बड़ा सवाल, आखिर मास्क के लिए कैसे प्रेरित किया जा सकता है?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया कि आखिर मास्क के लिए कैसे प्रेरित किया जाए। पाठकों ने मिलीजुली प्रतिक्रिया दी। पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रिया...

By: shailendra tiwari

Updated: 23 Sep 2020, 05:23 PM IST

सराहनीय पहल
मास्क, कोरोना जैसी जान लेवा बीमारी से सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन हैं। इसके बावजूद आमजन और नेताओं द्वारा इसका उपयोग करने में कोताही बरतना शर्मनाक हैं। जबसे कोरोना नामक महामारी फैली हैं मास्क, सैनिटाइजरए एवं आवश्यक दूरी बनाए रखने के प्रति लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। बावजूद इसके नागरिकों द्वारा नियमों की अवहेलना बीमारी को बढ़ा रही हैं। देश के अधिकांश नेता मास्क जैसे छोटे से साधन का सार्वजनिक स्थानों, सभाओं में उपयोग करने में लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे में आम आदमी से ये उम्मीद करना कि वे जागरूक होकर बीमारी से बचने के लिए इन साधनों का उपयोग करेंगे,मुश्किल है। वैसे भी हमारे देश के लोग कुछ नहीं होता कि मानसिकता लिए हुए हैं। नियमों को तोडऩा और ले-दे कर काम निकालना हम देशवासियों की आदत में शुमार है। सरकार को चाहिए कि मास्क पहने बगैर घूमने-फिरने वालों के लिए कठोर दंड का प्रावधान करे, सिर्फ जुर्माना लगाना समस्या का समाधान नहीं हैं। पत्रिका की पहल 'मास्क नहीं तो फोटो नहींÓ स्वागत योग्य है। इससे कम से कम नेताओं को तो नींद से जगाने में मदद मिलेगी।
- विनोद कटारिया, रतलाम
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लोगों को जागरूक किया जाए
मास्क लगाने के लिए प्रेरित करने में विज्ञापन एक अच्छा माध्यम रहेगा। लोगों को विज्ञापन के माध्यम से जागरूक किया जा सकता है। कोविड-19 वैश्विक महामारी एक संक्रामक बीमारी है, जो खुले में सांस लेने, संक्रामक व्यक्ति से बिना मास्क के बात करने, वस्तुओं को छूने पर फैलती है। वर्तमान हालात को देखते हुए लोगों को सभा में एकत्रित करके जागरूक नहीं किया जा सकता। मास्क लगाना अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग कम जागरूक होते हैं तो उनमें मास्क के प्रति जागरूकता जरूरी है। मास्क लगाना क्यों जरूरी है, उसके सकारात्मक पक्ष के बारे में लोगों को बताया जाए। घरों में रहे ंऔर सुरक्षित रहें, बहुत जरूरी कार्य हो तभी घर से बाहर निकलें और अगर घर से बाहर निकलना हो तो मास्क अनिवार्यत: लगा कर निकलें। अगर लोग मास्क नहीं लगाते हैं तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
-करण मेहरा, तेलपुरए सिरोही
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जिम्मेदारी है मास्क लगाना
मास्क लगाना हमारी जिम्मेदारी के अंतर्गत आता है। सभी लोग संकल्प लें कि वे पांच लोगों को मास्क का महत्व समझाएंगे। कोरोना के विरुद्ध हमारी लड़ाई का पहला कदम यही है। यदि हम इस पहले कदम पर हार गए तो मुश्किल हो जाएगी। इसलिए खुद मास्क लगाओ और दूसरों को भी लगाने के लिए प्रेरित करें
-अहमद कासिम, जयपुर
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धर्म गुरुओं का सहयोग लिया जाए
राजस्थान सरकार की 'नो मास्क, नो एंट्रीÓ की पहल को सम्पूर्ण भारत में लागू करने के साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं, धर्म गुरुओं आदि का सहारा लिया जा सकता है। बच्चों को जागरूक करने के लिए अध्यापकों को निर्देश दिया जाना चाहिए। इसमें सबसे महत्वपूर्ण योगदान तो मीडिया का हो सकता है, क्योंकि मीडिया समाज की सोच को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है।
-लक्ष्मण डोबवाल, चतरपुरा, उनियारा, टोंक
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जुर्माना राशि बढ़ाई जाए
सामाजिक संगठन लोगों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। तमाम तरह की समझाइश के बावजूद भी अब जब लोग अपनी नैतिक जिम्मेदारी से दूर भाग रहे हैं, तो जुर्माना राशि बढ़ाकरए कठोरता से उसका पालन करवाना चाहिए, ताकि अगली बार जब भी कोई बाहर निकलें तो भारी भरकम जुर्माने के डर से मास्क लगाकर ही बाहर निकलें।
