राज्य की डायरी : छोटे राज्य में शुरू हुई बड़ी राजनीति

त्रिपुरा... यहां विधानसभा चुनाव 2023 में होने वाले हैं, पर लग यह रहा है कि इस साल ही चुनाव हो रहे हैं। सभी पार्टियां चुनावी मोड में दिख रही हैं।

By: Patrika Desk

Published: 27 Sep 2021, 12:04 PM IST

देश के तीसरे सबसे छोटे राज्य त्रिपुरा में बड़ी राजनीति शुरू हो गई है। यहां विधानसभा चुनाव 2023 में होने वाले हैं, पर लग यह रहा है कि इस साल ही चुनाव हो रहे हैं। सभी पार्टियां चुनावी मोड में दिख रही हैं। विपक्ष राज्य सरकार पर हमलावर है, तो भाजपा सरकार बचाव की मुद्रा में दिख रही है। माकपा और कांग्रेस की मौजूदगी वाले इस राज्य में तृणमूल कांग्रेस नए सिरे से समीकरण बैठा रही है। वह सत्तारूढ़ और विपक्ष के असंतुष्ट नेताओं को अपने पाले में करने की कोशिश कर रही है।

पश्चिम बंगाल में मिली सफलता के बाद तृणमूल कांग्रेस की नजर त्रिपुरा पर टिक गई है। इस राज्य में पार्टी की जीत उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है। यही वजह है कि तृणमूल राज्य में अपना अभियान शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कांग्रेस भी सक्रिय नजर आ रही है। कांग्रेस ने बीरजीत सिन्हा को पार्टी की त्रिपुरा इकाई का प्रमुख नियुक्त किया है।

विपक्ष राज्य की कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश में है। विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया। दूसरी ओर सत्तारूढ़ पार्टी विपक्ष को रोकने के लिए हर हथकंडे अपना रही है। राज्य सरकार टीएमसी को त्रिपुरा में रैलियां करने से रोक रही है। सरकार ने पश्चिम और पूर्व अगरतला पुलिस थाना क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी है। मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब विपक्ष के तमाम आरोपों को खारिज कर रहे हैं। माना जा रहा है कि राज्य में आने वाले समय में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ेगा।

- रवीन्द्र राय

Patrika Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned