आत्म-दर्शन : पर्यावरण की हिफाजत

पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. ने फरमाया अगर कयामत आ रही हो और तुम में से किसी के हाथ में कोई पौधा हो तो उसे लगा ही दो और परिणाम की चिंता मत करो।

By: विकास गुप्ता

Published: 28 May 2021, 08:31 AM IST

इस्लाम ने इंसानों को पर्यावरण की हिफाजत करने और धरती पर किसी भी तरह का बिगाड़ पैदा करने से मना किया है। कुरआन इंसानों को धरती पर बिगाड़ पैदा करने से रोकता है-'धरती में बिगाड़ पैदा मत करो। निश्चय ही अल्लाह बिगाड़ पैदा करने वालों को पसन्द नहीं करता। (28-77)' कुरआन संसाधनों के जरूरी इस्तेमाल के लिए कहता है और किसी भी चीज के फिजूल इस्तेमाल से रोकता है-'खाओ और पियो, परन्तु फिजूलखर्ची मत करो।'

वह फिजूलखर्च करने वालों को पसन्द नहीं करता। (7: 31) पर्यावरण को सही बनाए रखने के लिए इस्लाम ने पौधारोपण पर जोर दिया है। पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. ने फरमाया अगर कयामत आ रही हो और तुम में से किसी के हाथ में कोई पौधा हो तो उसे लगा ही दो और परिणाम की चिंता मत करो। उन्होंने यह भी कहा कि जो बंदा पौधा लगाता है या खेतीबाड़ी करता है। फिर उसकी मदद से किसी परिंदे, इंसान या अन्य किसी जीव का पेट भरता है तो यह नेकी है।

विकास गुप्ता
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