हेट स्पीच से सरकार को लाभ, रोकने के लिए नहीं है गंभीर-बंसल

  • कांग्रेस के हरियाणा प्रदेश प्रभारी व कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य-विवेक बंसल

By: shailendra tiwari

Updated: 29 Sep 2020, 03:44 PM IST

  • सस्ती लोकप्रियता व छोटे राजनीतिक लाभ के लिए हल्के बयान देने का बढ़ रहा चलन, साजिश के तहत हेट स्पीच से समाज में पैदा की जा रही है खाई, इसके दूरगामी दुष्परिणाम होंगे, जो देश की अखंडता को प्रभावित करेगा।


1 — देश में हेट स्पीच को बढ़ाने में राजनीतिक दल कितने जिम्मेदार हैं?

जवाब: देखिए, यह एक ऐसा सवाल है, जिसमें सभी राजनीतिक दलों को बांधने की कोशिश करना शायद उपयुक्त नहीं होगा। यह कह सकते हैं कि कुछ राजनीतिक दलों ने इसको प्राथमिकता दी है। सत्ता हासिल करने के लिए ऐसे राजनीतिक दल देश में नफरत का माहौल पैदा कर रहे हैं।

2 — देश के भीतर हेट स्पीच को बढ़ावा देने के लिए राजनीतिक दलों के आईटी सेल को जिम्मेदार माना जा सकता है?

जवाब: आईटी सेल के फायदे भी है। वर्तमान में कोरोना महामारी के दौरान लोग एक-दूसरे से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। बिहार में चुनाव आ गया है और राजनीतिक दल अपने मतदाताओं से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में यह एक माध्यम है लोगों से जुडऩे का है। हर चीज के फायदे और नुकसान होते हैं, लेकिन आज की राजनीतिक परिदृश्य में इसका अत्याधिक दुरुपयोग हो रहा है। मिस इंफोरमेशन बेहद ज्यादा फैलाई जा रही है। हेट स्पीच को ज्यादा देखेंगे या सुनेंगे, ऐसा सोचकर आजकल कुछ राजनीतिक दलों के आईटी सेल इस तरह की बातें फैला रहे हैं। एक धर्म विशेष के खिलाफ नफरत का माहौल पैदा किया जा रहा है। ऐसे में सत्ता में रहने वाले लोगों को इसके दुरुपयोग को रोकने के बारे में सोचना चाहिए।

3 — सोशल मीडिया में वायरल होने के लिए नेता हल्के बयान जारी करते हैं, जिससे विवादों में आ जाएं?

जवाब: सोलह आने सच है यह बात, सस्ती लोकप्रियता, छोटे राजनीतिक लाभ और हमेशा चर्चा में बने रहने के लिए नेताओं का हल्के बयान देने का चलन बढ़ रहा है। इसको जितनी जल्दी रोक सकें, उतना ही देश और समाज के लिए बढिय़ा है।

4 — हेट स्पीच ने देश में अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक के बीच में खाई बढ़ाने का काम किया है?

जवाब: हेट स्पीच से निश्चित तौर समाज में खाई पैदा हो रही है। यह साजिश के तहत हो रहा है। इसके दूरगामी दुष्परिणाम होंगे, जो देश की अखंडता को प्रभावित करेगा। दिल्ली दंगा तो महज एक बानगी है। इस सरकार के कार्यकाल में ऐसे ढोरों उदाहरण है। इसको रोकने के लिए हर स्तर पर सख्त कदम उठाने होंगे। राजनीति और समाज में संदेश बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि न्याय देना ही काफी नहीं है, उसका दिखना भी जरूरी है। जब हर समुदाय में यह भरोसा होता है कि न्याय प्रक्रिया निष्पक्ष है तो उसे हर कोई स्वीकर करता है। आज कहीं न कहीं यह भाव छूट रहा है।


5 — सोशल मीडिया के राजनीतिक दुरुपयोग के लिए कौन जिम्मेदार है? क्यों नहीं इसे अपराध घोषित किया जाता है?

जवाब: बिल्कुल सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए इसको अपराध घोषित करना जरूरी है। जब ऐसे कुछ लोगों को चिन्हित किया जाएगा और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी होगी तो कहीं न कहीं इस पर अंकुश लगेगा। पिछल 5-6 सालों में सोशल मीडिया के दुरुपयोग कई मामले सामने आए हंै।


6 — हेट स्पीच को रोकने और डाटा को सुरक्षित बनाने के लिए गंभीर प्रयास क्यों नहीं हो रहे हैं?

जवाब: सरकार को हेट स्पीच से राजनीतिक फायदा हो रहा है। जिसकी वजह से वह इसे रोकने के लिए गंभीर प्रयास नहीं कर रही है। इस तरह के मामलों को अपराध बनाना चाहिए। कहीं भी इस तरह के मामले हो तो सरकार-शासन को तत्काल कार्रवाई कर इसे रोकना चाहिए।

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