scriptBJP maintains its dominance while Congress is continuing its downfall | भाजपा का दबदबा कायम और कांग्रेस बेदम | Patrika News

भाजपा का दबदबा कायम और कांग्रेस बेदम

Five States Assembly Elections 2022: दलित राजनीति का अवसान एक महत्त्वपूर्ण फलित

Published: March 11, 2022 12:23:35 pm

अरुण कुमार त्रिपाठी

(वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और शिक्षक)

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का साफ संदेश है कि तमाम विपरीत स्थितियों के बावजूद भारतीय जनता पार्टी और उसके नेतृत्व की लोकप्रियता कायम है। विपक्ष के रूप में कांग्रेस के उभरने या कायम रह पाने की उम्मीद और कमजोर हुई है। बल्कि 2024 के आम चुनावों के लिए अगर कहीं से विपक्ष के उभरने की संभावना है तो वह क्षेत्रीय दलों के रूप में ही उभरेगा और उसमें कांग्रेस की भूमिका गौण होगी। पांच में से चार राज्यों में भाजपा की सरकारें थीं और वह सभी जगह सत्ता में लौट रही है। यह कोई छोटी बात नहीं कि कोरोना जैसी महामारी, आसमानी महंगाई, हाहाकारी बेरोजगारी, सबसे बड़े किसान आंदोलन और छुट्टा जानवरों की गंभीर समस्या के बावजूद भाजपा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा व मणिपुर राज्यों की सत्ता कायम रख सकी है। उत्तर प्रदेश, जहां सबसे ज्यादा सत्ता विरोधी माहौल की भविष्यवाणी की जा रही थी वहां उसका मत प्रतिशत बढ़ा है। यह बात अलग है कि वहां प्रमुख विपक्षी गठबंधन समाजवादी पार्टी व अन्य का वोट प्रतिशत भी काफी बढ़ा है।
प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक चित्र
उत्तर प्रदेश पर पूरे देश की निगाहें लगी थीं और हिंदुत्व एजेंडे के सबसे बड़े प्रतीक के रूप में उभरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो बाबा बुलडोजर के नाम से चर्चित भी हो गए थे। एक ओर खेतों में घूमते जानवर तो दूसरी ओर बुलडोजर और एनकाउंटर के माध्यम से अपने को ही कानून समझने के नाते विरोधी लोग उनमें तानाशाही प्रवृत्ति भी देख रहे थे। पर जनता अगर घटी सीटों के साथ भी उन्हें दूसरी बार मुख्यमंत्री बना रही है तो यह मानने में कोई एतराज नहीं होना चाहिए कि भाजपा के राष्ट्रवादी आख्यान और उनकी प्रशासनिक शैली की जनता में स्वीकार्यता है। उसके विपरीत भाजपा की ही शैली में विपक्षी गठबंधन का ताना-बाना बुनने वाले अखिलेश यादव ने निश्चित तौर पर अपनी पार्टी और अपने नेतृत्व को प्रासंगिक बनाया है और प्रदेश में एक मजबूत विपक्ष बनकर उभरते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बावजूद यह कहने में संकोच नहीं होना चाहिए कि जाति जनगणना, पुरानी पेंशन और 300 यूनिट फ्री बिजली पर आधारित उनके सामाजिक न्याय के दर्शन को जनता ने शासन करने लायक नहीं माना है। लेकिन सबसे ज्यादा उल्लेखनीय है पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड में कांग्रेस का पतन। अगर कांग्रेस किसान आंदोलन के असंतोष पर सवारी करके पंजाब की सत्ता कायम रख पाती और उत्तराखंड में भाजपा को हटा पाती तो एक उम्मीद बन सकती थी कि वह 2024 के चुनावों में सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन को चुनौती देने वाली पार्टी बन सकती है। लेकिन कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन और पंजाब में आम आदमी पार्टी के शानदार प्रदर्शन ने संकेत दे दिए हैं कि या तो 2024 में भी भाजपा नीत एनडीए के विरुद्ध कोई मजबूत विपक्षी गठबंधन नहीं उभर पाएगा और अगर उभरेगा तो उसमें कांग्रेस की प्रमुख भूमिका नहीं रहेगी।
देश में भाजपा की मजबूत होती राजनीति व उसमें योगी के रूप में उभरा नया आक्रामक नेतृत्व संकेत दे रहा है कि वहां भी राष्ट्रीय नेतृत्व के लिए समीकरण बदलेंगे। इस चुनाव का एक पेंच जनांदोलन व चुनावी राजनीति का रिश्ता भी है। इतने बड़े आंदोलन के बावजूद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में भाजपा का लौटना व उसी आंदोलन में संदिग्ध भूमिका के आरोप झेलने वाली पार्टी को पंजाब में प्रचंड बहुमत मिलना हैरान करने वाला है। इसलिए शायद सही है कि जनांदोलन किसी एक पार्टी के वोटों के समानुपाती नहीं होता। इससे केंद्र में मजबूत सरकार के कायम रहने की संभावना प्रबल व गठबंधन की सरकारों का दौर लौटने की संभावना क्षीण हुई है। कुछ लोग इसे राष्ट्र के लिए अच्छी तो दूसरे लोग इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक स्थिति कह सकते हैं। बसपा के संस्थापक कांशीराम कहते थे कि हमें केंद्र में मजबूत नहीं, मजबूर सरकार चाहिए। कैसी विडंबना है कि केंद्र और राज्य में मजबूत सरकारें बनने के साथ उनकी पार्टी समाप्त होती जा रही है। दलित राजनीति का यह अवसान इस चुनाव का एक महत्त्वपूर्ण फलित है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

