scriptHow can radical forces be stopped? | विभिन्न देशों में उभरती कट्टरपंथी ताकतों को कैसे रोका जा सकता है? | Patrika News

विभिन्न देशों में उभरती कट्टरपंथी ताकतों को कैसे रोका जा सकता है?

पत्रिकायन में सवाल पूछा गया था। पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आईं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं।

Published: August 22, 2021 04:50:03 pm

मानसिकता परिवर्तन जरूरी
विभिन्न देशों में उभरती कट्टरपंथी ताकतों से निपटने के लिए विश्व को एक व्यापक नीति की आवश्यकता है। न केवल उन लोगों को बचाना जरूरी है, जो कट्टरता से प्रभावित हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी इस रास्ते पर जाने से रोकना जरूरी है। इस नीति के तहत व्यक्ति, परिवार, धर्म और मनोविज्ञान जैसे पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। कट्टरता से प्रभावित व्यक्ति की मानसिकता में स्थाई परिवर्तन का प्रयास होना चाहिए।
-रोहिताश मीना खिवास, जमवारामगढ़, जयपुर
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विभिन्न देशों में उभरती कट्टरपंथी ताकतों को कैसे रोका जा सकता है?
विभिन्न देशों में उभरती कट्टरपंथी ताकतों को कैसे रोका जा सकता है?
सभी देश एकजुट हों
कट्टरपंथ वह ताकत होती है, जो किसी तर्क को स्वीकार न करते हुए अपने ही पंथ को श्रेष्ठ मानने की हठधर्मिता पालती हो। ऐसी ताकतों को रोकने के लिए सभी देशों को मिलकर एक ऐसा संगठन बनाना चाहिए, जो अत्याचार, खून-खराबा, भेदभाव, आतंक जैसी घटनाओं पर लगाम लगा सके। ऐसे कट्टरपंथियों की सोच को बदलना चाहिए।
-अजय चौधरी, बाड़मेर
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संयुक्त राष्ट्र की भूमिका
संयुक्त राष्ट्र विश्व का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसका उद्देश्य शांति स्थापित करना है। ऐसी क्रूर ताकतों को रोकना है, जो आतंकवाद को बढ़ावा देती हैं। संयुक्त राष्ट्र को चाहिए कि वह कट्टरपंथी नेताओं से बातचीत करे एवं लोकतंत्र की पैरवी करे। संयुक्त राष्ट्र के स्थाई सदस्य देशों को इसके बारे में विचार करना होगा। अपने स्वार्थ को छोड़कर कट्टरपंथियों पर दबाव डालना होगा।
-अजय सिंह सिरसला,चुरू
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सर्वमान्य नीति बनाई जाए
विभिन्न देशों में उभरती कट्टरपंथी ताकतों से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र को सर्वमान्य नीति बनाने पर ध्यान देना होगा। सदस्य देशों की सक्रियता से ही धार्मिक, जातीय, क्षेत्रीय भावनाओं को भड़काने वालों पर लगाम लगाई जा सकती है।
-शिवजी लाल मीना, जयपुर
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धार्मिक सौहार्द जरूरी
प्रत्येक राष्ट्र को धार्मिक सौहार्द कायम करते हुए वैमनस्य समाप्त करना होगा। आपसी सहयोग जैसी भावनाओं को मुखर होने के लिए माहौल देना होगा। शिक्षा का प्रसार अंतिम व्यक्ति तक करना होगा, ताकि कट्टरपंथी किसी के अज्ञान का लाभ न उठा सके। संयुक्त राष्ट्र को आगे आते हुए विपन्न राष्ट्रों की प्रगति में सहायता करनी होगी, ताकि अभावों के कारण कोई युवा दिग्भ्रमित न हो। अंत में मानव धर्म को सभी धर्मों से ऊपर मानना होगा।
-सोफिल डांगी, जयपुर
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ठोस नीति जरूरी
