scriptAzadi Ka Amrit Mahotsav : May our minds be one, let's all be together | Azadi Ka Amrit Mahotsav : हमारे मन एक हों, सब साथ चलें | Patrika News

Azadi Ka Amrit Mahotsav : हमारे मन एक हों, सब साथ चलें

Azadi Ka Amrit Mahotsav : 75वां स्वतंत्रता दिवस 75th independence day 2021 एक पवित्र अवसर है। इस दिन 74 साल पहले हम विदेशी राज की परतंत्रता के सभी बंधनों से मुक्त हुए, स्वाधीन हुए। इसे हम अमृत महोत्सव के रूप में मना रहे हैं।

नई दिल्ली

Updated: August 14, 2021 08:44:00 am

राजेंद्र बोड़ा, वरिष्ठ पत्रकार

Azadi Ka Amrit Mahotsav : Independence Day 2021 : एक राष्ट्र के रूप में भारतवासियों के लिए 75वां स्वतंत्रता दिवस 75th independence day 2021 एक पवित्र अवसर है। इस दिन 74 साल पहले हम विदेशी राज की परतंत्रता के सभी बंधनों से मुक्त हुए, स्वाधीन हुए। इसे हम अमृत महोत्सव के रूप में मना रहे हैं। इस महोत्सव का विशेष महत्त्व है। आजादी के इन सात दशकों में जमाना बदल गया है। तीसरी पीढ़ी आ गई है। पहली पीढ़ी ने आजादी पाने की जद्दोजहद का जमाना खुद देखा था, भुगता था। दूसरी पीढ़ी ने उसे अपने बुजुर्गों से सुना, महसूस किया। परंतु वर्तमान तीसरी पीढ़ी को उसकी कोई सहज याद नहीं है। यह महोत्सव मौजूदा पीढ़ी को उन सपनों, आशाओं तथा अपेक्षाओं की याद दिलाएगा जिन्हें 'हम भारत के लोग' अपने दिलों में लिए हुए रहे थे। आर्थिक-सामाजिक गैर-बराबरी की धूल को पोंछ कर खुशहाल भारत के निर्माण का यज्ञ पूरा करने के लिए और तेजी से जुट जाने के लिए यह महोत्सव नया उत्साह भरेगा।

Azadi Ka Amrit Mahotsav : हमारे मन एक हों, सब साथ चलें
Azadi Ka Amrit Mahotsav : हमारे मन एक हों, सब साथ चलें

आजादी के बाद की तीसरी पीढ़ी देश को एक युवा राष्ट्र बनाती है। हमारी 65 प्रतिशत आबादी 35 साल से कम उम्र की है जो अकल्पनीय बदलाव लाने की क्षमता रखती है, यदि सबको गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल जाए, सेहत ठीक रखने के इंतजाम हों और हाथों में हुनर दे दिया जाए। यह पीढ़ी तैयार होकर अर्थव्यवस्था में भागीदार बन जाए तो हमारे देश को दुनिया के शीर्ष पर पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता। इसलिए यही वह समय है जब हम अपने पुरातन इतिहास वाले नए राष्ट्र के भविष्य के लिए लक्ष्य निर्धारित करें।

स्वाधीनता दिवस का अमृत महोत्सव यह अवसर देता है कि हम भविष्य पर निगाह रखते हुए देश की आजादी के संघर्ष के गौरवशाली इतिहास को भी याद रखें। अपनी कमजोरियों को जानें व उनका आकलन करें, मगर उनसे लज्जित न हों। आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ें। भारत के पास गर्व करने के लिए अथाह भंडार है, समृद्ध इतिहास है, चेतनामय सांस्कृतिक विरासत है जो हमें ऊंची उड़ान भरने के लिए शक्तिशाली पंख देती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत मार्च माह में गुजरात के साबरमती आश्रम से स्वाधीनता के अमृत महोत्सव की शुरुआत करते हुए कहा था कि 'किसी राष्ट्र का गौरव तभी जाग्रत रहता है जब वो अपने स्वाभिमान और बलिदान की परम्पराओं को अगली पीढ़ी को भी सिखाता है, संस्कारित करता है, उन्हें इसके लिए निरंतर प्रेरित करता है।' इसीलिए यह आशा की जा सकती है कि यह महोत्सव नई पीढ़ी में लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान पैदा करेगा और उनमें आजादी पाने के लिए दिए गए बलिदानों की स्मृति जगाते हुए समता तथा न्याय मूलक समाज की रचना की प्रेरणा देगा।

इस महोत्सव के दौरान लोकतांत्रिक व्यवस्था में नैतिकता के प्रतिमानों की याद भी आएगी और संविधान प्रदत्त अधिकारों के आग्रह के साथ हम में दायित्वों का बोध भी होगा। हम अपने और अपनों के संकुचित दायरे से बाहर निकल कर वृहद सामाजिक दायित्व को भी समझेंगे। अपने ही सच को सार्वभौमिक सच मानने के दुराग्रह से बचेंगे। यही सनातन मार्ग भी है। ऐसा करना कुछ चुनिंदा लोगों का काम नहीं है। यह हम सभी का दायित्व है। तेजी से बदल रही डिजिटल यंत्र तकनीक के दौर में इसकी और भी गहनता से आवश्यकता है। तभी हम तेजी से हो रहे जबरदस्त बदलाव के दौर में अपने पांव मजबूती से जमाए रख सकेंगे और ऋग्वेद के इस मंत्र का अनुसरण कर सकेंगे - 'ऊँ संगच्छध्वं संवदध्वंसं वो मनांसि जानताम्' अर्थात 'हम सब एक साथ चलें, आपस में संवाद करें, हमारे मन एक हों।'

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Corona Update in Delhi: दिल्ली में संक्रमण दर 30% के पार, बीते 24 घंटे में आए कोरोना के 24,383 नए मामलेSSB कैंप में दर्दनाक हादसा, 3 जवानों की करंट लगने से मौत, 8 अन्य झुलसे3 कारण आखिर क्यों साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2-1 से सीरीज हारा भारतUttar Pradesh Assembly Election 2022 : स्वामी प्रसाद मौर्य समेत कई विधायक सपा में शामिल, अखिलेश बोले-बहुमत से बनाएंगे सरकारParliament Budget session: 31 जनवरी से होगा संसद के बजट सत्र का आगाज, दो चरणों में 8 अप्रैल तक चलेगाHowrah Superfast- हावड़ा सुपरफास्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों को परिवर्तित मार्ग से करना पड़ेगा सफर, इन स्टेशनों पर नहीं जाएगी ट्रेनपूर्व केंद्रीय मंत्री की भाजपा में वापसी की चर्चाएं, सोशल मीडिया पर फोटो से गरमाई सियासतTrain Reservation- अब रेल यात्रियों के पांच वर्ष से छोटे बच्चों के लिए भी होगी सीट रिजर्व, जानने के लिए पढ़े पूरी खबर
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.