप्ता
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