विभिन्न देशों में उभर रही गलत और कट्टरपंथी ताकतों को रोकने के लिए दुनिया के सभी शांतिप्रिय देशों को संगठित हो कर एक ठोस नीति बनानी होगी। ऐसा जल्द नहीं किया गया तो इस दुनिया को गलत लोगों के हाथों से बचाना फिर नामुमकिन होगा। ध्यान रखना चाहिए कि संगठन में ही ताकत है।
-सुशील अग्रवाल, जयपुर
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प्रभावी कदम उठाए जाएं
विश्व के विभिन्न देशों में कहीं न कहीं कट्टरपंथी ताकतें किसी न किसी रूप में मौजूद हंै। इन उभरती हुई ताकतों को समय रहते नहीं रोका गया तो ये बड़ा ही भयावह रूप लेकर अशांति का कारण बन जाएंगी। इन्हें रोकने के लिए वहां की सरकार को ठोस तथा प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि हालात बेकाबू होने से पहले ही संभल जाएं ।
-हरि सिंह राठौड़, सेमारी, उदयपुर
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बंद हो भेदभाव
सबसे पहले हमें कट्टरपंथी शब्द का मतलब पता होना चाहिए, क्योंकि इस समस्या का उत्तर भी इसी में छुपा हुआ है। कट्टरपंथी किसी मत या विचारधारा के प्रति बहुत अधिक आग्रही होता है। वह किसी तर्क को स्वीकार न करते हुए अपने ही पंथ को श्रेष्ठ मानने की हठधर्मिता पालता है। कट्टरपंथी मनुष्य किसी भी धर्म का हो, वास्तव में वह धर्म से कोसों दूर होता है। बेहतर तो यह है कि समाज में धर्म, जाति, समुदाय और रंग के के आधार पर भेदभाव बंद किया जाए। जातिवादी राजनीति और धार्मिक राजनीति के स्थान पर विकासरूपी राजनीति पर बल दिया जाए। कट्टरपंथी देशों पर तत्काल वैश्विक प्रतिबंध लगाया जाए।
पवन, बड़वानी, मप्र
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जरूरी है एकजुटता
कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ सबको एकजुट होना बहुत जरूरी है। तालिबान की क्रूरता के कारण आज वैश्विक आतंकवाद फैल रहा है। आतंकी ताकतों को कुचलना बहुत जरूरी है। यदि सभी देश विश्व में अमन चैन एवं विश्वास का वातावरण चाहते हैं, तो तालिबानी जैसी ताकतों के खिलाफ शीघ्र ही एकजुट हो जाना चाहिए।
-सतीश उपाध्याय, मनेंद्रगढ़ कोरिया, छत्तीसगढ़
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कट्टरपंथी संगठनों के खिलाफ सख्ती जरूरी
विभिन्न देशों में उभरती कट्टरपंथी ताकतों को रोका जा सकता है। सभी देश अपने निजी राजनीतिक स्वार्थ को छोड़कर अपने-अपने देश में पल रही कट्टरपंथी ताकतों को सख्ती से रोकें तथा उन पर प्रतिबंध लगाएं। दूसरा जो देश इस तरह की कट्टरपंथी संस्थाओं को फंडिंग कर रहे हैं, उन देशों को विश्व मंच से अलग-थलग करके उन पर भारी आर्थिक प्रतिबंध लगाएं। भविष्य में भी ऐसी कट्टरपंथी सोच का विस्तार ना हो इसके लिए शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए। शिक्षा ही अंधविश्वास और कट्टरपंथी सोच को खत्म कर सकती है। नैतिक शिक्षा पर ध्यान दिया जाए।
-कमलेश सोमानी, चित्तौडग़ढ़
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जरूरी है सख्ती
कट्टरपंथी ताकतें धर्म का सहारा लेती हैं। कट्टरपंथियों को शुरुआत से ही सख्ती से निपटा जाना चाहिए कट्टरपंथियों को आर्थिक सहायता दृढ़ता से रोकना चाहिए। अशिक्षा और गरीबी दूर करने के तथा कानून की व्यवस्था सुधारने और बेरोजगारी को दूर करने पर ध्यान देना चाहिए।
-डॉक्टर माधव सिंह, श्रीमाधोपुर, सीकर
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समूचे विश्व को उठाने होंगे कदम
