scriptAbout half of patients remain unaware of diabetes | डायबिटीज से अनभिज्ञ रहते हैं करीब आधे मरीज | Patrika News

डायबिटीज से अनभिज्ञ रहते हैं करीब आधे मरीज

Published: Nov 14, 2022 10:02:17 pm

Submitted by:

Patrika Desk

  • 15 नवंबरः विश्व मधुमेह दिवस
  • मधुमेह के इलाज के चार पहलू हैं। इनमें से कोई भी एक काफी नहीं है और प्रभावी इलाज के लिए चारों ही उपाय करने होंगे।

प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक चित्र
डॉ. चंद्रकांत लहारिया
‘टिल वी विन: इंडियाज फाइट अगेंस्ट कोविड-19 पैंडेमिक’ के लेखक
...............................................................................................

मधुमेह रोग भारत सहित विश्व के कई देशों के लिए स्वास्थ्य चुनौती बन गया है। मधुमेह के कारण दिल, गुर्दों और तंत्रिकाओं से संबंधित बीमारियां होने की संभावना दो से तीन गुना बढ़ जाती हैं। विश्व में मधुमेह से हर साल करीब 15 लाख लोगों की मृत्यु होती है। इसके अलावा 5 लाख लोगों की मौत मधुमेह के कारण गुर्दे खराब होने से हो जाती है। दिल की बीमारियों में हर पांच में से एक के लिए मधुमेह जिम्मेदार है।
मधुमेह की बीमारी बढऩे का मुख्य कारण खान-पान की आदतों में तेजी से आया बदलाव है। लोग उच्च कार्बोहाइड्रेट, परिष्कृत शर्करा और ट्रांस-फैटी एसिड का अधिक इस्तेमाल करने लगे हैं। साथ ही, सुस्त जीवनशैली और आबादी में बढ़ता मोटापा अन्य मुख्य कारक हैं। मधुमेह और उससे बचाव के लिए जागरूकता लाने के लिए, वर्ष 1991 से हर वर्ष 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है। 2007 से संयुक्त राष्ट्र ने भी इसे मधुमेह दिवस के तौर पर आधिकारिक मान्यता दी है।
मधुमेह की वजह से होने वाली अधिकतर मौतें रोकी जा सकती हैं। वर्ष 1922 में यानी ठीक सौ साल पहले जब इंसुलिन की खोज हुई, तब से मधुमेह के इलाज में क्रांतिकारी प्रगति हुई है। पहले मधुमेह की वजह पैंक्रिआज ग्रंथि में बीटा कोशिकाओं का ढंग से काम न करना, लिवर तथा मांसपेशियों तीनों को माना जाता रहा था। इसलिए, वर्ष 1990 से पहले इनसे जुड़ी दवाओं के तीन समूह - इंसुलिन, सल्फोनाइलयूरिया और बाईगुएनिड (मेटफोर्मिन) रहे। वैज्ञानिक अनुसंधान से निष्कर्ष निकले कि बीटा सेल, लिवर और मांसपेशियों के अलावा मधुमेह की बीमारियों और उनके नियंत्रण में वसा कोशिकाओं, जठरांत्र प्रणाली, गुर्दे, अल्फा सेल और मस्तिष्क की भी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। ये सब मिलकर ‘अशुभ अष्टक’ बनाते हैं।
इस आधार पर 1995 के बाद से, मधुमेह की पांच नई प्रकार की दवाएं बाजार में आई हैं: थाओजोलिडीओनेस (पियोग्लीटाजोन); मेगालिटिनाइड्स (रेपैग्लिनाइड); अल्फा ग्लाइकोसिडेज इनहिबिटर (एकार्बोज, वॉगलीबॉस); जीएलपी एनालॉग (लिराग्लूटाइड); डीपीपी-4, अवरोधक (विल्डाग्लिप्टिन) और एसजीपीटी-2 अवरोधक (डापा ग्लिफ्लोजिन)। इसका अर्थ हुआ कि आज हमारे पास ‘अशुभ अष्टक’ के हर मर्ज का इलाज है।
आज के समय में मधुमेह से प्रभावित व्यक्ति पूरी तरह से सामान्य जिंदगी जी सकता है, बशर्ते बीमारी को समय रहते पहचान लिया जाए और इलाज शुरू कर दिया जाए। लेकिन याद रखें कि मधुमेह का इलाज सिर्फ इंसुलिन नहीं है। बल्कि, इंसुलिन की जरूरत तो मात्र 100 में से 15 मरीजों को ही होती है।
मधुमेह के इलाज के चार पहलू हैं द्ग पहला, जीवन शैली में बदलाव, जिसमें नियमित शारीरिक गतिविधियां जैसे घूमने जाना इत्यादि और संतुलित आहार शामिल हैं। दूसरा, स्वयं की देखभाल, जिसमें अपना ख्याल रखना, नियमित रूप से ब्लड शुगर की जांच करना शामिल है। तीसरा, डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं नियमित रूप से लेना। चौथा, मधुमेह से होने वाले कॉम्प्लीकेशन्स से बचाव और उनका भी इलाज। इनमें से कोई भी एक काफी नहीं है और मधुमेह के प्रभावी इलाज के लिए चारों ही उपाय करने होंगे।
भारत में ही अनुमानत: 8 करोड़ मधुमेह रोगी हैं यानी हर 10 वयस्क में से एक को मधुमेह है। उनमें से आधे यानी करीब 4 करोड़ इस बात से अनभिज्ञ हैं कि उन्हें मधुमेह रोग है। यह बीमारी बच्चों सहित किसी भी आयु वर्ग में हो सकती है। मधुमेह ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों और गरीब व अमीर सभी लोगों को प्रभावित करती है। हमें समय रहते मधुमेह पर लगाम लगनी होगी। पहला, मधुमेह से प्रभावित आधे लोग बीमारी से अनभिज्ञ होते हैं और जब जटिलताएं विकसित होती हैं तब उन्हें इसका पता चलता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। बार-बार भूख या प्यास लगना या पेशाब आना मधुमेह के मुख्य लक्षण हैं। साथ ही वजन कम होना, थकान, कमजोरी, दृष्टि का धुंधलापन, बार-बार त्वचा के संक्रमण और मामूली घाव का लंबे समय तक नहीं भरना भी इसके लक्षण हैं। सरकार को चाहिए कि इन लक्षणों के बारे में जागरूकता लाए ताकि लोग समय पर चिकित्सकीय सलाह ले सकें।

