आपकी बात, क्या जांच एजेंसियों का दुरुपयोग होता है?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

By: Gyan Chand Patni

Published: 28 Dec 2020, 06:37 PM IST

बढ़ गया राजनीतिक दुरुपयोग
जांच एजेंसियां किसी भी राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ होती हैं। विडंबना यह है कि ये एजेंसियां सदैव संदेह के घेरे में ही रहती हंै। बीते कुछ दशकों में जांच एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग बढ़ा है। इनके कई दिग्गज अधिकारी भी भ्रष्टाचार के आरोप में जांच के घेरे में आए हैं। प्रत्येक जांच एजेंसियों में ऐसे कुछ भ्रष्टाचारी अधिकारी शामिल होते हैं, जो जांच प्रक्रिया को सुचारु रूप से नहीं चलने देते। ऐसे में कैसे हम कानून के राज की आशा करें? जब तक जांच एजेंसियां राजनीतिक प्रभाव से दूर नहीं होंगी, तब तक किसी भी प्रकार के सुधार की आशा नहीं की जा सकती।
-डॉ.अजिता शर्मा, उदयपुर
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राजनीतिक दबाव बड़ी समस्या
जांच एजेंसियां पर भी राजनीतिक दबाव पड़ता है। ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीँ है जहां नेताओं की मनमर्जी नही चलती हो। अखबारों मे आए दिन बड़े-बड़े घोटालों की खबर प्रकाशित होती रहती हंै। आरोपी पकड़ भी लिए जाते हैं। थोड़े दिन जोर-शोर से कार्रवाई की खबरें आती हैं। आखिर में किसी नेता के दबाव में आरोपियों को क्लीन चिट दे दी जाती है। विभागीय भ्रष्टाचार के चलते भी हालात बिगड़े हैं। धन के लालच में आकर जांच एजेंसियों के अधिकारी भी मामलों को रफा-दफा कर देते हैं।
-लता अग्रवाल, चित्तौडग़ढ़
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विश्वसनीयता पर सवाल
यह सच है कि आज के समय में जांच एजेंसियों का दुरुपयोग ही किया जाता है। इसी वजह से सीबीआइ की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठता है। सभी यह चाहते हैं कि ऐसी एजेंसियों की विश्वसनीयता बनी रहे। इसके लिए इन्हें बिना किसी दबाव के काम करने की छूट दी जानी चाहिए।
-गजानन पाण्डेय, हैदराबाद
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विरोधियों के दमन का हथियार
जांच एजेंसियों का दुरुपयोग नई बात नहीं है। जिसके हाथ में सत्ता होती है, वह अपने विरोधियों को कुचलने का प्रयास करता है। इसके लिए वह सिस्टम का दुरुपयोग करता है। कोई भी राजनीतिक पार्टी जब सत्ता में आती है, तो वह विरोधी पार्टियों के खिलाफ इन एजेंसियों का इस्तेमाल करती हैं।
-रमेश कुमार लखारा, बोरुंदा, जोधपुर
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ताकि बना रहे विश्वास
भारत में लंबे समय तक एक ही राजनीतिक दल की सरकार रही। उसने जांच एजेंसियों का मनमाना उपयोग किया। इसका अनुकरण दूसरे दलों ने भी किया। जांच एजेंसियों को मजबूत और स्वतंत्र बनाने के प्रयास किए जाएं, ताकि जनता में इनके प्रति विश्वास और भरोसा कायम हो।
-भगवान प्रसाद गौड़, उदयपुर
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राजनीति का दखल
सीबीआई या दूसरी जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता राजनीति के कारण घटती जा रही है। यदि जांच कमेटियों के काम में नेता दखल देंगे, तो सही जांच कैसे होगी। जांच एजेंसियों को स्वतंत्र कार्य करने दिया जाए। उनको राजनीतिक दलों के शिकंजे से बाहर निकालने की जरूरत हैं।
-मनु प्रताप सिंह चींचडौली, जयपुर
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जरूरी है निष्पक्षता
देश की विभिन्न जांच एजेंसियां काफी हद तक अपने उद्देश्यों को पूरा करने में सफल रही हैं, परन्तु कभी-कभी इनकी कार्यप्रणाली को लेकर शंका भी पैदा होती है। इसका जो प्रत्यक्ष कारण है वह है उनके कामकाज में प्रभावशाली व्यक्ति का दखल। जांच एजेंसियां अपना कार्य पूरी निष्पक्षता से करें। जांच एजेंसियां ही संदेह के घेरे में आ जाएंगी, तो देश में कानून का राज कैसे कायम रह पाएगा।
-शुभम् कुमार बाहेती, चौहटन, बाड़मेर
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अधिकारी करते हैं कत्र्तव्य का निर्वहन
एनआइए, ईडी और सीबीआई जैसी जांच एजेंसियों का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल के आरोप केंद्र सरकार पर लगते रहे हैं। इस तरह के आरोप विपक्ष लगाता है। जांच के परिणाम हर किसी को संतुष्ट नहीं कर पाते हैं। इन जांचों की निष्पक्षता सवालों के घेरे मे आ ही जाती है। जांच एजेंसियों के काबिल अधिकारियों पर सवालिया निशान उठाना गलत है। वे तो अपने कत्र्तव्य का निर्वहन ईमानदारी से ही करते हैं।
-नरेश कानूनगो, बेंगलूरु, कर्नाटक
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काम में दखल न दें नेता
आज भारतवर्ष में छोटी से छोटी जांच एजेंसी से लेकर बड़ी से बड़ी जांच एजेंसी राजनीतिक हस्तक्षेप से अछूती नहीं है। सत्तारूढ़ दल के नेता जांच एजेंसियों को निष्पक्ष जांच नहीं करने देते है। जांच का परिणाम जैसा राजनेता चाहते हैं, वैसा ही आता है। संवैधानिक रूप से तो जांच एजेन्सियां निष्पक्ष कार्य करने के लिए स्वतंत्र हैं, परन्तु धरातल ऐसा दिखाई नहीं देता है। सीबीआइ तक इसकी चपेट में रहती है। नेता जांच एजेंसियों के काम में हस्तक्षेप न करें।
-कैलाश चन्द्र मोदी, सादुलपुर, चूूरू
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विरोधियों को सबक सिखाने के लिए दुरुपयोग
यह एक कटु सत्य है कि सत्ता पर आसीन दल अपने अधीन आने वाली जांच एजेंसियों का इस्तेमाल अक्सर अपने राजनीतक विरोधियों को सबक सिखाने के लिए करते हैं। एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए यह परंपरा हानिकारक हो सकती है। सभी राजनीतिक पार्टियों को इस गलत तरीके का इस्तेमाल बंद करना चाहिए।
-धर्मेंद्र कौशिक, सुभाष नगर, भीलवाड़ा
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अपने लोगों को बचाने की कवायद
सत्ताधारी पार्टियों के नेता अपने लोगों को बचाने और विरोधियों को फंसाने के लिए जांच एजेंसियों को प्रभावित करते हैं। देश के कुछ राज्यों मेें सीबीआइ जांच पर रोक लगाई गई है। जांच एजेंसियों के काम में राजनीतिज्ञ दखल बंद होना चाहिए।
-हरिप्रसाद चौरसिया, देवास, मध्यप्रदेश

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