आपकी बात: क्या चीन के बहाने अमरीका अपना वर्चश्व बढ़ाना चाहता है?

  • पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था, पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रिया आईं। पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

By: shailendra tiwari

Updated: 12 Oct 2020, 05:31 PM IST

अमरीका के लिए खतरा बन रहा है चीन
पूरी दुनिया कोरोना के कारण अब भी दहशत में है। अमरीका ने चीन पर इस बीमारी को छिपाए रखने का आरोप लगाया है। पश्चिम का दबदबा खत्म हो रहा है और पूरे विश्व के बाकी देशों का वर्चस्व बढ़ रहा और इन बाकी देशों की श्रेणी में चीन सबसे आगे है। अर्थव्यवस्था के लिहाज से बड़ी अर्थव्यवस्था तो है ही, चीन अमेरिका के लिए हर क्षेत्र में खतरा बना हुआ है। अमरीका और चीन के बीच व्यापार, कोरोना वायरस, मानवाधिकार व अन्य मुद्दों पर लगातार तनाव व संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। इसके परिणामस्वरूप अमरीका चीन पर कई तरह के प्रतिबंधों के माध्यम से अपना नियंत्रण रखना चाहता है। ऐसे में सभी देशों को अपने स्वविवेक से देशहित में निर्णय लेने की आवश्यकता है।
-डॉ. अजिता शर्मा, उदयपुर
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चीन पर अंकुश जरूरी
अमरीका का प्रभाव तो दुनिया के अन्य देशों पर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से ही रहा है। जब-जब विश्व के अन्य देशों ने अमरीका के प्रभुत्व को चुनौती दी है, तब-तब अमरीका ने साम , दाम, दंड और भेद की नीति अपना कर उनको शांत कर दिया। इराक, सीरिया और रूस इसके उदाहरण हैं। वर्तमान समय में चीन भी अन्य देशों की आर्थिक मदद कर के विश्व में अपना प्रभाव जमाने में लगा है, जो चीन की विस्तारवादी नीति का ही रूप है। इस कारण से अमरीका की राजनीति में हलचल मची हुई है। अमरीका ये कभी नही चाहता कि उसके मुकाबले में कोई अन्य देश खड़ा हो, इसी वजह से अमेरिका कभी मानवाधिकार एवं कमजोर देश पर अत्याचार जैसे मुद्दों को लेकर विश्व मंच पर चीन को घेरता रहता है। सकारात्मक रूप से देखा जाए, तो चीन जैसे सम्यवादी देश की विस्तारवादी नीति पर अंकुश लगाना भी जरूरी है।
-भारत नागर, बारां
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चीन से नाराज है अमरीका
चीन से फैले कोरोना संक्रमण ने अमरीका की हालत खराब कर दी है। विश्व में अमरीका जैसे शक्तिशाली देश का प्रभाव कम होता सा प्रतीत होने लगा है। आर्थिक नुकसान के साथ अमरीका में कोरोना वायरस से प्रभावित होने वालों की बहुत बड़ी संख्या राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की चिंता का कारण बनी हुई है। वर्तमान मे चीन द्वारा अन्य देशों मे अपने पैर फैलाना भी चिंता का विषय बना हुआ है। आने वाले समय के लिए चीन द्वारा तेल का भंडारण, समुद्री सीमाओं का विस्तार भी अमेरिका को पसंद नही आ रहा है।
-नरेश कानूनगो, बेंगलुरु
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सतर्क रहे भारत
चीन के साथ लंबे समय से चल रही तनातनी को लेकर अमरीका उसके खिलाफ मोर्चा खोलने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहता। भारत को अमरीका के उतावलेपन को दरकिनार कर फिलहाल चीन के खिलाफ ऐसे किसी भी कदम से बचना जरूरी है, जो हमें युद्ध की तरफ ले जाता हो। युद्ध किसी समस्या का हल नहीं है। अमरीका इस सत्य को स्वीकार नहीं करेगा, क्योंकि वह दूसरे विश्व युद्ध के बाद से कहीं ना कहीं युद्ध के बहाने खोजता रहा है।
-मुकेश जैन चेलावत, पिड़ावा, झालावाड़
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अमरीका को चुनौती
चीन भले ही अपने पड़ोसियों को तंग कर रहा हो, लेकिन वह यहीं नहीं रुकने वाला।, दरअसल, वह वैश्विक प्रभुत्व स्थापित करने के लिए अमरीका को चुनौती देना चाहता है । इसलिए अमरीका सतर्क है। वह चीन की हर हरकत पर नजर रख रहा है।
-रित्विक शर्मा,राजसमन्द
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अवसरवादी अमरीका