सम्बधित खबरे

सबसे लोकप्रिय

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Weather Update: राजस्थान में बारिश को लेकर मौसम विभाग का आया लेटेस्ट अपडेट, पढ़ें खबरTata Blackbird मचाएगी बाजार में धूम! एडवांस फीचर्स के चलते Creta को मिलेगी बड़ी टक्करजयपुर के करीब गांव में सात दिन से सो भी नहीं पा रहे ग्रामीण, रात भर जागकर दे रहे पहरासातवीं के छात्रों ने चिट्ठी में लिखा अपना दुःख, प्रिंसिपल से कहा लड़कियां class में करती हैं ऐसी हरकतेंनए रंग में पेश हुई Maruti की ये 28Km माइलेज़ देने वाली SUV, अगले महीने भारत में होगी लॉन्चGanesh Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी पर गणपति जी की मूर्ति स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त यहां देखेंJaipur में सनकी आशिक ने कर दी बड़ी वारदात, लड़की थाने पहुंची और सुनाई हैरान करने वाली कहानीOptical Illusion: उल्लुओं के बीच में छुपी है एक बिल्ली, आपकी नजर है तेज तो 20 सेकंड में ढूंढकर दिखाये

बड़ी खबरें

श्रद्धा मर्डर केस : FSL दफ्तर के बाहर आफताब की वैन पर तलवार से हमला, 4-5 लोगों ने बनाया निशानागुजरात चुनाव: अरविंद केजरीवाल पर पथराव, सूरत में रोड शो के दौरान मचा हड़कंप'सद्दाम' जैसा लुक पर हिमंता बिस्व सरमा की सफाई, कहा- दाढ़ी हटा लें तो 'नेहरू' जैसे दिखेंगे राहुलदिल्ली में श्रद्धा मर्डर जैसा एक और केस, शव के टुकड़े कर फ्रिज में रखा, मां-बेटा गिरफ्तारपायलट और गहलोत की कलह से भारत जोड़ो यात्रा पर नहीं पड़ेगा फर्क : राहुल गांधीCM भूपेश बघेल बोले- बलात्कारी को बचाने में लगी हुई है भाजपा, ED-IT को लेकर कही ये बातऋतुराज गायकवाड़ ने एक ओवर में 7 छक्के जड़कर बनाया विश्व रिकॉर्ड, युवराज को भी छोड़ा पीछेगुजरात चुनाव में 'आप' को झटका, वसंत खेतानी भाजपा में शामिल केजरीवाल निराशा
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.