आपकी बात, रक्तदान के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को कैसे प्रेरित किया जा सकता है?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

By: Gyan Chand Patni

Published: 15 Jun 2021, 05:58 PM IST

मान सम्मान और सुविधा मिलेे
रक्त की जरूरत कब किस इंसान को पड़ जाए, कहा नहीं जा सकता। क्या पता आपके खून की कुछ बूंदे किसी जरूरतमंद की सांसों को थमने से रोक दें। प्रचार-प्रसार के बावजूद आज भी बहुत से लोगों के दिलोदिमाग में रक्तदान को लेकर कुछ गलत धारणाएं विद्यमान हैं। यही वजह है कि बहुत प्रयास के बावजूद बमुश्किल कम रक्त उपलब्ध हो पाता है। आमजन को रक्तदान के लिए प्रेरित करने और उसके फायदे समझाने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरण अभियान चलाया जाए। रक्तदान विषय को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए। रक्तदान करने वालों को हर जगह मान-सम्मान मिलना चाहिए, ताकि अन्य लोग भी प्रेरित हों। उन्हें विशेष सुविधाएं भी मिलनी चाहिए।
-साजिद अली, इंदौर
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रक्तदाता को भी रक्त दिया जाए
रक्तदान करने वाले को उपहार स्वरूप कुछ दिया जाना चाहिए जैसे- हेलमेट, डायरी, पर्स, टी शर्ट आदि। रक्तदाता को या किसी परिवार जन को रक्त की आवश्यकता होने पर ब्लड बैंक से तुरंत रक्त की व्यवस्था की जाए। रक्तदाताओं को भी रक्तदान दिवस पर रोडवेज बसों मे मुफ्त यात्रा की सुविधा देनी चाहिए। रक्तदाताओं को सम्मानित करना चाहिए।
-आनंद कुमार, सीकर
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जागरूकता अभियान की जरूरत
सरकार को रक्तदान के प्रति ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियान शुरू करना चाहिए। हर ग्राम पंचायत व वार्ड स्तर पर ब्लड बैंक केंद्र खोलने चाहिए। सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में भी ब्लड बैंक केंद्र खोलना चाहिए, जिससे लोगों को समय पर ब्लड उपलब्ध हो सके। हर माह रक्तदान शिविर आयोजित करना चाहिए। सभी सामाजिक संगठनों, सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया के माध्यम से रक्तदान के प्रति लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए।
-आलोक वालिम्बे, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
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महिलाएं भी करें रक्तदान
रक्तदान के लिए जन जागरूकता अभियान शुरू किया जाना चाहिए। विशेष रूप से महिलाओं में एक भ्रम है कि मासिक धर्म के कारण उनके शरीर में तो वैसे ही खून की कमी हो जाती है। मासिक धर्म से रक्तदान का कोई संबंध नहीं है। महिलाएं बेझिझक रक्तदान कर सकती हैं। पुरुष हो या महिला, सभी को रक्तदान करना चाहिए। हमारे छोटे से दान से किसी की जान बच सकती है। इसलिए घर-घर रक्तदान की अलख जगानी होगी।
-लता अग्रवाल, चित्तौडग़ढ़
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रक्तदान से नहीं आती कमजोरी
लोगों की इस धारणा पर विराम लगे कि रक्तदान से शरीर में कमजोरी आती है। रक्तदान महादान है, रक्तदान से कोई बड़ा पुण्य नहीं जैसी बातों से लोगों को प्रेरित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए। रक्तदान का महत्त्व बताया जाए। रक्तदान से न कमजोरी आती और न कोई दूसरा खतरा, इस बात का प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।
-शिवजी लाल मीना, जयपुर
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भ्रांतियों पर विराम की दरकार
रक्तदान को लेकर लोगों में कई तरह की भ्रांतियां हंै। इन भ्रांतियों का निस्तारण कर लोगों को रक्तदान की उपयोगिता और आवश्यकता के बारे में विभिन्न माध्यमों से जागरूक करना जरूरी है। बढ़ती बीमारियों व दुर्घटनाओं के दौर में हर किसी को रक्त की जरूरत कभी भी कहीं भी महसूस हो सकती है। रक्तदान का महत्व समझाने की मुहिम प्रत्येक स्तर पर चलाई जानी चाहिए।
—मनोज जैन, टोंक
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जरूरी है जागरूकता
दूसरों का जीवन बचाने के लिए रक्तदान बहुत जरूरी है, लेकिन ऐसा करने वाले लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठते हैं। रक्तदान की मुहिम को उतना प्रोत्साहन नहीं मिल पा रहा है, जितना अपेक्षित है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण लोगों में फैली भ्रांतियां हैं, जैसे कि रक्तदान से शरीर कमजोर हो जाता है और उस रक्त की भरपाई होने में काफी समय लग जाता है। यह गलतफहमी भी व्याप्त है कि नियमित खून देने से लोगों की रोग प्रतिकारक क्षमता कम हो जाने के कारण बीमारियां जल्दी जकड़ लेती हैं। ऐसी मानसिकता के चलते रक्तदान लोगों के लिए हौवा बन गया है। रक्तदान के प्रति जागरूकता जिस स्तर पर लाई जानी चाहिए थी, उस स्तर पर न तो कोशिश हुई और न ही लोग जागरूक हुए। अधिक से अधिक लोगों को भ्रांतियों से अवगत करा कर रक्तदान के प्रति जागरूकता प्रसारित की जा सकती है।
-डॉ.अजिता शर्मा, उदयपुर
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ब्लड ग्रुप का रखें ध्यान