बुध जल्द वृषभ राशि में होंगे मार्गी, इन 4 राशियों के लिए बेहद शुभ समय, बनेगा हर कामज्योतिष: रूठे हुए भाग्य का फिर से पाना है साथ तो करें ये 3 आसन से कामजून का महीना किन 4 राशियों की चमकाएगा किस्मत और धन-धान्य के खोलेगा मार्ग, जानेंमान्यता- इस एक मंत्र के हर अक्षर में छुपा है ऐश्वर्य, समृद्धि और निरोगी काया प्राप्ति का राजराजस्थान में देर रात उत्पात मचा सकता है अंधड़, ओलावृष्टि की भी संभावनाVeer Mahan जिसनें WWE में मचा दिया है कोहराम, क्या बनेंगे भारत के तीसरे WWE चैंपियनफटाफट बनवा लीजिए घर, कम हो गए सरिया के दाम, जानिए बिल्डिंग मटेरियल के नए रेटशादी के 3 दिन बाद तक दूल्हा-दुल्हन नहीं जा सकते टॉयलेट! वजह जानकर हैरान हो जाएंगे आप

बड़ी खबरें

राष्ट्रीय खेल घोटाला: CBI ने झारखंड के पूर्व खेल मंत्री के आवास पर मारा छापामहंगाई पर आज केंद्र की बड़ी बैठक, एग्री सेस हटाने और सीमेंट के दाम कम करने पर रहेगा जोरPM Modi in Hyderabad: KCR पर मोदी का इशारों में वार, परिवादवाद को बताया लोकतंत्र का दुश्मनUP Budget: युवाओं के रोजगार-व्यापार के लिए Yogi ने बनाया स्पेशल प्लान, जानिए कैसे मिलेगी नौकरी'8 साल, 8 छल, भाजपा सरकार विफल...' के नारे के साथ मोदी सरकार पर कांग्रेस का तंजसुप्रीम कोर्ट ने सेक्स वर्क को भी माना प्रोफेशन, पुलिस नहीं करेगी परेशान, जारी किए निर्देशमोदी सरकार के 8 साल पूरे; नोटबंदी, एयर स्ट्राइक, धारा 370 खत्म करने सहित सरकार के 8 बड़े फैसलेआयकर विभाग के कर्मचारी ने तीन- तीन लाख रुपए में बेचे कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के पेपर, शिक्षिका पत्नी के खाते में किए ट्रांसफर
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.