-दुर्गेश राठौड़, सूरतगढ़, श्रीगंगानगर
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बिना मास्क सामान न दें
मास्क न लगाने पर दुकानदार उपभोक्ता को सामान न दे। ऐसे दुकानदार से सामान न लें, जिसने मास्क नहीं लगा रखा हो। इससे लोग मास्क लगाना शुरू कर देंगे। मास्क जरूर लगाएं। हम अपनी और दूसरों की जिंदगी को दांव पर नहीं लगा सकते।
-भगवान सिंह खारोल , दीगोद, कोटा
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स्वास्थ्य मित्र नियुक्त किए जाएं
कोरोना से बचने का मूल मंत्र मास्क लगाना और 2 गज की दूरी बनाए रखना ही है, परंतु कुछ लोग इसका भी पालन नहीं करते और बिना मास्क लगाए इधर-उधर घूमते हैं। इस कारण संक्रमण बढऩे का खतरा बना रहता है। हर नगर और गांव में स्वास्थ्य मित्र नियुक्त किए जाने चाहिए। वे बिना मास्क लगाकर घूमते लोगों को पहले चेतावनी देंं। फिर भी अगर कोई व्यक्ति नहीं मानता तो उस पर जुर्माना लगाने का अधिकार भी दिया जाए
-शुभम वैष्णव, सवाई माधोपुर
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मास्क वितरित किए जाएं
कोरोना के खतरे को देखते हुए मास्क जनता को नि:शुल्क वितरित किए जाएं। कार्यालयों, बाजारों, चौपालोंए, संस्थानों, बसोंए, ट्रेनों, पार्को, कायक्रमों आदि में 'नो मास्क, नो एंट्रीÓ के नियम की पालना करवाई जाए।
-कैलाश सामोता, कुंभलगढ़, राजसमंद
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कठोर कार्रवाई जरूरी
कोरोना वायरस दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है, लेकिन लोग नियमों की पालना करने की बजाय उनको नजरअंदाज कर रहे हैं। सरकारी दफ्तरों, निजी क्षेत्रों, बाजारों में जाते समय मास्क अनिवार्य कर दिया गया है। लोगों को समझना होगा कि मास्क हमारा बचाव करता है। नियम की पालना न करने पर कार्रवाई जरूरी है।
-राजेन्द्र कुमार जांगिड़, जूना मीठा खेड़ा, बाड़मेर
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सख्ती की जरूरत
कोरोनावायरस ने विकराल रूप धारण कर लिया है। फिर भी लोगों में जागरूकता की कमी है। लोग मनमानी और लापरवाही कर रहे हैं, जिस वजह से यह वायरस इतना ज्यादा फैल रहा है। ऐसे समय में सरकार की सख्ती की बहुत आवश्यकता है। मास्क पहनना हमारी आवश्यकता है। मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना वसूली में सख्ती जरूरी है।
-रितु शेखावत जयपुर
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मास्क सही तरीके से लगाना भी जरूरी
लोगों को समझना होगा कि कोरोना बहुत घातक है और इसके दुष्परिणामों किसी भी परिवार की खुशियां छीन सकते हंै। हमें लोगो को इसकी गंभीरता को समझना है। इससे सावधानी रखकर आसानी से हरा सकते है और मास्क न केवल हमारा, बल्कि सामने वाले का भी बचाव करता है। हमें मास्क को अब अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है। सबसे अच्छी बात तो यह है कि हम इसे आसानी से घर पर भी बना सकते हैं। समय रहते नहीं संभले, तो लापरवाही की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। इसलिए मास्क को हमें बोझ नहीं समझना है। मास्क का सही तरीके से इस्तेमाल जरूरी है।
-खुशाल सिंह राठौर जोधपुर
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जागरूकता जरूरी
किसी भी प्रकार की बीमारी से निपटने के लिए व्यक्ति को समय-समय पर ट्रीटमेंट के साथ-साथ पूर्ण सावधानी की आवश्यकता होती है। इसलिए लोगो में यह जागरूकता लाना बेहद जरूरी है कि मास्क लगाने से कोरोना के साथ-साथ अन्य कई बीमारियों से भी बचा जा सकता है। इस प्रकार की जागरूकता के लिए ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ।
-चंद्राश मीणा, बरथल निवाई, टोंक
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अब भी जागरूकता नहीं