रक्तदान के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने की जरूरत है। शहरों तथा कस्बों में रक्तदान प्रेरक विकास यात्रा निकालकर तथा परीक्षण शिविर लगाकर लोगों को रक्तदान के प्रति प्रेरित करना चाहिए। हर व्यक्ति को अपने रक्त समूह की जानकारी हो, इसके लिए रक्त परीक्षण शिविर लगाएं जाएं और ब्लड ग्रुप डायरेक्टरी तैयार रखी जाए, ताकि समय पर जरूरतमंद लोगों को रक्त मिल सके।
- सरिता प्रसाद, पटना, बिहार
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ताकि बनी रहे रक्त की उपलब्धता
रक्तदान को महादान कहा माना जाता है। कोरोना काल में रक्त बैंकों में रक्त की कमी देखने को मिल रही है। रक्त की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए लोगों को बढ़-चढक़र रक्तदान करना होगा। जागरूकता की कमी महसूस की जा रही है। प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया प्रभावी माध्यम हो सकता है। लोगों के मन में रक्तदान से जुड़ी कई भ्रांतियां हैं। उनको दूर करना होगा। बड़े स्तर पर अभियान चलाना चाहिए।
- अणदाराम बिश्नोई, जयपुर
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हर व्यक्ति करे रक्तदान
हर व्यक्ति को स्वयं रक्तदान करना चाहिए और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। वर्तमान में मोबाइल के जरिए करीबी रिश्तेदार और दोस्तों से आग्रह किया जा सकता है कि वे रक्तदान जरूर करें।
-निर्मल पोकरणा, बैंगलूरू
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रक्तदान के लिए युवाओं को प्रेरित किया जाए
खून देना और किसी की जिंदगी को बचाना पुण्य का काम है। हमें खून डोनेट कर दूसरों को भी खून डोनेट करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। दुनिया का कोई वैज्ञानिक खून बना नहीं सकता है। जरूरत पडऩे पर एक इंसान का खून ही किसी दूसरे की जिंदगी बचा सकता है। ब्लड डोनेट के सिवाय कोई दूसरा विकल्प नहीं है। कई लोग हमेशा खून डोनेट करने के लिए तैयार रहते हैं। रक्तदान करने के बाद सेहत ठीक रहती है। हर युवा को रक्तदान के लिए प्रेरित करना होगा।
-कांतिलाल मांडोत, सूरत
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रक्तदाताओं का सम्मान किया जाए
सबको यह बात समझानी चाहिए कि ऑक्सीजन कृत्रिम रूप से बन सकती है, रक्त नहीं। रक्तदान को लेकर समाज में कई भ्रांतियां फैली हुई हैं, जिनको दूर करने के लिए मुहिम चलानी चाहिए। सामाजिक संगठनों व प्रशासन को रक्तदाताओं को सम्मान देकर उनका हौसला बढ़ाना चाहिए, जिससे अन्य लोग भी प्रेरित हों।
-सचिन सनाढ्य बारां
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नुक्कड़ नाटक कर सकते हैं मदद ़
आज के समय में रक्तदान करने में जन मानस का रुझान बहुत ही कम है। विशेष कर छोटे शहरों में और ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग रक्तदान करने में हिचकते है। इसके लिए आज आवश्यकता है कि जन मानस में रक्तदान के प्रति जो भ्रांतियां फैली हुई हैं, उनका निवारण किया जाना चाहिए। साथ ही रक्तदान के लिए लोगों को जागरूक और प्रेरित करना चाहिए। छोटी-छोटी वीडियो फिल्में और गली-मोहल्लों में नुक्कड़ नाटकों के द्वारा भी रक्तदान के लिए अलख जगाई जा सकती है।
-आशुतोष शर्मा, विद्याधर नगर जयपुर
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अब भी बना हुआ है भ्रम
रक्तदान के लिए लोगों को जागरूक करके इस संबंध में व्याप्त भ्रांतियां दूर की जाए। आज भी कई लोग रक्तदान से शरीर में रक्त कम हो जाने के मिथक को सही मानते हैं। सामाजिक स्तर पर कैंप आयोजित करने के साथ रक्तदाताओं को सम्मानित किया जाए।
कुलदीप भाटी, सूरसागर, जोधपुर
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पुण्य की अवधारणा से जोड
सर्वप्रथम आम जन को रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर कर इसे पुण्य की अवधारणा से जोड़ने की आवश्यकता है। अधिक से अधिक रक्तदान शिविरों का आयोजन कर लोगों को इसकी महत्ता बतानी चाहिए कि वह कितनी जिंदगियों को बचा सकता है। लोगों को बताना होगा की इसका शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता
-विनायक गोयल, रतलाम
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रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएं
रक्तदान सभी का सामाजिक दायित्व है। प्रतिमाह रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाना चाहिए। रक्तदान जनसेवा का है प्रमाण। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को रक्तदान के लाभदायक परिणामों के बारे में लोगों को जागरूक करना चाहिए। रक्तदान से बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है।
-शिवओम पाराशर, अहमदाबाद, गुजरात
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दूर करनी होगी गलतफहमी
रक्तदान महादान जैसे नारे सही मायने में तब ही सफल होंगे जब लोग स्वेच्छापूर्वक रक्तदान करने आगे आएंगे। आज भी रक्तदान को लेकर लोगों में गलतफहमी है कि इससे शरीर कमजोर हो जाता है। ग्रामीण अंचलों में आज भी लोग रक्तदान करने से हिचकिचाते हैं। पिछले वर्षों में रक्तदान को लेकर लोगों में कुछ जागरूकता जरूर आई है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों द्वारा रक्तदान शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। यह अभियान आगे बढ़़ऩा चाहिए।
-लक्ष्मण नायडू, रायपुर, छत्तीसगढ़़

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