न्याय दिलाने में देरी भी अपराध ही है

Jameel Khan

Publish: Apr, 17 2018 02:44:13 PM (IST)

Opinion
न्याय दिलाने में देरी भी अपराध ही है

आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की बेटियां छाई रहीं। देश की झोली में कई स्वर्ण पदक आए।

आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की बेटियां छाई रहीं। देश की झोली में कई स्वर्ण पदक आए। भारतीय एथलीट के गोल्ड कोस्ट में अपने शानदार प्रदर्शन से देशवासियों का सीना गर्व से चौड़ा हुआ , खासकर बेटियों के प्रदर्शन से हम इतने खुश है कि सोचते है अगले जन्म हमारे यहां बिटिया ही कीजो, लेकिन क्या बेटियां भी यही चाहती हैं? क्या वो भी सोचती हैं कि अगले जन्म मोहे बिटिया ही कीजो? इस सवाल का जवाब शायद नहीं में मिलेगा7
संस्कृत का श्लोक है च्यत्र नार्यस्तु पूज्यन्त, रमन्ते तत्र देवता:ज् ।

इसका अभिप्राय है कि जहां नारी पूजन होता, वहां देवताओं का निवास होता है7 ऐसे समाज या परिवार से देवतागण भी प्रसन्न होते हैं। लेकिन विडंबना यह है कि यह मात्र कहने और सुनने को ही रह गया है, यह सच्चाई से बहुत परे है, क्योंकि देश में इन्हीं बेटियों में से एक बेटी के साथ अन्याय हो रहा है7 घटना यूपी के उन्नाव जिले की है। एक लड़की ने जिले के विधायक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। पीड़िता ने एक साल में डीएम, एसपी और यहां तक की मुख्यमंत्री की चौखट तक कई चक्कर लगाए, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।

डीएम, एसपी को पत्र लिखा और मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला। यहां तक की पीड़िता के अनुसार उसे पुलिस द्वारा धमकाया भी गया। लड़की के पिता को आर्म्स एक्ट और मारपीट के मामले में जेल भेज दिया गया और वहां उसकी हत्या कर दी जाती है और सब बस देखते रह जाते हैं7 कोई कुछ नहीं कर पाता7

शायद इसलिए क्योंकि आरोपी एक बड़ा विधायक था? इसी तरह के दबंग लोगों की वजह से पुलिस प्रशासन की भी किरकिरी होती है7 इस मामले में भी हुई। शिकायत आते ही इस तरह के लोगों पर एक्शन नहीं लिया जाता और बाद में धर पकड़ का सिलसिला शुरू होता है, इस केस में सरकार देर से जगी और विधायक पर मुकदमा दर्ज करने और केस की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया।

मेडिकल जांच और सुरक्षा देने में लापरवाही बरतने के आरोप में उन्नाव जिला अस्पताल के दो डॉक्टरों और पुलिस अधीक्षक को निलंबित कर दिया। तीन डॉक्टरों पर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए गए। जिला जेल के अधिकारियों पर भी जांच की आंच आ गई। लेकिन अभी भी पीड़िता को इंसाफ नहीं मिला है। आखिर कब तक इस प्रकार के दबंग लोगों के खिलाफ ढुलमुल रवैया अपनाकर सरकारें अपनी किरकिरी कराएंगी। देरी से न्याय मिलना भी कोई न्याय नहीं होता। जब तक न्याय मिलता है, तब तक पीड़ित का न्याय व्यवस्था से भरोसा डगमगा गया होता है7 यह सच में चिंता का विषय है।

कणिका छोकर

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