विश्व का शक्तिशाली राष्ट्र अमरीका हमेशा ही अपने दोहरे रवैए और अवसरवादी नीति के लिए जाना जाता रहा है। चीन भारत का पड़ोसी देश है और चीन पाकिस्तान का सहयोगी राष्ट्र है। इसके कारण ही भारत चीन से दूर होता जा रहा है। इसी बहाने अमरीका भारत के प्रत्येक क्षेत्र में अपना वर्चस्व कायम करना चाहता है। भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा जनसंख्या वाला देश है, जो अमेरिका के लिए बड़ा बाजार है।
-विक्रम गर्ग ,डूंगरी, पिण्डवाड़ा
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अमरीका की मंशा
महाशक्ति अमरीका यह नहीं चाहता कि कोई और देश उससे आगे निकले। चीन को रोकने के लिए उसके पास एक मात्र रास्ता है भारत। उसकी मंशा भारत को चीन के प्रतिद्वंद्वी के रूप में तैयार करने की है।
-नटेश्वर कमलेश, चांदामेटा, छिन्दवाड़ा
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अपना ही फायदा चाहता है अमरीका
इसमें कोई संदेह नहीं है कि अमरीका अपना ही फायदा देखता है। अब वह चीन के विरोधी देशों में अपनी पकड़ बनाकर अपना वर्चस्व बढ़ाना चाहता है, जिससे वह अपने साम्राज्यवादी एवं व्यापारिक हितों को पूरा कर सके।
-पंकज मीणा, गंगापुर सिटी
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आर्थिक हितों पर ध्यान
भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति में अमरीका द्वारा बार-बार यह प्रस्ताव दिया जाना कि वह मध्यस्थता के लिए तैयार है,यह परिलक्षित करता है कि एशिया में वह अपना प्रभुत्व स्थापित करना चाहता है। अमेरिका अपने अत्याधुनिक हथियारों की बिक्री के बाजार के तौर पर एशिया को देख रहा है एवं अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहता है। वर्तमान परिस्थितियों में हमें अपनी विदेश नीति को और मजबूत बनाना होगा।
-रमेश भाखर, फागलवा, सीकर
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चीन बन रहा कई देशों के लिए खतरा
वर्तमान समय में चीन अपने आस-पास के क्षेत्रों में अपनी सैन्य गतिविधियां तेजी से बढ़ा रहा है, जो कई देशों के लिए बड़ा खतरा है। चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए इस क्षेत्र के देशों को विश्व शक्ति अमरीका का सहयोग अपेक्षित है। इस सहयोग से अमरीका का वर्चस्व निश्चित रूप से बढ़ेगा, परंतु यदि वह संयमित रहकर किसी भी देश की संप्रभुता को ठेस पहुंचाए बिना चीन को काउंटर करता है, तो उसके लिए यह समय अपनी विश्वसनीयता बढ़ाने और विश्व शक्ति बने रहने का एक बेहतर अवसर साबित हो सकता है।
-सुनील कुमार पीपलीवालए जयपुर
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एक ध्रुवीय विश्व
अमरीका एक ध्रुवीय विश्व चाहता है। चीन तो सिर्फ बहाना है, अमरीका पूरे विश्व में अपना ही वर्चस्व चाहता है। वर्ष 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद से लगातार अमरीका अपना वर्चस्व बढा़ रहा है। चाहे अमरीका में डेमोक्रेट राष्ट्रपति रहा हो या रिपब्लिकन, वह हमेशा संसार पर अपना आधिपत्य स्थापित करने के लिए ही काम करता रहा है। अमरीका समय-समय पर शक्ति के नए केन्दों पर नियंत्रण करता है।
-कुमेर मावई, नयावास, गुढाचन्द्रजी
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अमरीका की रणनीति
निश्चित रूप से इस दौर में अमरीका अच्छी स्थिति में नहीं है। आज अगर एक नजर में देखे तो अमरीका का प्रभाव वाकई घट रहा है। चीन ने ग्लोबल सप्लाई चेन में खुद को सबसे बड़ी कड़ी बना लिया है। अमेरिका महामारी से त्रस्त है और चीन उससे आगे बढ़ चला है। इसीलिए अमरीका ने भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान समेत कई लोकतांत्रिक देशों को चीन का प्रतिकार करने के लिए एकजुट किया है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चीन विरोधी देशों को समर्थन देना अमरीका रणनीति का ही एक हिस्सा है। चीन से त्रस्त ताइवान को समर्थन देना भी अमेरिका की दक्षिण पूर्व एशिया में अपनी पैठ बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
-हर्ष शर्मा, श्योपुर, मध्यप्रदेश