लगभग पिछले 6 माह से पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है, लेकिन मास्क और सैनिटाइजर के प्रति इतनी जागरूकता नहीं आयी है। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और ज्यादा भयावह हंै। प्रशासन की सख्ती से शहरी क्षेत्रो में थोड़ी बहुत जागरूकता नजर आती है। मास्क न पहनने वाले लोगों को हतोत्सािहत करना आवश्यक है।
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कानून को सख्ती से लागू किया जाए
अब तक सब जान चुके हैं कि मास्क लगाने के कितने फायदे हैं और मास्क नहीं लगाने के कितने नुकसान हंै। ऐसे में रही बात लोगो को मास्क लगाने के प्रेरित करने की तो, सोते हुए आदमी को जगाया जा सकता है, जो सोने का नाटक कर रहा उसे नहीं। फिर भी मास्क लगाने के्र कानून को सख्ती से लागू किया जाए।
-शैलेंद्र गुनगुना, झालावाड़
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जागरूकता के लिए प्रयास हों
जैसे-जैसे कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है, लोगों को यह समझ में आने लगा है कि मास्क क्यों जरूरी है। इसके बावजूद सभी कार्यालयों-संस्थानों में लोगों को इसकी जानकारी देकर अन्य लोगों को प्रेरित करना होगा। पुलिस व अन्य समाजसेवी संस्थाओं द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने की आवश्यकता को जन-जन में फैलाना होगा। छोटे-छोटे वाक्यों व कविताओं के माध्यम से भी लोगों को प्रेरित किया जाए। उनको समझाया जाए कि मास्क लोगों के जीवन के लिए कितना महत्त्वपूर्ण है। जिस तरह से प्रतिष्ठानों को कहा गया है कि वे बिना मास्क के किसी भी ग्राहक को कोई वस्तु ना बेचें, उसी तरह सरकारी कार्यालयों में कार्य बाबत आने वाला व्यक्ति यदि बिना मास्क के आता है, तो उसे अटेंड ना करें ।
-विमल कुमार शर्मा, मानसरोवर, जयपुर
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नो मास्क,नो न्यूज की पहल
जिला स्तर पर महिला, पुरुष, बाल एवं वरिष्ठ वर्ग में एक-एक कोरोना ब्रांड एम्बेसेडर नियुक्त किए जाएं। इसके लिए नेहरू युवा संगठनो, राज्य स्तरीय स्काउट गाइड तक पहुंचे स्काउट, एनसीसी में सक्रिय छात्र-छात्राओं की भी सेवा ली जा सकती है। ये ब्रांड एम्बेसेडर डिजिटल एवं सोशल मीडिया तथा पब्लिक सार्वजनिक स्थानों पर कोरोना गाइडलाइन के अनुसार मास्क के बेहतर उपयोग के बारे में लोगों को बताएं। इससे ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर पर मास्क की क्रांति को एक सकारात्मक, सुनियोजित तरीके से प्रसारित किया जा सकता है। राजस्थान पत्रिका की हाल ही में 'नो मास्क,नो न्यूजÓ की पहल लाभकारी रही है। ऐसी ही जन हितकारी पहल आवश्यक है।
-डॉ.नयन प्रकाश गांधी, कोटा
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जरूरी है मास्क
कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से पूरी दुनिया जूझ रही है। अभी तक भी वैक्सीन नहीं बन पाई है। इसके कारण से यह तेजी से फैल रही है। इससे बचाव के लिए मास्क जरूरी है। मीडिया के माध्यम से आम जनता तक इसका महत्व जनता तक पहुंचाया जाए। लोगों को समझाया जाए कि मास्क पहनना कितना जरूरी है।
-सुरेंद्र कुमार बिंदल, मालवीय नगर जयपुर
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जिंदगी का असली टास्क, मुंह पर जरूर लगाएं मास्क।
भले ही किसी लापरवाह व्यक्ति को अपनी जान प्यारी ना हो, लेकिन उन्हें दूसरों की जान की रक्षा करनी चाहिए। दूसरों के लिए जीना ही जिंदगी है। इसी उद्देश्य के साथ मास्क लगाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। अपनी सुरक्षा के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा की चिंता ही मानवता है। कोरोना रूपी युद्ध को मास्क और सैनिटाइजर से ही हराया जा सकता है। जिंदगी का असली टास्क, मुंह पर जरूर लगाएं मास्क।
-दिव्यांश, लोरमी, मुंगेली
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नो मास्क, नो इंट्री
सरकार ने मास्क की अनिवार्यता तो कर दी, लेकिन जब तक आमजन जागरूक नहीं होंगे तब तक कुछ नहीं होने वाला। सार्वजनिक स्थानों पर 'नो मास्क, नो इंट्रीÓ की सख्ती से पालना करवाई जाए। आमजन तक जानकारी पंहुचाकर ही सफलता मिलेगी।
-दिनेश पाटीदार, करावाड़ा, डूंगरपुर

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