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे ने पूरी दुनिया को सकते में डाल दिया है। तालिबानियों की बर्बरता, अत्याचार, क्रूरता को देखते हुए उन्हें दैत्य कहना ही उचित प्रतीत होता है। कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ समूचा विश्व अगर चुप्पी थामें बैठा रहेगा तो स्थितियां कैसे बदल सकती है ? ऐसे में सभी देशों को मिलकर कदम उठाने होंगे।
कुमकुम सुथार, रायसिंहनगर, श्रीगंगानगर
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रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं
तकनीकी आधारित रोजगारपरक शिक्षा व गरीबी उन्मूलन से संबंधित कारगर योजनाएं लागू कर युवा वर्ग को कट्टरपंथी ताकतों के संपर्क में आने व धर्म के नाम पर बरगलाने से बचाया जा सकता है। सामूहिक रूप से विभिन्न देशों द्वारा प्रभावी व कड़ी कानूनी कार्रवाई से कट्टरपंथी कार्यकलापों को प्रतिबंधित किया जा सकता है ।
-दौलतराम गोदारा, पीलीबंगा, हनुमानगढ़
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एकजुटता जरूरी
हमारे देश के सभी धर्म और जातियों के लोग अगर एक हो जाएं, तो ऐसी कोई ताकत नहीं है जो हमें रोक पाए। इसी प्रकार हमारे देश के सभी लोग एकजुट हो जाएं, तो कट्टरपंथी ताकतों को रोका जा सकता है।
-अभिनव शर्मा, रायपुर छत्तीसगढ़
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रणनीति बनानी होगी
कट्टरपंथी ताकतें दुष्प्रचार के जरिए समाज के एक बड़े तबके में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही हैं। हमें सीमा पार से कट्टरपंथियों को मिलने वाले धन को रोकने के लिए रणनीति बनानी चाहिए। हम व्यापक प्रतिक्रिया के जरिए इससे निपट सकते हैं।
- पिहु अग्रवाल, कोटा
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जरूरी है लगाम
कट्टरपंथी ताकतों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर यह निर्णय हो कि जिस देश में कट्टरपंथी अपनी जड़ें मजबूत कर रहे हैं, उस देश पर कई तरह के प्रतिबंध लगाना चाहिए। मानवता के नाते सभी को कट्टरवादी संगठनों पर लगाम लगाने को लेकर प्रतिबद्धता जतानी चाहिए, तभी इन ताकतों को रोका जा सकता है।
- यशवन्त, भावसार, बांसवाड़ा
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खुलकर विरोध करें
कट्टरपंथियों को रोकने के लिए सभी सरकारें एक साथ एक जैसा कानून बनाएं और उस पर अमल करें, ताकि पूरी दुनिया में इन कट्टरपंथियों को रोका जा सके। एक या दो देश मिलकर इन कट्टरपंथियों को नहीं रोक सकते, क्योंकि इनकी ताकत दिन-ब-दिन बड़ी होती जा रही है। कट्टरपंथियों का खुलकर विरोध करना चाहिए।
-नरेंद्र रलिया, भोपालगढ़,जोधपुर
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साझा वैश्विक नीति की जरूरत
कट्टरपंथी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए साझा वैश्विक रणनीति तथा हमारे पड़ोसी देशों की सहभागिता हमारे लिए उपयोगी साबित होगी। इस समय अमरीका तथा रूस को पुरानी कड़वाहट को भुलाकर साथ-साथ चलना होगा, वरना हालात बिगड़ते जाएंगे।
एकता शर्मा, गरियाबंद, छत्तीसगढ़
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धार्मिक उन्माद क्यों
विभिन्न धार्मिक शिक्षण संस्थानों में कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा दिया जाता है, जिससे एक व्यक्ति बचपन से ही आतंकवाद और धार्मिक उन्माद की तरफ आकर्षित होता चला जाता है। इसलिए धार्मिक शिक्षण को केवल घर तक सीमित किया जाना चाहिए। सरकार को ऐसे शिक्षण संस्थानों को प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए।
- शुभम बंसल, सवाई माधोपुर

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