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अमरीका की सक्रियता बढ़ी
निस्संदेह अमरीका सैन्य एवं आर्थिक क्षेत्र मेंं सशक्त शक्ति रहा है, लेकिन कुछ वर्षों से चीन लगातार विस्तारवाद की नीति से अमरीका को नीचा दिखाने एवं विश्व शक्ति बनने की ओर अपने कदम बढ़ा रहा है। उसे रोकने के लिए अमरीका की सक्रियता बढ़ गई है।
-महेश आचार्य, नागौर
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भारत पर बढ़ता अमरीका का प्रभाव
अब भारत पर अमरीका का प्रभाव बढ़ेगा। इसकी वजह यह है कि हम चीन के सामानों का बहिष्कार करेंगे, अमरीका भारत के बाजार में अपना प्रभाव बढ़ाएगा। इससे नई समस्या पैदा हो जाएगी।
-खीवराज घांची, मेड़ता सिटी, नागौर
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अशांति पैदा करता है अमरीका
इतिहास बताता है कि अमरीका ने विश्व में अशांति ही पैदा की है। विश्व में अपना वर्चस्व कायम करने की होड़ में अमरीका विश्व शांति की अनदेखी कर देता है। अब कोरोना महामारी के समय में अमरीका चीन के प्रभाव को कम करना चाहता है।
-सन्नी ताम्रकार, दुर्ग, छत्तीसगढ़
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अमरीका का रवैया
शीतयुद्व के बाद अमरीका विश्व की एक मात्र महाशक्ति बन गया। तब से लेकर आज तक वह अपना वर्चस्व बनाए हुए है। पिछले कुछ समय से चीन ने भी अपना वर्चस्व बढ़ाया है और खुले तौर पर चीन, अमरीका को चुनौती दे रहा है। चीन की यही चुनौती अमरीका को खटक रही है। जब से भारत और चीन के बीच एलएसी को लेकर तनातनी चल रही है, तब से अमरीका इस पर लगातार नजर बनाए हुए है और भारत को समर्थन की बातें कर रहा है, जिसमें उसका भी हित छुपा हुआ है। इसलिए कहा जा सकता है कि चीन के बहाने अमेरिका अपना वर्चस्व बढ़ाना चाहता है।
-कुशल सिंह राठौड़,कुड़ी भगतासनी,जोधपुर
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सभी राष्ट्रों के विकास का ध्यान रखा जाए
निस्संदेह चीन का विकास रथ प्रगति के पथ पर अग्रसर है। विश्व का हर देश इस प्रगति को देखकर चकित है। भारत भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। चीन एवं भारत के बढ़ते प्रभाव से अमरीका जैसे देश चिंतित हैं। मुश्किल यह है कि चीन अपने विकास के लिए नैतिकता-अनैतिकता में फर्क नहीं करता। इसलिए चीन की यह विकास यात्रा निश्चित ही वैश्विक संकट को उत्पन्न करने वाली हैं। अमरीका इस बात को अच्छे से समझ रहा है। वह चीन को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है, जो सभी देशों के हित में है। अमरीका वैश्विक नेतृत्व करते हुए सभी राष्ट्रों के हितों का संरक्षण करे। सभी देशों को अपने तरीके से विकसित होने में सहयोग दे।
-अमित कुमार दवे, उदयपुर
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जरूरी है चीन पर नियंत्रण
एक तरफ चीन विश्व का सबसे शक्तिशाली देश बनने के लिए हर दिन नई-नई तरकीबें अपना रहा है, वहीं अमरीका उसकी हर चाल को विफल करना चाहता है। अमरीका चीन के हर उस कदम पर निगरानी रख रहा है, जिससे कि विश्व में उसके स्थान को कहीं किसी भी तरह से चोट न पहुंचे। अमरीका अपना वर्चस्व बरकरार रखना चाहता है, वहीं राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भारतीय अमरीकियों और विश्व की नजरों में अपनी छवि को निरंतर सुधारने की कोशिश में लगे हुए हैं, ताकि वे पुन: शीर्ष नेतृत्व को हासिल कर सकें। निश्चित रूप से चीन पर किसी देश का अंकुश होना बहुत आवश्यक है।
-दलीप कुमार वर्मा बांसवाड़ा
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आगे बढ़ रहा है चीन
चीन के तानाशाही रवैए और उसकी विस्तारवादी नीति के चलते अमरीका सहित कई देश चीन के विरोध में आ गए हैं। कोरोना वायरस को भी चीन की साजिश करार दे रहे हैं । वहीं दूसरी तरफ चीन खुद को एक उभरती हुई विश्व शक्ति के रूप में देख रहा है। इसी वजह से अमरीका अपनी विश्व शक्ति की छवि बरकरार रखने के लिए चीन को घेरने का कोई भी बहाना नहीं छोड़ रहा है ।
-अमन शमा, इंदौर, मध्यप्रदेश

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