राज्य की डायरी : टीकाकरण से सुधरे दोनों दलों के रिश्ते

- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में कोविड टीकाकरण अभियान को गति देने के लिए लगातार राज्य सरकारों को प्रेरित कर रहे हैं।
- शुक्रवार को देश में हुए रेकॉर्ड टीकाकरण में बड़ी भागीदारी बिहार की रही।

By: Patrika Desk

Published: 20 Sep 2021, 11:05 AM IST

जनता दल यूनाइटेड की पिछले दिनों बिहार की राजधानी पटना में हुई राष्ट्रीय परिषद की बैठक में जातीय जनगणना कराने सहित कई मामलों को लेकर प्रस्ताव पास किए गए थे। जब भाजपा नेता जातीय जनगणना के खिलाफ अपनी मंशा प्रकट करने लगे, तो दोनों ही पार्टियों के बीच दूरियां भी बननी शुरू हो गईं। इसी बीच जदयू नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) ने नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को 'पीएम मैटेरियल' बताते हुए यह भी कहा था कि भविष्य में क्या होगा, कोई नहीं जानता। कुशवाहा के इस बयान पर नीतीश कुमार स्वयं नाराज हो गए थे। कुशवाहा ने भी बाद में चुप्पी साध ली। दोनों पार्टियों की अलग-अलग दिशा में चल रही पतवार से डगमगा रही नैया को अचानक कोविड-19 टीकाकरण की मुहिम ने संभाल लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में कोविड टीकाकरण अभियान को गति देने के लिए लगातार राज्य सरकारों को प्रेरित कर रहे हैं।

शुक्रवार को देश में हुए रेकॉर्ड टीकाकरण में बड़ी भागीदारी बिहार की रही। राज्य ने खुद का एक दिन में सबसे ज्यादा टीकाकरण का रेकॉर्ड भी तोड़ दिया। 17 सितंबर को बिहार ने देश में नंबर वन बनते हुए एक ही दिन में 30.67 लाख टीकाकरण कर प्रधानमंत्री को बड़ा तोहफा दिया। नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय अभियान में साथ देकर एक साथ दो तीर चलाए हैं। राज्य के लोगों को महामारी से मुक्ति दिलाने का प्रयास हुआ, तो दूसरी ओर प्रधानमंत्री के साथ फिर से पुराने संबंधों को मजबूत करने की कोशिश शुरू हो गई।
-बिनोद पांडेय

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